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Kaithal News: नियमों को धुएं में उड़ा रहीं राइस मिल, चार को नोटिस<bha>;</bha> होंगी सील
Sat, 22 Nov 2025 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 22 Nov 2025 12:55 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले के कई राइस मिल पानी और हवा को बुरी तरह प्रदूषित कर रहे हैं। नियमों की खुलेआम अनदेखी करते हुए ये राइस मिल धुआं और राख उड़ाकर आसपास के गांवों में लोगों का जीना मुश्किल बना रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अब एक्शन मोड में आ गया है। चीका क्षेत्र के चार राइस मिलों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें से एक मिल को सील कर दिया गया है, जबकि बाकी तीन पर भी सीलिंग की तलवार लटक रही है।
इसके साथ ही वायू प्रदूषण फैलाने की आशंका के चलते 20 राइस मिल के चिमनी से हवा के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने पर संबंधित राइस मिलों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रदूषण के कारण यहां के क्षेत्र के लोगों का जीना मुहाल बना हुआ है।
आसपास के चार-पांच किमी तक बसें गांवों में चावल का छिलका और चिमनी की राख नासूर बनी हुई है। हैरत ये है कि तीन साल पहले खुशहाल माजरा के लोगों ने मानव अधिकार आयोग में इनके खिलाफ शिकायत की थी। इसे लेकर अब जांच की जा रही है। हालांकि एक बार पहले भी बोर्ड की ओर से रिपोर्ट सौंपी जा चुकी थी, लेकिन आयोग उससे असंतोष जताया। जांच में सामने आया है कि कई राइस मिलर सीवरेज का गंदा पानी सीधे रिचार्ज बोर में डाल रहे हैं। पानी के ट्रीटमेंट की कोई व्यवस्था नहीं मिली। यह नियमों का घोर उल्लंघन है, क्योंकि हर मिल में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट होना अनिवार्य है। अब सवाल यह है कि बिना ट्रीटमेंट के ये राइस मिल किसकी संरक्षण में चल रहे हैं और कैसे लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचा रहे हैं, यह स्वयं में जांच का विषय है।
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इन मिलों को जारी किया नोटिस
n एम/एस आर.एस फूड्स चीका
n एम/एस जिंदल राइस मिल (एम/एस श्री बाला जी फूड ग्रेन पट्टेदार द्वारा) इस मिल को सील किया गया है।- एम/एस काेहिनूर राइस मिल चीका
n एम/एस पूनम राइस एंड जनरल मिल चीका
इन राइस मिलों के लिए गए एयर सैंपल
n
शिव शक्ति राइस एंड जनरल मिल्स खुशहाल माजरा रोड
n
ओमप्रकाश राइस मिल सदरेहडी, खुशहाल माजरा
n
जय मां भवानी राइस मिल सदरेहडी, खुशहाल माजरा
n
लक्ष्मी फूड्स सदरेहडी, खुशहाल माजरा
n
अंबा फूड्स खुशहाल माजरा
n
बीआर फूड्स खुशहाल माजरा
n
केशव फूड्स सदरेहडी, खुशहाल माजरा
n
लक्ष्मी राइस एंड जनरल मिल्स सदरेहडी, खुशहाल माजरा
n
राधा कृष्ण राइस एंड जनरल मिल पटियाला रोड
n
संदीप राइस मिल खुशहाल माजरा
n
श्री राम राइस एंड जनरल मिल खुशहाल माजरा
n
त्रिवेणी राइस मिल सदरेहडी, खुशहाल माजरा
n
बाबू राम राइस एंड जनरल मिल सदरेहडी, खुशहाल माजरा
n
पदमावती फूड्स खुशहाल माजरा
n
चीका सोल्वेंट प्राइवेट लिमिटेड पटियाला रोड
n
पूजा राइस एंड जनरल मिल पटियाला रोड
n
करुण राइस एंड जनरल मिल पटियाला रोड
n
आरजे एग्रो इंडस्ट्रीज पटियाला रोड
नोट : सूची प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा दी गई है।
खुशहाल माजरा गांव के लोगों ने मानव अधिकार आयोग में राइस मिलों के खिलाफ शिकायत की हुई है। उसी आधार पर जांच जारी है। एक मिल को सील करने समेत चार को नोटिस और 20 मिलों की चिमनी की हवा के सैंपल लिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पूरी रिपोर्ट मानव अधिकार आयोग में सौंपी जाएगी। -राजेंद्र शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
किसानों से जुर्माना, मिलों पर मेहरबानी : भाकियू
भाकियू चढूनी के युवा प्रदेशाध्यक्ष एडवोकेट विक्रम कसाना ने बताया कि कृषि विभाग के अनुसार सेटेलाइट से पराली जलाने की 61 लोकेशन आई हैं। 11 स्थानों पर पराली जलाने की पुष्टि हुई। उन्होंने कहा कि आरोपी किसानों पर प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ 50 हजार रुपये जुर्माना भी वसूला गया है। सवाल उठाते हुए कहा कि लेकिन जहरीली हवा छोड़ रहे इन राइस मिलों पर मेहरबानी क्यों बरती जा रही है। इससे अफसरों की कार्यप्रणाली पर संदेह होना लाजिमी है। बता दें कि प्रदूषण बोर्ड की ओर से शिकायत के आधार पर क्षेत्र के 43 राइस मिलों की जांच की जा रही है। इसकी रिपोर्ट 11 दिसंबर तक आयोग को सौंपी जानी है।
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कैथल। जिले के कई राइस मिल पानी और हवा को बुरी तरह प्रदूषित कर रहे हैं। नियमों की खुलेआम अनदेखी करते हुए ये राइस मिल धुआं और राख उड़ाकर आसपास के गांवों में लोगों का जीना मुश्किल बना रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अब एक्शन मोड में आ गया है। चीका क्षेत्र के चार राइस मिलों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें से एक मिल को सील कर दिया गया है, जबकि बाकी तीन पर भी सीलिंग की तलवार लटक रही है।
इसके साथ ही वायू प्रदूषण फैलाने की आशंका के चलते 20 राइस मिल के चिमनी से हवा के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने पर संबंधित राइस मिलों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रदूषण के कारण यहां के क्षेत्र के लोगों का जीना मुहाल बना हुआ है।
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आसपास के चार-पांच किमी तक बसें गांवों में चावल का छिलका और चिमनी की राख नासूर बनी हुई है। हैरत ये है कि तीन साल पहले खुशहाल माजरा के लोगों ने मानव अधिकार आयोग में इनके खिलाफ शिकायत की थी। इसे लेकर अब जांच की जा रही है। हालांकि एक बार पहले भी बोर्ड की ओर से रिपोर्ट सौंपी जा चुकी थी, लेकिन आयोग उससे असंतोष जताया। जांच में सामने आया है कि कई राइस मिलर सीवरेज का गंदा पानी सीधे रिचार्ज बोर में डाल रहे हैं। पानी के ट्रीटमेंट की कोई व्यवस्था नहीं मिली। यह नियमों का घोर उल्लंघन है, क्योंकि हर मिल में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट होना अनिवार्य है। अब सवाल यह है कि बिना ट्रीटमेंट के ये राइस मिल किसकी संरक्षण में चल रहे हैं और कैसे लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचा रहे हैं, यह स्वयं में जांच का विषय है।
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इन मिलों को जारी किया नोटिस
n एम/एस आर.एस फूड्स चीका
n एम/एस जिंदल राइस मिल (एम/एस श्री बाला जी फूड ग्रेन पट्टेदार द्वारा) इस मिल को सील किया गया है।- एम/एस काेहिनूर राइस मिल चीका
n एम/एस पूनम राइस एंड जनरल मिल चीका
इन राइस मिलों के लिए गए एयर सैंपल
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शिव शक्ति राइस एंड जनरल मिल्स खुशहाल माजरा रोड
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ओमप्रकाश राइस मिल सदरेहडी, खुशहाल माजरा
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जय मां भवानी राइस मिल सदरेहडी, खुशहाल माजरा
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लक्ष्मी फूड्स सदरेहडी, खुशहाल माजरा
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अंबा फूड्स खुशहाल माजरा
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बीआर फूड्स खुशहाल माजरा
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केशव फूड्स सदरेहडी, खुशहाल माजरा
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लक्ष्मी राइस एंड जनरल मिल्स सदरेहडी, खुशहाल माजरा
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राधा कृष्ण राइस एंड जनरल मिल पटियाला रोड
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संदीप राइस मिल खुशहाल माजरा
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श्री राम राइस एंड जनरल मिल खुशहाल माजरा
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त्रिवेणी राइस मिल सदरेहडी, खुशहाल माजरा
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बाबू राम राइस एंड जनरल मिल सदरेहडी, खुशहाल माजरा
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पदमावती फूड्स खुशहाल माजरा
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चीका सोल्वेंट प्राइवेट लिमिटेड पटियाला रोड
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पूजा राइस एंड जनरल मिल पटियाला रोड
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करुण राइस एंड जनरल मिल पटियाला रोड
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आरजे एग्रो इंडस्ट्रीज पटियाला रोड
नोट : सूची प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा दी गई है।
खुशहाल माजरा गांव के लोगों ने मानव अधिकार आयोग में राइस मिलों के खिलाफ शिकायत की हुई है। उसी आधार पर जांच जारी है। एक मिल को सील करने समेत चार को नोटिस और 20 मिलों की चिमनी की हवा के सैंपल लिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पूरी रिपोर्ट मानव अधिकार आयोग में सौंपी जाएगी। -राजेंद्र शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
किसानों से जुर्माना, मिलों पर मेहरबानी : भाकियू
भाकियू चढूनी के युवा प्रदेशाध्यक्ष एडवोकेट विक्रम कसाना ने बताया कि कृषि विभाग के अनुसार सेटेलाइट से पराली जलाने की 61 लोकेशन आई हैं। 11 स्थानों पर पराली जलाने की पुष्टि हुई। उन्होंने कहा कि आरोपी किसानों पर प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ 50 हजार रुपये जुर्माना भी वसूला गया है। सवाल उठाते हुए कहा कि लेकिन जहरीली हवा छोड़ रहे इन राइस मिलों पर मेहरबानी क्यों बरती जा रही है। इससे अफसरों की कार्यप्रणाली पर संदेह होना लाजिमी है। बता दें कि प्रदूषण बोर्ड की ओर से शिकायत के आधार पर क्षेत्र के 43 राइस मिलों की जांच की जा रही है। इसकी रिपोर्ट 11 दिसंबर तक आयोग को सौंपी जानी है।