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Kaithal News: माता-पिता की सेवा है सर्वोत्तम ः बंसी पुरी
Sat, 07 Sep 2024 04:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 07 Sep 2024 04:57 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। गुहला क्षेत्र की सामाजिक संस्था श्री सनातन धर्म महावीर दल में 37वां विश्व शांति शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ महंत बंसी पुरी ने ध्वजारोहण के साथ किया। महायज्ञ में पहुंचे श्रद्धालुओं महंत बंसी पुरी ने कहा कि सनातन धर्म में माता-पिता की सेवा को सर्वोत्तम माना जाता है।
उन्होंने कहा कि माता-पिता अपनी औलाद के लिए हर प्रकार का कष्ट सहते हैं। जन्म से लेकर जवानी तक उनकी हर इच्छा को पूरा करते हैं। इतना कुछ करने के बावजूद बहुत सारे बच्चे अपने माता-पिता की उपेक्षा करते हैं और बुढ़ापे में उनकी सेवा करने की बजाए कष्ट देते हैं।
बंसी पुरी ने कहा कि मां बाप को कष्ट देने वाली औलाद किसी भी लोक में सुख नहीं पा सकती। महंत बंसी पुरी ने कहा कि मंदिर, मस्जिद या गुरुद्वारा में जाकर पूजा-अर्चना करने की बजाए घर में बैठे अपने बुजुर्ग माता-पिता की सेवा करना ज्यादा फलदायक रहता है।
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बंसी पुरी ने महावीर दल संस्था की ओर से चलाए जा रहे सामाजिक व धार्मिक कार्यक्रमों की सराहना की। संस्था के प्रधान सतप्रकाश गर्ग ने बताया कि इस संस्था की शुरूआत 1972 में एक छोटी सी डिस्पेंसरी से की थी, जो आज एक वट वृक्ष के रूप में क्षेत्र के लोगों की सेवा कर रही है। शतचंडी यज्ञ से पहले मातृ शक्ति ने शहर कलश यात्रा भी निकाली।
इस अवसर पर राम कुमार मित्तल, रमेश जिदंल, राज कुमार गर्ग, श्रवण, मनी राम गर्ग, चिमन लाल बंसल व रामधन गर्ग सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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गुहला-चीका। गुहला क्षेत्र की सामाजिक संस्था श्री सनातन धर्म महावीर दल में 37वां विश्व शांति शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ महंत बंसी पुरी ने ध्वजारोहण के साथ किया। महायज्ञ में पहुंचे श्रद्धालुओं महंत बंसी पुरी ने कहा कि सनातन धर्म में माता-पिता की सेवा को सर्वोत्तम माना जाता है।
उन्होंने कहा कि माता-पिता अपनी औलाद के लिए हर प्रकार का कष्ट सहते हैं। जन्म से लेकर जवानी तक उनकी हर इच्छा को पूरा करते हैं। इतना कुछ करने के बावजूद बहुत सारे बच्चे अपने माता-पिता की उपेक्षा करते हैं और बुढ़ापे में उनकी सेवा करने की बजाए कष्ट देते हैं।
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बंसी पुरी ने कहा कि मां बाप को कष्ट देने वाली औलाद किसी भी लोक में सुख नहीं पा सकती। महंत बंसी पुरी ने कहा कि मंदिर, मस्जिद या गुरुद्वारा में जाकर पूजा-अर्चना करने की बजाए घर में बैठे अपने बुजुर्ग माता-पिता की सेवा करना ज्यादा फलदायक रहता है।
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बंसी पुरी ने महावीर दल संस्था की ओर से चलाए जा रहे सामाजिक व धार्मिक कार्यक्रमों की सराहना की। संस्था के प्रधान सतप्रकाश गर्ग ने बताया कि इस संस्था की शुरूआत 1972 में एक छोटी सी डिस्पेंसरी से की थी, जो आज एक वट वृक्ष के रूप में क्षेत्र के लोगों की सेवा कर रही है। शतचंडी यज्ञ से पहले मातृ शक्ति ने शहर कलश यात्रा भी निकाली।
इस अवसर पर राम कुमार मित्तल, रमेश जिदंल, राज कुमार गर्ग, श्रवण, मनी राम गर्ग, चिमन लाल बंसल व रामधन गर्ग सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।