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Kaithal News: गांव व शहर में चलाए जाएं जल बचाओ जागरूकता अभियान
Fri, 04 Apr 2025 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 04 Apr 2025 01:10 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। लघु सचिवालय के सभागार में वीरवार को उपायुक्त प्रीति ने जल शक्ति अभियान के तहत संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि दिन प्रतिदिन भूजल स्तर गिरता जा रहा है। इसलिए गांव व शहर में जल बचाओ जागरूकता अभियान चलाए जाने की जरूरत है।
डीसी ने कहा कि अगर हमने अब प्रयास नहीं किए तो एक समय ऐसा आएगा कि हमें पानी की बूंद-बंद के लिए तरसना पड़ेगा। इसलिए आने वाली पीढ़ियों के लिए जल की एक-एक बूंद बचाना जरूरी है। इसे बचाने के लिए हमें सामूहिक प्रयास करने होंगे।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से चलाए गए ‘जल संचय-जन भागीदारी-जन जागरूकता की ओर’ अभियान के तहत सभी संबंधित विभाग अपने लक्ष्यों को निर्धारित समय पर पूरा करें। गांव व शहर में जल बचाओ जागरूकता अभियान चलाए जाएं और इनमें आमजन की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से जल शक्ति अभियान कैच दी रेन के छठे संस्करण की शुरुआत की गई है। भू-जल स्तर में सुधार लाने और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण व संवर्धन के लिए सभी मिलकर काम करें। स्कूल, चौपाल, ग्राम सचिवालय, सरकारी भवनों तथा खेतों में रिचार्ज बोरवेल, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम व सोखते गड्ढे बनाए जाएं।
उन्होंने कहा कि जो सिस्टम खराब हालत में पड़े हुए हैं, उन्हें ठीक किया जाए और उनका सही से रखरखाव किया जाए। जल शक्ति अभियान के तहत किए गए कार्यो के बारे में पोर्टल पर अपडेट करें।
डीसी प्रीति ने कहा कि जल शक्ति अभियान के तहत जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन, जियो-टैगिंग और सभी जल निकायों की सूची बनाना, वैज्ञानिक संरक्षण योजनाओं की तैयारी, गहन वनरोपण किए जाएं। केंद्र सरकार द्वारा जल संचय जन भागीदारी अभियान की शुरुआत जल संकट से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस पहल के साथ-साथ भारत सरकार ने जल शक्ति अभियान, अटल भूजल योजना सहित कई कार्यक्रम लागू किए हैं, जिनका उद्देश्य जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना है। सरकार की ओर से जल संचय जन भागीदारी अभियान के तहत वर्षा जल संचयन को बढ़ाने और दीर्घकालिक जल स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए इस अभियान की सतत मॉनिटरिंग की जाए। इस अवसर पर डिप्टी सीईओ जिला परिषद रितु लाठर, डीडीपीओ कंवर दमन, डीडीए बाबूलाल, बागवानी अधिकारी हीरा लाल, बीडीपीओ नेहा व समिता आदि अधिकारी मौजूद रहे।
धान की बजाय अन्य कम जल खपत वाली फसल लगाने की दी सलाह
उपायुक्त प्रीति ने किसानों को धान की बजाय अन्य कम जल खपत वाली फसल लगाने की सलाह दी। कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों को धान की बजाय अन्य कम जल खपत वाली फसल लगाने तथा ड्रिप इरिगेशन के लिए प्रोत्साहित करें। वहीं बागवानी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों को सब्जियां लगाने के लिए प्रेरित करें। सरकार की ओर से नेट हाउस लगाने के लिए योजना चलाई जा रही है उसके बारे में जागरूक करें। जिला परिषद एवं पंचायत विभाग गांव में ग्राम सभा कराएं और जागरूकता अभियान चलाएं। वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अधिक से अधिक पेड़ लगाएं। मुख्य रूप से खेतों व स्कूल आदि की बाउंड्री पेड़ लगाकर कवर किया जाए।
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कैथल। लघु सचिवालय के सभागार में वीरवार को उपायुक्त प्रीति ने जल शक्ति अभियान के तहत संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि दिन प्रतिदिन भूजल स्तर गिरता जा रहा है। इसलिए गांव व शहर में जल बचाओ जागरूकता अभियान चलाए जाने की जरूरत है।
डीसी ने कहा कि अगर हमने अब प्रयास नहीं किए तो एक समय ऐसा आएगा कि हमें पानी की बूंद-बंद के लिए तरसना पड़ेगा। इसलिए आने वाली पीढ़ियों के लिए जल की एक-एक बूंद बचाना जरूरी है। इसे बचाने के लिए हमें सामूहिक प्रयास करने होंगे।
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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से चलाए गए ‘जल संचय-जन भागीदारी-जन जागरूकता की ओर’ अभियान के तहत सभी संबंधित विभाग अपने लक्ष्यों को निर्धारित समय पर पूरा करें। गांव व शहर में जल बचाओ जागरूकता अभियान चलाए जाएं और इनमें आमजन की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से जल शक्ति अभियान कैच दी रेन के छठे संस्करण की शुरुआत की गई है। भू-जल स्तर में सुधार लाने और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण व संवर्धन के लिए सभी मिलकर काम करें। स्कूल, चौपाल, ग्राम सचिवालय, सरकारी भवनों तथा खेतों में रिचार्ज बोरवेल, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम व सोखते गड्ढे बनाए जाएं।
उन्होंने कहा कि जो सिस्टम खराब हालत में पड़े हुए हैं, उन्हें ठीक किया जाए और उनका सही से रखरखाव किया जाए। जल शक्ति अभियान के तहत किए गए कार्यो के बारे में पोर्टल पर अपडेट करें।
डीसी प्रीति ने कहा कि जल शक्ति अभियान के तहत जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन, जियो-टैगिंग और सभी जल निकायों की सूची बनाना, वैज्ञानिक संरक्षण योजनाओं की तैयारी, गहन वनरोपण किए जाएं। केंद्र सरकार द्वारा जल संचय जन भागीदारी अभियान की शुरुआत जल संकट से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस पहल के साथ-साथ भारत सरकार ने जल शक्ति अभियान, अटल भूजल योजना सहित कई कार्यक्रम लागू किए हैं, जिनका उद्देश्य जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना है। सरकार की ओर से जल संचय जन भागीदारी अभियान के तहत वर्षा जल संचयन को बढ़ाने और दीर्घकालिक जल स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए इस अभियान की सतत मॉनिटरिंग की जाए। इस अवसर पर डिप्टी सीईओ जिला परिषद रितु लाठर, डीडीपीओ कंवर दमन, डीडीए बाबूलाल, बागवानी अधिकारी हीरा लाल, बीडीपीओ नेहा व समिता आदि अधिकारी मौजूद रहे।
धान की बजाय अन्य कम जल खपत वाली फसल लगाने की दी सलाह
उपायुक्त प्रीति ने किसानों को धान की बजाय अन्य कम जल खपत वाली फसल लगाने की सलाह दी। कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों को धान की बजाय अन्य कम जल खपत वाली फसल लगाने तथा ड्रिप इरिगेशन के लिए प्रोत्साहित करें। वहीं बागवानी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों को सब्जियां लगाने के लिए प्रेरित करें। सरकार की ओर से नेट हाउस लगाने के लिए योजना चलाई जा रही है उसके बारे में जागरूक करें। जिला परिषद एवं पंचायत विभाग गांव में ग्राम सभा कराएं और जागरूकता अभियान चलाएं। वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अधिक से अधिक पेड़ लगाएं। मुख्य रूप से खेतों व स्कूल आदि की बाउंड्री पेड़ लगाकर कवर किया जाए।