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Kaithal News: बिजली चोरी के नोटिस के खिलाफ उपभोक्ता का मुकदमा हुआ खारिज
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कैथल। बिजली चोरी के करीब दो लाख रुपये के नोटिस को रद्द करवाने के लिए अदालत पहुंचे गांव सजूमा निवासी जगदीश का मुकदमा खारिज हो गया। अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश अपर्णा भारद्वाज की अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि बिजली चोरी से जुड़े मामलों की सुनवाई सिविल अदालत में नहीं हो सकती।
इसके लिए विशेष अदालत में जाना होगा।
मामले के अनुसार बिजली निगम ने 28 अगस्त 2018 को नरवलगढ़ स्थित एक पोल्ट्री फार्म की जांच की थी। निगम ने वहां बिना मीटर सीधे बिजली इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए जगदीश को 1,50,700 रुपये जुर्माने और 50 हजार रुपये समझौता राशि जमा करवाने का नोटिस दिया था। जगदीश ने दिसंबर 2019 में मुकदमा दायर कर दावा किया था कि नरवलगढ़ में उनकी जमीन नहीं है और न ही उनके नाम पर बिजली कनेक्शन है।
उन्होंने कार्रवाई को गलत बताते हुए नोटिस रद्द करने की मांग की थी। वहीं निगम ने अदालत में कहा कि जगदीश ने ठेके पर जमीन लेकर पोल्ट्री फार्म बनाया था, जहां सीधे तार जोड़कर बिजली चोरी की जा रही थी। निगम के अनुसार वर्ष 2017 में भी जांच के दौरान बिजली चोरी मिलने पर नोटिस दिया गया था। अदालत ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए मुकदमा खारिज कर दिया।
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इसके लिए विशेष अदालत में जाना होगा।
मामले के अनुसार बिजली निगम ने 28 अगस्त 2018 को नरवलगढ़ स्थित एक पोल्ट्री फार्म की जांच की थी। निगम ने वहां बिना मीटर सीधे बिजली इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए जगदीश को 1,50,700 रुपये जुर्माने और 50 हजार रुपये समझौता राशि जमा करवाने का नोटिस दिया था। जगदीश ने दिसंबर 2019 में मुकदमा दायर कर दावा किया था कि नरवलगढ़ में उनकी जमीन नहीं है और न ही उनके नाम पर बिजली कनेक्शन है।
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उन्होंने कार्रवाई को गलत बताते हुए नोटिस रद्द करने की मांग की थी। वहीं निगम ने अदालत में कहा कि जगदीश ने ठेके पर जमीन लेकर पोल्ट्री फार्म बनाया था, जहां सीधे तार जोड़कर बिजली चोरी की जा रही थी। निगम के अनुसार वर्ष 2017 में भी जांच के दौरान बिजली चोरी मिलने पर नोटिस दिया गया था। अदालत ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए मुकदमा खारिज कर दिया।
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