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Kaithal News: सीसीआई में पहुंची एससीपीसीआर की अध्यक्ष, बच्चों से की बात
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नारायणगढ़ के राधा कृष्ण आश्रम में एससीपीसीआर की अध्यक्षा प्रवीन जोशी को आश्रम के पदाधिकारी चित
नारायणगढ़। नारायणगढ़ के राधा कृष्ण बाल आश्रम से सोमवार को आश्रम से स्कूल गया किशोर संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। हैरानी की बात है कि एक दिन पहले बच्चे ने अपनी मां को मदर्स डे पर विश करने के लिए फोन भी घर मिलवाया था मगर बात नहीं हो सकी।
नारायणगढ़ थाना पुलिस ने चाइल्ड केयर संस्था राधा कृष्ण बाल आश्रम से शुभम शर्मा की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। शिकायत में शुभम ने बताया कि राधा कृष्ण बाल आश्रम में निराश्रित और गुमशुदा बच्चों को बाल कल्याण समिति के आदेशानुसार आश्रय प्रदान किया जाता है। इस समय बाल देखरेख संस्थान में 15 बच्चे रह रहे हैं। बाल देखरेख संस्थान का एक बालक 15 वर्षीय किशोर 13 मई को सुबह लगभग 8.30 बजे राजकीय प्राथमिक पाठशाला में गया था और वहां से बिना बताए बाहर निकल गया। काफी तलाश करने पर भी उसका कोई सुराग नहीं लगा।
अब पुलिस केस दर्ज होने के बाद किशोर को खोजने में जुटी हुई है। इधर राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा प्रवीन जोशी भी औचक निरीक्षण करने नारायणगढ़ के इस आश्रम में पहुंच गईं। यहां उन्होंने पूर्व में भागे बच्चों से बात कीं और भागने का कारण पूछा। वहीं उनकी केस फाइल भी देखी। इसके साथ ही आश्रम से सोमवार को लापता हुए बच्चे को लेकर भी पड़ताल की और मामले में जल्द से जल्द कार्यवाही करने के निर्देश दिए। वहीं बाल कल्याण समिति की चेयरपर्सन रंजीता सचदेवा भी मामले को देख रहीं हैं।
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फरवरी में तीन बच्चे हुए थे लापता, दो लौटे
इससे पहले राधा कृष्ण बाल आश्रम नारायणगढ़ से फरवरी माह में तीन बच्चे पतंग उड़ाते हुए कहीं लापता हो गए थे। इस मामले की रिपोर्ट नारायणगढ़ थाने में दर्ज कराई गई। पुलिस ने दावा किया कि उन्हाेंने अपने स्तर पर बच्चों को काफी खोजा मगर बच्चों के परिजनों व कोई लीड ही नहीं मिल सकी। ऐसे में इस मामले में दो महीने तक बच्चे गायब रहे। अब दो से तीन दिन पहले इसमें से दो बच्चे सहारनपुर से वापस लौट आए। उन्होंने बाल कल्याण समिति अंबाला को फोन पर संपर्क किया था। इसके बाद जिस गांव में जिस व्यक्ति के घर वह रह रहे थे उनको जल्द बच्चों को स्थानीय थाने ले जाने को कहा गया। इसके बाद वह बच्चे सीडब्ल्यूसी के माध्यम से अंबाला पहुंचे।
बच्चे बोले पढ़ाई नहीं करनी, काम सिखाओ
जो बच्चे लौट कर अंबाला आए हैं उनसे सोमवार को राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा प्रवीन जोशी ने बात की। तो उनसे भागने का कारण पूछा गया। जिसमें बच्चों ने बताया कि उन्हें पढ़ाई नहीं करनी है उन्हें काम करना है। बार-बार समझाने के बावजूद दोनों बच्चे काम करने की रट ही लगाते रहे। इसके बाद आयोग की अध्यक्षा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन्हें किसी टेक्निकल व्यक्ति से कौशल आधारित कोर्स करा दिया जाए। जो बच्चा सोमवार को भागा है उसके मामले में बाल कल्याण समिति ने एसपी को पत्र लिखा था ताकि बच्चे को मध्य प्रदेश के सागर निवासी उसके माता पिता के पास भेजा जाए। बच्चे ने मदर्स डे पर अपनी मां से बात करने की इच्छा जताई तो आश्रम के अधीक्षण ने उसके पिता को फोन किया तब पिता बाहर थे उन्होंने बताया कि बच्चा घर से 15 बार भाग चुका है। अब वह थक गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि घर जाकर बच्चे की मां से बात कराएंगे मगर दोबारा फोन नहीं आया।
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नारायणगढ़ थाना पुलिस ने चाइल्ड केयर संस्था राधा कृष्ण बाल आश्रम से शुभम शर्मा की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। शिकायत में शुभम ने बताया कि राधा कृष्ण बाल आश्रम में निराश्रित और गुमशुदा बच्चों को बाल कल्याण समिति के आदेशानुसार आश्रय प्रदान किया जाता है। इस समय बाल देखरेख संस्थान में 15 बच्चे रह रहे हैं। बाल देखरेख संस्थान का एक बालक 15 वर्षीय किशोर 13 मई को सुबह लगभग 8.30 बजे राजकीय प्राथमिक पाठशाला में गया था और वहां से बिना बताए बाहर निकल गया। काफी तलाश करने पर भी उसका कोई सुराग नहीं लगा।
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अब पुलिस केस दर्ज होने के बाद किशोर को खोजने में जुटी हुई है। इधर राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा प्रवीन जोशी भी औचक निरीक्षण करने नारायणगढ़ के इस आश्रम में पहुंच गईं। यहां उन्होंने पूर्व में भागे बच्चों से बात कीं और भागने का कारण पूछा। वहीं उनकी केस फाइल भी देखी। इसके साथ ही आश्रम से सोमवार को लापता हुए बच्चे को लेकर भी पड़ताल की और मामले में जल्द से जल्द कार्यवाही करने के निर्देश दिए। वहीं बाल कल्याण समिति की चेयरपर्सन रंजीता सचदेवा भी मामले को देख रहीं हैं।
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फरवरी में तीन बच्चे हुए थे लापता, दो लौटे
इससे पहले राधा कृष्ण बाल आश्रम नारायणगढ़ से फरवरी माह में तीन बच्चे पतंग उड़ाते हुए कहीं लापता हो गए थे। इस मामले की रिपोर्ट नारायणगढ़ थाने में दर्ज कराई गई। पुलिस ने दावा किया कि उन्हाेंने अपने स्तर पर बच्चों को काफी खोजा मगर बच्चों के परिजनों व कोई लीड ही नहीं मिल सकी। ऐसे में इस मामले में दो महीने तक बच्चे गायब रहे। अब दो से तीन दिन पहले इसमें से दो बच्चे सहारनपुर से वापस लौट आए। उन्होंने बाल कल्याण समिति अंबाला को फोन पर संपर्क किया था। इसके बाद जिस गांव में जिस व्यक्ति के घर वह रह रहे थे उनको जल्द बच्चों को स्थानीय थाने ले जाने को कहा गया। इसके बाद वह बच्चे सीडब्ल्यूसी के माध्यम से अंबाला पहुंचे।
बच्चे बोले पढ़ाई नहीं करनी, काम सिखाओ
जो बच्चे लौट कर अंबाला आए हैं उनसे सोमवार को राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा प्रवीन जोशी ने बात की। तो उनसे भागने का कारण पूछा गया। जिसमें बच्चों ने बताया कि उन्हें पढ़ाई नहीं करनी है उन्हें काम करना है। बार-बार समझाने के बावजूद दोनों बच्चे काम करने की रट ही लगाते रहे। इसके बाद आयोग की अध्यक्षा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन्हें किसी टेक्निकल व्यक्ति से कौशल आधारित कोर्स करा दिया जाए। जो बच्चा सोमवार को भागा है उसके मामले में बाल कल्याण समिति ने एसपी को पत्र लिखा था ताकि बच्चे को मध्य प्रदेश के सागर निवासी उसके माता पिता के पास भेजा जाए। बच्चे ने मदर्स डे पर अपनी मां से बात करने की इच्छा जताई तो आश्रम के अधीक्षण ने उसके पिता को फोन किया तब पिता बाहर थे उन्होंने बताया कि बच्चा घर से 15 बार भाग चुका है। अब वह थक गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि घर जाकर बच्चे की मां से बात कराएंगे मगर दोबारा फोन नहीं आया।