{"_id":"6760835a8a0a0b05220bb497","slug":"sacrifice-of-martyrs-cannot-be-forgotten-youth-should-take-inspiration-dc-kaithal-news-c-18-1-knl1004-541211-2024-12-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: शहीदों का बलिदान भुलाया नहीं जा सकता, युवा लें प्रेरणा ः डीसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: शहीदों का बलिदान भुलाया नहीं जा सकता, युवा लें प्रेरणा ः डीसी
Tue, 17 Dec 2024 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 17 Dec 2024 01:15 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन ने सोमवार को पार्क रोड स्थित शहीद स्मारक पर भारत-पाक युद्ध में भारत की विजय और बांग्लादेश के गठन की स्मृति में विजय दिवस मनाया। इस कार्यक्रम में डीसी प्रीति ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान भुलाया नहीं जा सकता है। इनसे युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए।
इससे पहले उन्होंने शहीदी स्मारक पर जाकर पुष्प चक्र अर्पित कर वीर शहीदों को नमन किया। इस मौके पर डीसी प्रीति ने कहा कि 1971 के युद्ध में अनेकों वीर जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारत को विजय दिलाई। उनके बलिदान को कभी भूलाया नहीं जा सकता। उनके सर्वोच्च बलिदान की बदौलत आज हमें खुली हवा में सांस ले रहे हैं। उनके बलिदान की कहानियां हर भारतीय को प्रेरित करती हैं। विशेषकर युवाओं को सैनिकों के साहस और देशभक्ति की भावना से सीख लेनी चाहिए। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. महेंद्र शाह ने शिरकत की। डीसी ने कहा कि विजय दिवस भारत में हर वर्ष 16 दिसंबर को मनाया जाता है। यह दिन 1971 के भारत-पाक युद्घ में भारत की विजय और बांग्लादेश के गठन की स्मृति में मनाया जाता है। इस युद्घ में भारतीय सेना और मुक्ति वाहनी ने पाकिस्तान को पराजित किया था। इस दिन को भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता, साहस और बलिदान को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। उनके अटूट साहस और देशभक्ति ने सुनिश्चित किया कि हमारा देश सुरक्षित रहे। भारत उनके बलिदान और सेवा को कभी नहीं भूलेगा। डीसी ने मौके पर मौजूद शहीदों के परिजनों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर पूर्व सैनिक एसोसिएशन के प्रधान जगजीत, सार्जेंट धर्मबीर, भीम सिंह, सूबेदार उदय भान, गोपीचंद, राजेंद्र सिंह, मेघ सिंह, प्रताप सिंह, फौजी कर्मबीर, पार्षद सोनिया, नर सिंह ढुल, खजान सिंह, मुखत्यार सिंह सहित अन्य पूर्व सैनिक व उनके परिजन मौजूद रहे।
विज्ञापन
कैथल। पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन ने सोमवार को पार्क रोड स्थित शहीद स्मारक पर भारत-पाक युद्ध में भारत की विजय और बांग्लादेश के गठन की स्मृति में विजय दिवस मनाया। इस कार्यक्रम में डीसी प्रीति ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान भुलाया नहीं जा सकता है। इनसे युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए।
इससे पहले उन्होंने शहीदी स्मारक पर जाकर पुष्प चक्र अर्पित कर वीर शहीदों को नमन किया। इस मौके पर डीसी प्रीति ने कहा कि 1971 के युद्ध में अनेकों वीर जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारत को विजय दिलाई। उनके बलिदान को कभी भूलाया नहीं जा सकता। उनके सर्वोच्च बलिदान की बदौलत आज हमें खुली हवा में सांस ले रहे हैं। उनके बलिदान की कहानियां हर भारतीय को प्रेरित करती हैं। विशेषकर युवाओं को सैनिकों के साहस और देशभक्ति की भावना से सीख लेनी चाहिए। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. महेंद्र शाह ने शिरकत की। डीसी ने कहा कि विजय दिवस भारत में हर वर्ष 16 दिसंबर को मनाया जाता है। यह दिन 1971 के भारत-पाक युद्घ में भारत की विजय और बांग्लादेश के गठन की स्मृति में मनाया जाता है। इस युद्घ में भारतीय सेना और मुक्ति वाहनी ने पाकिस्तान को पराजित किया था। इस दिन को भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता, साहस और बलिदान को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। उनके अटूट साहस और देशभक्ति ने सुनिश्चित किया कि हमारा देश सुरक्षित रहे। भारत उनके बलिदान और सेवा को कभी नहीं भूलेगा। डीसी ने मौके पर मौजूद शहीदों के परिजनों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर पूर्व सैनिक एसोसिएशन के प्रधान जगजीत, सार्जेंट धर्मबीर, भीम सिंह, सूबेदार उदय भान, गोपीचंद, राजेंद्र सिंह, मेघ सिंह, प्रताप सिंह, फौजी कर्मबीर, पार्षद सोनिया, नर सिंह ढुल, खजान सिंह, मुखत्यार सिंह सहित अन्य पूर्व सैनिक व उनके परिजन मौजूद रहे।
विज्ञापन