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उठान और तोल न होने से कागजों में अटकी खरीद
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rice sell
- फोटो : Kaithal
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जिले में धान की सरकारी खरीद का काम सुचारु नहीं हो पाया है। कहने को तो सरकारी एजेंसियों ने वीरवार को भी 18 हजार 800 क्विंटल धान की खरीद की है। लेकिन उठान व तोल न होने पाने के कारण अधिकतर मंडियों में यह कागजों में ही खरीद हुई है। जिस कारण किसान परेशान है। वीरवार को कैथल मार्केट कमेटी कार्यालय का घेराव कर भारतीय किसान यूनियन ने दो घंटे तक प्रदर्शन किया। साथ ही कार्यालय के अंदर बैठकर धरना दिया। एसडीएम संजय कुमार ने आश्वासन देकर प्रदर्शन समाप्त करवाया।
भाकियू नेता होशियार सिंह गिल, वीरेंद्र सिंह मघो माजरी व अन्य नेताओं सहित भारी संख्या में एकत्रित किसान अनाज मंडी में पहुंचे। जहां मार्केट कमेटी कार्यालय में जमकर नारेबाजी की। किसानों ने मांग करते हुए कहा कि जब सरकार एमएसपी देने की बात कर रही है तो सूखा धान होने के बावजूद खरीद क्यों नहीं हो रही है। आढ़तियों ने मार्केट कमेटी सचिव दीपक से बातचीत करनी चाही। लेकिन वे काई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद किसानों ने यहां कार्यालय के अंदर घुसकर धरना शुरू कर दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब दो घंटे बाद एसडीएम संजय कुमार पहुंचे और किसानों को आश्वासन देकर प्रदर्शन समाप्त करवाया। साथ ही कहा कि मंडी से धान की खरीद करवाई जाएगी।
एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि उठान व तोल ना होने के कारण खरीद ज्यादा नहीं हो पाई। प्रयास किया जा रहा है कि मनरेगा मजदूरों या फिर लेबर चौक से मजदूर लाकर उठान करवाया जाए। इसके बाद खरीद कार्य सुचारु रुप से चलेगा।
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अनाज मंडी में धान की खरीद दूसरे दिन भी शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुई, लेकिन धान लेकर आये किसानों का आरोप था कि खरीद अधिकारी खरीद कम और ना लेने के बहाने ज्यादा बना रहे है। अधिकतर किसानों की धान की ढेरी अधिक नमी, डैमेज कहकर छोड़ दी जाती है। सांय 4 बजे तक एजेंसी द्वारा लगभग 4 हजार क्विंटल धान खरीद किया गया था।
मंडी में धान लेकर आये किसान राजा राम, पलविंद्र सिंह हाबड़ी, सुखा सिंह, लखविंद्र सिंह टयोंठा, राजपाल फरल, शिशपाल ढुलयाणी, नरेश यौली, ल मीचंद फतेहपुर, निशान सिंह, बलदेव, राजेश कुमार व सुखदेव पूंडरी ने बताया कि सत्ता में कोई भी सरकार आ जाए, सभी किसानों का शोषण करती है। मंडी में लगभग 35 हजार क्विंटल पीआर धान आई हुई है। जिसमें से एजेंसी अधिकारी काफी मशक्त के बाद मुश्किल से 5 हजार क्विंटल ही खरीद कर रहे है।
डीएफएससी विभाग के इंस्पेक्टर बजेंद्र सिंह ने कहा कि जिनका गेट पास कट चुका है और मार्केट कमेटी के पोर्टल में नाम दर्ज है, उन किसानों का 17 प्रतिशत नमी तक दाना-दाना खरीद कर रहे है।
कसानों की धान की फसल न बिकने को लेकर किसानों का रोष बढ़ता ही जा रहा है। किसानों ने इससे खफा होकर अनाज मंडी के सामने कैथल असंध मार्ग पर जाम लगा दिया। जिस पर मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी चंद्रभान ने किसानों को समझा-बुझाकर जाम खुलवा दिया। उधर किसानों का आरोप था कि एक तो उनकी धान की फसल नहीं बिक रही है। पिछले चार दिन से मंडी में धान लेकर बैठे हैं लेकिन कोई भी खरीद एजेंसी अभी तक धान की खरीद करने के लिए नहीं आई। किसानों ने कहा कि उधर पिछले 2 दिन से किसानों के मिलने वाले पास भी बंद हैं। जिससे उन्हें धान की फसल की कटाई को लेकर चिंता सता रही है। क्योंकि कटाई न होने के बदलते मौसम के कारण फसल खराब होने का खतरा बढ़ रहा है। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी चंद्रभान ने किसानों को सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों अनुसार ही फसल लेकर आने की बात कही और किसानों को समझा-बुझाकर जाम खुलवा दिया।
अनाज मंडी में पीआर धान की आवक जोरों पर है। उसके अलावा अभी मंडी में 1509 धान भी आ रहा है। मार्केट कमेटी सचिव अभिनव वालिया ने कहा कि किसानों को उनकी फसल का दाम अच्छा मिले और उन्हें पता रहे कि आज का भाव क्या है, इसके लिए प्रतिदिन सुबह 11 से लेकर दोपहर 1 बजे तक बोली करवाई जाती है।
एसडीएम शशि वसुंधरा ने वीरवार को अनाज मंडी में धान खरीद के प्रबंधों का निरीक्षण किया तथा मौके पर उपस्थित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। चीका मंडी में आज हरियाणा वेयर हाउस एजेंसी द्वारा 1455 क्विंटल धान खरीदा गया। उन्होंने कहा कि इस सीजन में किसानों और व्यापारियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए मंडियों में उचित प्रबंध भी किए गए है।
इस अवसर पर मार्केट कमेटी के सचिव राजकुमार, मंडी सुपरवाइजर बग्गा सिंह, राजबीर सिंह, वीरेन्द्र कुमार एआर, वेयर हाउस से तकनीकी सहायक विकास कुमार,आढ़ती मांगे राम जिंदल, ज्ञान गोयल, राज कुमार जाखौली, रामलाल गर्ग, सोहन लाल, जयपाल गर्ग, सुखप्रीत गिल सहित किसान उपस्थित रहे।
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भाकियू नेता होशियार सिंह गिल, वीरेंद्र सिंह मघो माजरी व अन्य नेताओं सहित भारी संख्या में एकत्रित किसान अनाज मंडी में पहुंचे। जहां मार्केट कमेटी कार्यालय में जमकर नारेबाजी की। किसानों ने मांग करते हुए कहा कि जब सरकार एमएसपी देने की बात कर रही है तो सूखा धान होने के बावजूद खरीद क्यों नहीं हो रही है। आढ़तियों ने मार्केट कमेटी सचिव दीपक से बातचीत करनी चाही। लेकिन वे काई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद किसानों ने यहां कार्यालय के अंदर घुसकर धरना शुरू कर दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब दो घंटे बाद एसडीएम संजय कुमार पहुंचे और किसानों को आश्वासन देकर प्रदर्शन समाप्त करवाया। साथ ही कहा कि मंडी से धान की खरीद करवाई जाएगी।
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एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि उठान व तोल ना होने के कारण खरीद ज्यादा नहीं हो पाई। प्रयास किया जा रहा है कि मनरेगा मजदूरों या फिर लेबर चौक से मजदूर लाकर उठान करवाया जाए। इसके बाद खरीद कार्य सुचारु रुप से चलेगा।
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अनाज मंडी में धान की खरीद दूसरे दिन भी शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुई, लेकिन धान लेकर आये किसानों का आरोप था कि खरीद अधिकारी खरीद कम और ना लेने के बहाने ज्यादा बना रहे है। अधिकतर किसानों की धान की ढेरी अधिक नमी, डैमेज कहकर छोड़ दी जाती है। सांय 4 बजे तक एजेंसी द्वारा लगभग 4 हजार क्विंटल धान खरीद किया गया था।
मंडी में धान लेकर आये किसान राजा राम, पलविंद्र सिंह हाबड़ी, सुखा सिंह, लखविंद्र सिंह टयोंठा, राजपाल फरल, शिशपाल ढुलयाणी, नरेश यौली, ल मीचंद फतेहपुर, निशान सिंह, बलदेव, राजेश कुमार व सुखदेव पूंडरी ने बताया कि सत्ता में कोई भी सरकार आ जाए, सभी किसानों का शोषण करती है। मंडी में लगभग 35 हजार क्विंटल पीआर धान आई हुई है। जिसमें से एजेंसी अधिकारी काफी मशक्त के बाद मुश्किल से 5 हजार क्विंटल ही खरीद कर रहे है।
डीएफएससी विभाग के इंस्पेक्टर बजेंद्र सिंह ने कहा कि जिनका गेट पास कट चुका है और मार्केट कमेटी के पोर्टल में नाम दर्ज है, उन किसानों का 17 प्रतिशत नमी तक दाना-दाना खरीद कर रहे है।
कसानों की धान की फसल न बिकने को लेकर किसानों का रोष बढ़ता ही जा रहा है। किसानों ने इससे खफा होकर अनाज मंडी के सामने कैथल असंध मार्ग पर जाम लगा दिया। जिस पर मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी चंद्रभान ने किसानों को समझा-बुझाकर जाम खुलवा दिया। उधर किसानों का आरोप था कि एक तो उनकी धान की फसल नहीं बिक रही है। पिछले चार दिन से मंडी में धान लेकर बैठे हैं लेकिन कोई भी खरीद एजेंसी अभी तक धान की खरीद करने के लिए नहीं आई। किसानों ने कहा कि उधर पिछले 2 दिन से किसानों के मिलने वाले पास भी बंद हैं। जिससे उन्हें धान की फसल की कटाई को लेकर चिंता सता रही है। क्योंकि कटाई न होने के बदलते मौसम के कारण फसल खराब होने का खतरा बढ़ रहा है। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी चंद्रभान ने किसानों को सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों अनुसार ही फसल लेकर आने की बात कही और किसानों को समझा-बुझाकर जाम खुलवा दिया।
अनाज मंडी में पीआर धान की आवक जोरों पर है। उसके अलावा अभी मंडी में 1509 धान भी आ रहा है। मार्केट कमेटी सचिव अभिनव वालिया ने कहा कि किसानों को उनकी फसल का दाम अच्छा मिले और उन्हें पता रहे कि आज का भाव क्या है, इसके लिए प्रतिदिन सुबह 11 से लेकर दोपहर 1 बजे तक बोली करवाई जाती है।
एसडीएम शशि वसुंधरा ने वीरवार को अनाज मंडी में धान खरीद के प्रबंधों का निरीक्षण किया तथा मौके पर उपस्थित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। चीका मंडी में आज हरियाणा वेयर हाउस एजेंसी द्वारा 1455 क्विंटल धान खरीदा गया। उन्होंने कहा कि इस सीजन में किसानों और व्यापारियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए मंडियों में उचित प्रबंध भी किए गए है।
इस अवसर पर मार्केट कमेटी के सचिव राजकुमार, मंडी सुपरवाइजर बग्गा सिंह, राजबीर सिंह, वीरेन्द्र कुमार एआर, वेयर हाउस से तकनीकी सहायक विकास कुमार,आढ़ती मांगे राम जिंदल, ज्ञान गोयल, राज कुमार जाखौली, रामलाल गर्ग, सोहन लाल, जयपाल गर्ग, सुखप्रीत गिल सहित किसान उपस्थित रहे।