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Kaithal News: सेक्टर-20 की सड़कों पर गड्ढों के साथ सीवरेज व्यवस्था बदहाल
Tue, 20 Jan 2026 01:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 20 Jan 2026 01:49 AM IST
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सेक्टर-20 की जर्जर सड़क से गुजरते वाहन चालक।
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर का पॉश इलाका माना जाने वाला सेक्टर-20 इन दिनों बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। विकास और सुविधाओं के दावों के बीच जमीनी हकीकत पूरी तरह विपरीत नजर आ रही है। सेक्टर की मुख्य सड़कों से लेकर अंदरूनी गलियों तक हर ओर गड्ढों का बोलबाला है, वहीं सीवरेज व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा चुकी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं।
सेक्टर-20 की सड़कों की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि यहां वाहन चलाना तो दूर, पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। सड़कों पर जगह-जगह एक से दो फीट तक गहरे गड्ढे बन चुके हैं। दोपहिया वाहन चालक आए दिन इन गड्ढों की चपेट में आकर गिर रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं। रात के समय अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ जाती है। कई लोगों की गाड़ियों का सस्पेंशन खराब हो चुका है, वहीं लगातार झटकों के कारण कमर दर्द जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। हल्की सी बारिश होते ही ये गड्ढे तालाब का रूप ले लेते हैं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
निवासियों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सेक्टर स्थित सामुदायिक केंद्र की हालत भी खराब है और साफ-सफाई की व्यवस्था नाममात्र की रह गई है। गंदगी और जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
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सेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के पूर्व प्रधान रामप्रताप गोयल ने बताया कि सेक्टर की सीवर लाइनें काफी पुरानी हो चुकी हैं और बार-बार चोक हो जाती हैं। गंदा पानी सड़कों पर बहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। कई बार सीवर का पानी लोगों के घरों के बेसमेंट तक में घुस जाता है, जिससे इमारतों की नींव को भी नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी केवल फाइलों में विकास दिखा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
सीवरेज की समस्या... बीमारी को खुला निमंत्रण
सड़कों की खस्ताहाली के साथ-साथ सेक्टर-20 की सीवरेज प्रणाली भी गंभीर संकट में है। जगह-जगह मैनहोल ओवरफ्लो हो जाते हैं, जिससे सड़कों पर गंदा पानी जमा हो जाता है। इस दूषित पानी से उठने वाली तेज दुर्गंध ने लोगों का घरों में रहना तक मुश्किल कर दिया है। सीवरेज के ढक्कन और गड्ढे अपनी मूल स्थिति खो चुके हैं और कई स्थानों पर ऊंचे-नीचे हो गए हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है।
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कैथल। शहर का पॉश इलाका माना जाने वाला सेक्टर-20 इन दिनों बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। विकास और सुविधाओं के दावों के बीच जमीनी हकीकत पूरी तरह विपरीत नजर आ रही है। सेक्टर की मुख्य सड़कों से लेकर अंदरूनी गलियों तक हर ओर गड्ढों का बोलबाला है, वहीं सीवरेज व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा चुकी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं।
सेक्टर-20 की सड़कों की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि यहां वाहन चलाना तो दूर, पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। सड़कों पर जगह-जगह एक से दो फीट तक गहरे गड्ढे बन चुके हैं। दोपहिया वाहन चालक आए दिन इन गड्ढों की चपेट में आकर गिर रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं। रात के समय अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ जाती है। कई लोगों की गाड़ियों का सस्पेंशन खराब हो चुका है, वहीं लगातार झटकों के कारण कमर दर्द जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। हल्की सी बारिश होते ही ये गड्ढे तालाब का रूप ले लेते हैं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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निवासियों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सेक्टर स्थित सामुदायिक केंद्र की हालत भी खराब है और साफ-सफाई की व्यवस्था नाममात्र की रह गई है। गंदगी और जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
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सेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के पूर्व प्रधान रामप्रताप गोयल ने बताया कि सेक्टर की सीवर लाइनें काफी पुरानी हो चुकी हैं और बार-बार चोक हो जाती हैं। गंदा पानी सड़कों पर बहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। कई बार सीवर का पानी लोगों के घरों के बेसमेंट तक में घुस जाता है, जिससे इमारतों की नींव को भी नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी केवल फाइलों में विकास दिखा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
सीवरेज की समस्या... बीमारी को खुला निमंत्रण
सड़कों की खस्ताहाली के साथ-साथ सेक्टर-20 की सीवरेज प्रणाली भी गंभीर संकट में है। जगह-जगह मैनहोल ओवरफ्लो हो जाते हैं, जिससे सड़कों पर गंदा पानी जमा हो जाता है। इस दूषित पानी से उठने वाली तेज दुर्गंध ने लोगों का घरों में रहना तक मुश्किल कर दिया है। सीवरेज के ढक्कन और गड्ढे अपनी मूल स्थिति खो चुके हैं और कई स्थानों पर ऊंचे-नीचे हो गए हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है।

सेक्टर-20 की जर्जर सड़क से गुजरते वाहन चालक।

सेक्टर-20 की जर्जर सड़क से गुजरते वाहन चालक।