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Kaithal News: मेडिकल स्टोर संचालक के तीन बैंक खातों से 6.06 लाख रुपये निकाले, मोबाइल पर आए ओटीपी, बिना जानकारी के कटते रहे रुपये
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कैथल। पूंडरी में मेडिकल स्टोर चलाने वाले एक व्यक्ति के तीन बैंक खातों से साइबर ठगों ने दो दिन में 6 लाख 6 हजार 338 रुपये निकाल लिए। ठगों ने यूपीआई के माध्यम से अलग-अलग खातों में रुपये ट्रांसफर किए। हैरानी की बात यह है कि शिकायतकर्ता अपने बैंक खातों से यूपीआई के माध्यम से कोई लेनदेन नहीं करता था। उसके मोबाइल पर लगातार ओटीपी के मैसेज आ रहे थे लेकिन बैंक खातों से रुपये कटने का कोई मैसेज नहीं मिला। बेटे ने मोबाइल की जांच की तो धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।
पुलिस को दी शिकायत में यश कॉलोनी, करनाल रोड स्थित फतेहपुर निवासी विजय शंकर गौतम ने बताया कि उनकी पूंडरी में मेडिकल स्टोर के नाम से दुकान है। उनके पंजाब नेशनल बैंक में दो और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में एक खाता है। तीनों खातों में उनका एक ही मोबाइल नंबर पंजीकृत है। मोबाइल फोन हमेशा उनके पास रहता है और वह अपने बैंक खातों से यूपीआई के माध्यम से कोई भुगतान नहीं करता। शिकायतकर्ता ने बताया कि 20 अक्तूबर को उसके मोबाइल पर कई टेक्स्ट मैसेज आए थे। उसने इन पर ध्यान नहीं दिया। इसके अगले दिन 21 अक्तूबर को भी अचानक बड़ी संख्या में मैसेज आने लगे। देर रात मोबाइल की जांच करने पर कई मैसेज में ओटीपी दिखाई दिए। इसके बाद उसने अपने बेटे सागर को मोबाइल दिखाया। बेटे ने बैंक खातों से संबंधित जानकारी जांची तो पता चला कि तीनों खातों से लाखों रुपये निकाले जा चुके थे।
पहले दिन चार बार में निकाले 3.10 लाख रुपये
शिकायतकर्ता के अनुसार 20 अक्तूबर को उसके पंजाब नेशनल बैंक के एक खाते से पहले 50 हजार रुपये निकाले गए। इसके बाद 99 हजार 990 रुपये, 99 हजार 998 रुपये और 60 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए। इस तरह पहले दिन ही खाते से 3 लाख 9 हजार 988 रुपये निकल गए। इसके अगले दिन 21 अक्तूबर को भी इसी खाते से कई बार रकम निकाली गई। इसके अलावा पंजाब नेशनल बैंक के दूसरे खाते से 78 हजार रुपये और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते से छह हजार रुपये निकाले गए। दो दिन में तीनों बैंक खातों से कुल 6 लाख 6 हजार 338 रुपये की धोखाधड़ी हुई।
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बैंक पहुंचे तो कर्मचारियों ने ब्लॉक किए खाते
विजय शंकर गौतम ने बताया कि धोखाधड़ी का पता चलते ही वह अपने बेटे सागर के साथ पहले पंजाब नेशनल बैंक की पूंडरी शाखा में पहुंचे। इसके बाद सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में जाकर शिकायत दी। दोनों बैंकों के कर्मचारियों ने उनके खातों को ब्लॉक कर दिया, ताकि आगे कोई लेनदेन न हो सके। शिकायतकर्ता ने बताया कि बैंक खातों से रकम निकलने के बावजूद उसके मोबाइल पर बैंक की ओर से रुपये कटने का कोई संदेश नहीं आया था।
मोबाइल का अवैध एक्सेस लेकर ठगी करने का आरोप
शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसके मोबाइल फोन का अवैध एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद यूपीआई के माध्यम से तीनों बैंक खातों से रकम दूसरे खातों में भेज दी। उसने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई थी जिसके आधार पर जीरो एफआईआर दर्ज हुई। ऑनलाइन शिकायत और जीरो एफआईआर में पूरा विवरण दर्ज नहीं होने के कारण उसने साइबर अपराध थाने में अलग से लिखित शिकायत दी। पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रकम वापस दिलाने की मांग की है।
डीएसपी सुशील प्रकाश ने बताया कि साइबर अपराध थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 61(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब बैंक खातों से हुए लेनदेन और रकम ट्रांसफर होने वाले खातों की जानकारी जुटाएगी। इसके आधार पर धोखाधड़ी करने वालों का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा।
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पुलिस को दी शिकायत में यश कॉलोनी, करनाल रोड स्थित फतेहपुर निवासी विजय शंकर गौतम ने बताया कि उनकी पूंडरी में मेडिकल स्टोर के नाम से दुकान है। उनके पंजाब नेशनल बैंक में दो और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में एक खाता है। तीनों खातों में उनका एक ही मोबाइल नंबर पंजीकृत है। मोबाइल फोन हमेशा उनके पास रहता है और वह अपने बैंक खातों से यूपीआई के माध्यम से कोई भुगतान नहीं करता। शिकायतकर्ता ने बताया कि 20 अक्तूबर को उसके मोबाइल पर कई टेक्स्ट मैसेज आए थे। उसने इन पर ध्यान नहीं दिया। इसके अगले दिन 21 अक्तूबर को भी अचानक बड़ी संख्या में मैसेज आने लगे। देर रात मोबाइल की जांच करने पर कई मैसेज में ओटीपी दिखाई दिए। इसके बाद उसने अपने बेटे सागर को मोबाइल दिखाया। बेटे ने बैंक खातों से संबंधित जानकारी जांची तो पता चला कि तीनों खातों से लाखों रुपये निकाले जा चुके थे।
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पहले दिन चार बार में निकाले 3.10 लाख रुपये
शिकायतकर्ता के अनुसार 20 अक्तूबर को उसके पंजाब नेशनल बैंक के एक खाते से पहले 50 हजार रुपये निकाले गए। इसके बाद 99 हजार 990 रुपये, 99 हजार 998 रुपये और 60 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए। इस तरह पहले दिन ही खाते से 3 लाख 9 हजार 988 रुपये निकल गए। इसके अगले दिन 21 अक्तूबर को भी इसी खाते से कई बार रकम निकाली गई। इसके अलावा पंजाब नेशनल बैंक के दूसरे खाते से 78 हजार रुपये और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते से छह हजार रुपये निकाले गए। दो दिन में तीनों बैंक खातों से कुल 6 लाख 6 हजार 338 रुपये की धोखाधड़ी हुई।
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बैंक पहुंचे तो कर्मचारियों ने ब्लॉक किए खाते
विजय शंकर गौतम ने बताया कि धोखाधड़ी का पता चलते ही वह अपने बेटे सागर के साथ पहले पंजाब नेशनल बैंक की पूंडरी शाखा में पहुंचे। इसके बाद सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में जाकर शिकायत दी। दोनों बैंकों के कर्मचारियों ने उनके खातों को ब्लॉक कर दिया, ताकि आगे कोई लेनदेन न हो सके। शिकायतकर्ता ने बताया कि बैंक खातों से रकम निकलने के बावजूद उसके मोबाइल पर बैंक की ओर से रुपये कटने का कोई संदेश नहीं आया था।
मोबाइल का अवैध एक्सेस लेकर ठगी करने का आरोप
शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसके मोबाइल फोन का अवैध एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद यूपीआई के माध्यम से तीनों बैंक खातों से रकम दूसरे खातों में भेज दी। उसने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई थी जिसके आधार पर जीरो एफआईआर दर्ज हुई। ऑनलाइन शिकायत और जीरो एफआईआर में पूरा विवरण दर्ज नहीं होने के कारण उसने साइबर अपराध थाने में अलग से लिखित शिकायत दी। पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रकम वापस दिलाने की मांग की है।
डीएसपी सुशील प्रकाश ने बताया कि साइबर अपराध थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 61(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब बैंक खातों से हुए लेनदेन और रकम ट्रांसफर होने वाले खातों की जानकारी जुटाएगी। इसके आधार पर धोखाधड़ी करने वालों का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा।