{"_id":"6a8f321da70875654e061984","slug":"sankhya-darshan-one-of-the-oldest-philosophical-texts-satyanarayana-kaithal-news-c-245-1-kht1013-154298-2026-08-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"सांख्य दर्शन प्राचीनतम दार्शनिक ग्रंथों में से एक : सत्यनारायण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सांख्य दर्शन प्राचीनतम दार्शनिक ग्रंथों में से एक : सत्यनारायण
विज्ञापन
कलायत में भगवान कपिल मुनि की आरती करते तीर्थ कमेटी सदस्य व श्रद्धालु। विज्ञप्ति
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कलायत। प्राचीन एवं ऐतिहासिक कपिल मुनि धाम में बुधवार को तीन दिवसीय सांख्य दर्शन कथा का विधिवत शुभारंभ हुआ। कपिल मुनि तीर्थ कमेटी की ओर से आयोजित इस धार्मिक आयोजन के लिए महिलाओं, बड़े-बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। कथा के पहले दिन धाम परिसर धार्मिक वातावरण से सराबोर रहा और श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया।
वृंदावन से पहुंचे आचार्य सत्यनारायण मुख्य कथावाचक के रूप में श्रद्धालुओं को तीन दिनों तक सांख्य दर्शन का महत्व एवं भगवान कपिल मुनि की शिक्षाओं से अवगत कराएंगे। कथावाचक ने कहा कि सांख्य दर्शन प्राचीनतम दार्शनिक ग्रंथों में से एक है। इसके माध्यम से भगवान कपिल मुनि ने मानव जीवन, ज्ञान और विकास का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि भगवान कपिल मुनि ने अपनी माता देवहूति के माध्यम से मानवता को सांख्य दर्शन का गूढ़ ज्ञान प्रदान किया था। इसी भांति भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत के युद्धक्षेत्र में अर्जुन को गीता का उपदेश दिया। उन्होंने कहा कि सांख्य दर्शन मनुष्य को आत्मज्ञान, प्रकृति और पुरुष के संबंध को समझने की प्रेरणा देता है। भगवान कपिल मुनि की शिक्षाएं आज भी मानव जीवन के लिए उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी प्राचीन काल में थीं। उनके विचारों से प्रेरणा लेकर मनुष्य अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।
कथा के शुभारंभ अवसर पर धार्मिक परंपराओं के अनुसार मुख्य कथावाचक का पुजारी संजय शास्त्री व अनिरुद्ध गौतम की मौजूदगी में अभिनंदन किया गया। कपिल मुनि तीर्थ कमेटी प्रधान राजू कौशिक, उपप्रधान आरएस धानियां, मा. कुलदीप भट्ट, नंबरदार संजय सिंगला, पार्षद रवींद्र निर्मल बंटी, प्रदीप राणा, जगदीश रायका, नीरज शर्मा, मुकेश पाराशर, धीरज गनगोरिया, मामराज राणा व अन्य सदस्यों ने अतिथियों और श्रद्धालुओं का स्वागत किया।
विज्ञापन
-- -- -- -- -
कमेटी पदाधिकारियों ने बताया कि तीन दिनों तक चलने वाली कथा में भगवान कपिल मुनि की शिक्षाओं और सांख्य दर्शन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला जाएगा। आयोजन के लिए धाम परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं। 28 अगस्त को कथा के समापन अवसर पर प्राचीन कपिल मुनि तीर्थ की महाआरती करते हुए विशाल भंडारे का आयोजन होगा।
आज पूर्व राज्यमंत्री कमलेश ढांडा होंगी मुख्य यजमान :
कपिल मुनि तीर्थ कमेटी सदस्यों ने बताया कि तीन दिन चलने वाले धार्मिक कार्यक्रम मेंं 27 अगस्त को पूर्व राज्यमंत्री कमलेश ढांडा मुख्य यजमान के रूप में शिरकत करेंगी। इसके बाद वे तीर्थ आरती में हिस्सा लेंगी। 28 को भाजपा प्रांतीय सचिव एवं कैथल जिला प्रभारी अमरपाल राणा कथा में शिरकत करेंगे। इसी तरह राजनेताओं, अधिकारियों व समाज सेवी संगठनों के पदाधिकारियों की उपस्थिति कार्यक्रम में बनी रहेगी।
विज्ञापन
वृंदावन से पहुंचे आचार्य सत्यनारायण मुख्य कथावाचक के रूप में श्रद्धालुओं को तीन दिनों तक सांख्य दर्शन का महत्व एवं भगवान कपिल मुनि की शिक्षाओं से अवगत कराएंगे। कथावाचक ने कहा कि सांख्य दर्शन प्राचीनतम दार्शनिक ग्रंथों में से एक है। इसके माध्यम से भगवान कपिल मुनि ने मानव जीवन, ज्ञान और विकास का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि भगवान कपिल मुनि ने अपनी माता देवहूति के माध्यम से मानवता को सांख्य दर्शन का गूढ़ ज्ञान प्रदान किया था। इसी भांति भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत के युद्धक्षेत्र में अर्जुन को गीता का उपदेश दिया। उन्होंने कहा कि सांख्य दर्शन मनुष्य को आत्मज्ञान, प्रकृति और पुरुष के संबंध को समझने की प्रेरणा देता है। भगवान कपिल मुनि की शिक्षाएं आज भी मानव जीवन के लिए उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी प्राचीन काल में थीं। उनके विचारों से प्रेरणा लेकर मनुष्य अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।
विज्ञापन
कथा के शुभारंभ अवसर पर धार्मिक परंपराओं के अनुसार मुख्य कथावाचक का पुजारी संजय शास्त्री व अनिरुद्ध गौतम की मौजूदगी में अभिनंदन किया गया। कपिल मुनि तीर्थ कमेटी प्रधान राजू कौशिक, उपप्रधान आरएस धानियां, मा. कुलदीप भट्ट, नंबरदार संजय सिंगला, पार्षद रवींद्र निर्मल बंटी, प्रदीप राणा, जगदीश रायका, नीरज शर्मा, मुकेश पाराशर, धीरज गनगोरिया, मामराज राणा व अन्य सदस्यों ने अतिथियों और श्रद्धालुओं का स्वागत किया।
विज्ञापन
कमेटी पदाधिकारियों ने बताया कि तीन दिनों तक चलने वाली कथा में भगवान कपिल मुनि की शिक्षाओं और सांख्य दर्शन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला जाएगा। आयोजन के लिए धाम परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं। 28 अगस्त को कथा के समापन अवसर पर प्राचीन कपिल मुनि तीर्थ की महाआरती करते हुए विशाल भंडारे का आयोजन होगा।
आज पूर्व राज्यमंत्री कमलेश ढांडा होंगी मुख्य यजमान :
कपिल मुनि तीर्थ कमेटी सदस्यों ने बताया कि तीन दिन चलने वाले धार्मिक कार्यक्रम मेंं 27 अगस्त को पूर्व राज्यमंत्री कमलेश ढांडा मुख्य यजमान के रूप में शिरकत करेंगी। इसके बाद वे तीर्थ आरती में हिस्सा लेंगी। 28 को भाजपा प्रांतीय सचिव एवं कैथल जिला प्रभारी अमरपाल राणा कथा में शिरकत करेंगे। इसी तरह राजनेताओं, अधिकारियों व समाज सेवी संगठनों के पदाधिकारियों की उपस्थिति कार्यक्रम में बनी रहेगी।

कलायत में भगवान कपिल मुनि की आरती करते तीर्थ कमेटी सदस्य व श्रद्धालु। विज्ञप्ति