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स्कूल खुले, कई जगह एक बेंच पर बैठे दिखे दो विद्यार्थी
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मई माह के प्रथम सप्ताह में बंद हुए स्कूल शुक्रवार को करीब ढाई महीने के बाद खुले। प्रथम चरण में शिक्षा विभाग ने कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के स्कूलों को खोला। जिले में नौवीं से 12वीं कक्षा के 42 हजार के करीब विद्यार्थियों में से पहले दिन स्कूलों में 30 प्रतिशत से भी कम विद्यार्थी पहुंच पाए। सरकारी और निजी स्कूलों में पहले दिन पहुंचने वाले विद्यार्थियों की संख्या कुल संख्या 14 हजार के आसपास रही। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि पहला दिन शुक्रवार होने के कारण विद्यार्थी कम पहुंचे हैं, सोमवार से विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।
हालांकि शुक्रवार को सुबह नौ से लेकर दोपहर 12 बजे तक ही विद्यार्थियों की कक्षाएं लगाई गई, लेकिन कुछ स्कूलों में अव्यवस्थाओं का आलम रहा। एक-एक बेंच पर दो-दो विद्यार्थी बैठे दिखाई दिए। कइयों बच्चों ने मास्क तक नहीं लगा रखा था। कई जगहों पर तो कक्षा कक्षों में सैनिटाइजर की बोतलें भी दिखाई नहीं दी। कोरोना से बचाव के लिए सामाजिक दूरी के नियमों को भी कई जगहों पर विद्यार्थियों ने दरकिनार किया।
मनाही के बावजूद टोटियों पर पानी पीते रहे विद्यार्थी
शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार विद्यार्थियों को पानी पीने के लिए घर से बोतलें लाने के निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों का बच्चों से पालन करवाना स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है। निर्देशों के बावजूद बच्चे स्कूलों में लगी टोटियों पर पानी पीते देखे गए। ऐसा नहीं है कि बच्चों की ओर किसी स्टाफ सदस्य का ध्यान नहीं गया, लेकिन स्टाफ ने भी इस बात को गंभीरता से नहीं लिया। कक्षाओं में शिक्षक न होने पर विद्यार्थी समूह बनाकर खड़े व बैठे दिखाई दिए।
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जिला शिक्षा अधिकारी अनिल शर्मा ने कहा कि स्कूलों के प्रबंधन को नियमों का सख्ती से पालन करवाने के निर्देश दिए गए हैं। इसे लेकर विभाग के अधिकारियों द्वारा स्कूलों के दौरे भी किए जाएंगे। अगर कहीं किसी चीज की कमी है तो वह स्कूलों को उपलब्ध करवाई जाएगी। साथ ही स्कूलों को नियमों का और ज्यादा गंभीरता से पालन करने के निर्देश दिए जाएंगे।
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हालांकि शुक्रवार को सुबह नौ से लेकर दोपहर 12 बजे तक ही विद्यार्थियों की कक्षाएं लगाई गई, लेकिन कुछ स्कूलों में अव्यवस्थाओं का आलम रहा। एक-एक बेंच पर दो-दो विद्यार्थी बैठे दिखाई दिए। कइयों बच्चों ने मास्क तक नहीं लगा रखा था। कई जगहों पर तो कक्षा कक्षों में सैनिटाइजर की बोतलें भी दिखाई नहीं दी। कोरोना से बचाव के लिए सामाजिक दूरी के नियमों को भी कई जगहों पर विद्यार्थियों ने दरकिनार किया।
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मनाही के बावजूद टोटियों पर पानी पीते रहे विद्यार्थी
शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार विद्यार्थियों को पानी पीने के लिए घर से बोतलें लाने के निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों का बच्चों से पालन करवाना स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है। निर्देशों के बावजूद बच्चे स्कूलों में लगी टोटियों पर पानी पीते देखे गए। ऐसा नहीं है कि बच्चों की ओर किसी स्टाफ सदस्य का ध्यान नहीं गया, लेकिन स्टाफ ने भी इस बात को गंभीरता से नहीं लिया। कक्षाओं में शिक्षक न होने पर विद्यार्थी समूह बनाकर खड़े व बैठे दिखाई दिए।
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जिला शिक्षा अधिकारी अनिल शर्मा ने कहा कि स्कूलों के प्रबंधन को नियमों का सख्ती से पालन करवाने के निर्देश दिए गए हैं। इसे लेकर विभाग के अधिकारियों द्वारा स्कूलों के दौरे भी किए जाएंगे। अगर कहीं किसी चीज की कमी है तो वह स्कूलों को उपलब्ध करवाई जाएगी। साथ ही स्कूलों को नियमों का और ज्यादा गंभीरता से पालन करने के निर्देश दिए जाएंगे।