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सेल्समैन ने इंटरनेट से सीखी हैकिंग, मालिक के खाते से उड़ाए दो लाख रुपये
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कपड़ा व्यापारी की दुकान पर काम कर चुके सेल्समैन और इसके दोस्त ने उसी व्यापारी के बैंक खाते से दो लाख 22 हजार रुपये की राशि हड़प ली, जिसके पास किसी समय वह नौकरी करता था। इसके बाद आरोपियों ने हड़पी गई राशि से बिटक्वाइन खरीदे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से हड़पी गई एक लाख रुपये से ज्यादा नकदी और महंगे उपकरण और वारदात में उपयोग उपकरण बरामद किए गए हैं। सेल्समैन ने यूट्यूब से बिटक्वाइन और अन्य तरकीब के बारे में जानकारी जुटाई।
डीएसपी विवेक चौधरी ने महिला थाना में स्थित अपने कार्यालय में प्रेसवार्ता कर मामले का खुलासा किया। डीएसपी सीएडब्ल्यू विवेक चौधरी ने बताया कि 14 जून को कृष्ण गोपाल निवासी मॉडल टाउन कैथल की शिकायत पर थाना शहर में दर्ज मामले के अनुसार 31 मार्च को उसने अपने उज्जीवन बैंक से पासबुक प्रिंट करवाई तो बैंक खाते से अज्ञात व्यक्ति द्वारा 2 लाख 22 हजार रुपये इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से निकाले गए। मामले की जांच करते हुए साइबर सेल पुलिस ने 22 वर्षीय आरोपी महेंद्र कुमार और 20 वर्षीय आरोपी अमित दोनों निवासी खानपुर को अधिनियम 406, 420, 120 बी और आइटी एक्ट की धारा 43, 66, 66 सी के तहत गिरफ्तार किया है।
जांच में सामने आया कि 8वीं फेल आरोपी महेंद्र शिकायतकर्ता कृष्ण की तलाई बाजार स्थित कपड़े की दुकान पर सेल्समैन की नौकरी करता था। उसने यूट्यूब के जरिए बिटक्वाइन और सस्ता सोना और फोन हैकिंग से फ्रॉड करना सीखा। इसके बाद आरोपी ने शिकायतकर्ता के बैंक की स्टेटमेंट जानने के लिए कस्टमर आईडी नोट करने के बाद नकदी हड़पने में अपने दोस्त अमित को भी शामिल किया। आरोपी महेंद्र ने व्यापारी के फोन को क्यूआर कोड के जरिए अपने फोन से जोड़ लिया। इसके बाद जो मैसेज कृष्ण के फोन पर आते थे, वहीं महेंद्र के फोन पर भी आने लगे।
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28 मार्च को दोनों आरोपियों द्वारा महेंद्र के फोन पर उज्जीवन बैंक की एप में व्यापारी की कस्टमर आईडी डालकर पासवर्ड फॉरगेट करने के बाद ओटीपी के माध्यम से शिकायतकर्ता के बैंक खाते में लॉग इन कर लिया गया। इसके बाद आरोपियों द्वारा व्यापारी के बैंक खाते से 2 लाख 22 हजार रुपये ट्रांसफर करके उक्त नकदी से क्वाइन स्विच क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज पर बिटक्वॉइन खरीद लिए गए। अगले दिन दोनों आरोपियों द्वारा उक्त बिटक्वॉइन बेचकर नकदी पेटीएम बैंक खाते में ट्रांसफर कर ली गई। हड़पी गई नकदी के माध्यम से आरोपियों द्वारा 20 हजार 300 रुपये में एक एंड्रायड मोबाइल फोन और 30 हजार रुपये में ए सी खरीदा गया और घूमने फिरने के लिए भूटान जाने के लिए पश्चिम बंगाल के लिए रेलवे टिकट खरीदी गई थी।
डीएसपी ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस द्वारा दोनों आरोपियों के कब्जे से वारदात में उपयोग मोबाइल फोन के अतिरिक्त एक लाख 160 रुपये नकदी, खरीदा गया मोबाइल फोन, एसी और 2 एटीएम कार्ड बरामद किए गए। मामले में जांच जारी है।
उधर, डीएसपी ने भी बताया कि स्पेशल साइबर अपराध शाखा द्वारा जालसाजी और धोखाधड़ी के कई मामलों की जांच करते हुए अब तक 20 अपराधियों सहित 11 लाख 8500 रुपये हड़पी गई राशि बरामद की गई है। अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। इसके अलावा आमजन से ठगे 7 लाख 27 हजार रुपये व 21 लाख बिटक्वाइन रुपयों को फ्रीज करवा कर रिफंड करवाया जा चुका है।
प्वाइंट 0.02 प्रतिशत बिटक्वाइन खरीदा-डीएसपी ने बताया कि एक बिटक्वाइन की कीमत लाखों रुपये है। इन आरोपियों ने 0.02 प्रतिशत बिटक्वॉइन खरीदा। क्योंकि इतनी राशि से ये पूरा एक बिटक्वॉइन भी नहीं खरीद सकते थे। लेकिन आरोपियों ने तकनीक का प्रयोग करके इसे खरीदने में सफलता हासिल की।
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डीएसपी विवेक चौधरी ने महिला थाना में स्थित अपने कार्यालय में प्रेसवार्ता कर मामले का खुलासा किया। डीएसपी सीएडब्ल्यू विवेक चौधरी ने बताया कि 14 जून को कृष्ण गोपाल निवासी मॉडल टाउन कैथल की शिकायत पर थाना शहर में दर्ज मामले के अनुसार 31 मार्च को उसने अपने उज्जीवन बैंक से पासबुक प्रिंट करवाई तो बैंक खाते से अज्ञात व्यक्ति द्वारा 2 लाख 22 हजार रुपये इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से निकाले गए। मामले की जांच करते हुए साइबर सेल पुलिस ने 22 वर्षीय आरोपी महेंद्र कुमार और 20 वर्षीय आरोपी अमित दोनों निवासी खानपुर को अधिनियम 406, 420, 120 बी और आइटी एक्ट की धारा 43, 66, 66 सी के तहत गिरफ्तार किया है।
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जांच में सामने आया कि 8वीं फेल आरोपी महेंद्र शिकायतकर्ता कृष्ण की तलाई बाजार स्थित कपड़े की दुकान पर सेल्समैन की नौकरी करता था। उसने यूट्यूब के जरिए बिटक्वाइन और सस्ता सोना और फोन हैकिंग से फ्रॉड करना सीखा। इसके बाद आरोपी ने शिकायतकर्ता के बैंक की स्टेटमेंट जानने के लिए कस्टमर आईडी नोट करने के बाद नकदी हड़पने में अपने दोस्त अमित को भी शामिल किया। आरोपी महेंद्र ने व्यापारी के फोन को क्यूआर कोड के जरिए अपने फोन से जोड़ लिया। इसके बाद जो मैसेज कृष्ण के फोन पर आते थे, वहीं महेंद्र के फोन पर भी आने लगे।
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28 मार्च को दोनों आरोपियों द्वारा महेंद्र के फोन पर उज्जीवन बैंक की एप में व्यापारी की कस्टमर आईडी डालकर पासवर्ड फॉरगेट करने के बाद ओटीपी के माध्यम से शिकायतकर्ता के बैंक खाते में लॉग इन कर लिया गया। इसके बाद आरोपियों द्वारा व्यापारी के बैंक खाते से 2 लाख 22 हजार रुपये ट्रांसफर करके उक्त नकदी से क्वाइन स्विच क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज पर बिटक्वॉइन खरीद लिए गए। अगले दिन दोनों आरोपियों द्वारा उक्त बिटक्वॉइन बेचकर नकदी पेटीएम बैंक खाते में ट्रांसफर कर ली गई। हड़पी गई नकदी के माध्यम से आरोपियों द्वारा 20 हजार 300 रुपये में एक एंड्रायड मोबाइल फोन और 30 हजार रुपये में ए सी खरीदा गया और घूमने फिरने के लिए भूटान जाने के लिए पश्चिम बंगाल के लिए रेलवे टिकट खरीदी गई थी।
डीएसपी ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस द्वारा दोनों आरोपियों के कब्जे से वारदात में उपयोग मोबाइल फोन के अतिरिक्त एक लाख 160 रुपये नकदी, खरीदा गया मोबाइल फोन, एसी और 2 एटीएम कार्ड बरामद किए गए। मामले में जांच जारी है।
उधर, डीएसपी ने भी बताया कि स्पेशल साइबर अपराध शाखा द्वारा जालसाजी और धोखाधड़ी के कई मामलों की जांच करते हुए अब तक 20 अपराधियों सहित 11 लाख 8500 रुपये हड़पी गई राशि बरामद की गई है। अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। इसके अलावा आमजन से ठगे 7 लाख 27 हजार रुपये व 21 लाख बिटक्वाइन रुपयों को फ्रीज करवा कर रिफंड करवाया जा चुका है।
प्वाइंट 0.02 प्रतिशत बिटक्वाइन खरीदा-डीएसपी ने बताया कि एक बिटक्वाइन की कीमत लाखों रुपये है। इन आरोपियों ने 0.02 प्रतिशत बिटक्वॉइन खरीदा। क्योंकि इतनी राशि से ये पूरा एक बिटक्वॉइन भी नहीं खरीद सकते थे। लेकिन आरोपियों ने तकनीक का प्रयोग करके इसे खरीदने में सफलता हासिल की।