कैथल। जिला परिषद के माध्यम से गांवों में हुए सफाई घोटाले के मास्टरमाइंड पूर्व डिप्टी सीईओ जसविंद्र सहित अन्य आठ आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर 15 दिन बाद भी सफलता नहीं मिल पाई है। इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसीबी की पांच से छह टीमें अलग-अलग ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। साथ ही आरोपियों के परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है। अब जल्द ही सफाई के कार्य करने वाले मस्ट्रोल के कर्मियों से भी पूछताछ कर उनके बयान लिए जाएंगे। मामले में 15 आरोपियों ने जिले की 151 पंचायतों में पांच लाख से नौ लाख 99 हजार 999 रुपये के फर्जी बिल दिखाकर गबन किया है। इसमें अभी तक केवल सात आरोपी ही गिरफ्तार हो पाए हैं।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2021 में सरकार ने जिला परिषद में करीब 12 करोड़ रुपये की ग्रांट को मंजूरी दी थी। इसमें से 10.16 करोड़ रुपये की राशि कामों के लिए आई। जिसमें से आरोपियों ने सात करोड़ रुपये का गबन कर लिया और करीब 30 प्रतिशत तक राशि से काम करवाए। इस घोटाले में अब तक कैथल में पंचायती राज के एसडीओ रहे रोहतक के एक्सईएन नवीन, कैथल में पंचायती राज के जेई जसबीर सिंह, अकाउंटेंट कुलवंत के साथ पंचायती राज के ठेकेदार गांव फरियाबाद निवासी दिलबाग सिंह, गांव फतेहपुर निवासी अभय संधू, ठेकेदार राजेश व पूंडरी निवासी अनिल को गिरफ्तार किया गया है। एसीबी कैथल के प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि घोटाला मामले की जांच लगातार जारी है। हर पहलू पर गहनता से जांच की जा रही है। फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है, जल्द ही सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।