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Kaithal News: सांस के रोगी परेशान एक्यूआई 300 के पार
Mon, 18 Nov 2024 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 18 Nov 2024 01:04 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में पिछले तीन दिन से वायु प्रदूषण में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। रविवार को तीसरे दिन भी वायु प्रदूषण का स्तर 300 से पार दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि पिछले करीब 10 दिनों से वायु प्रदूषण के स्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। अब रविवार को भी वायु गुणवत्ता सूचकांक 312 पर दर्ज किया गया है। यह स्वास्थ्य के लिए अधिक खराब श्रेणी में आता है। प्रदूषण की वजह से अब शाम साढ़े चार बजे के बाद से धुंधलापन शुरू होने लगा है।
गौरतलब है कि दीपावली के बाद कुछ दिन तो वायु प्रदूषण से राहत मिली, लेकिन 15 दिन बीतने के बाद फिर से वायु प्रदूषण के स्तर में बदलाव होना शुरू हुआ है। यह छोटे बच्चे व बीमार लोगों के लिए तो गंभीर है ही, इसके साथ ही स्वस्थ व्यक्तियों के लिए भी हानिकारक हो सकता है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में हैं तब तक छोटे बच्चों व बुजुर्गों को बाहर नहीं घूमना चाहिए। यदि किसी को जाना भी पड़े तो मास्क या कपड़े से अपने चेहरे को ढक्कर निकलें। इसके बाद पानी से अपना चेहरा धोएं, ताकि प्रदूषण के कण हमारे शरीर में प्रवेश न कर सकें।
उन्होंने बताया कि यदि ऐसे कण हमारे शरीर में चले जाते हैं तो व्यक्ति के शरीर की बीमारियों से लडऩे की क्षमता कम कर देते हैं, जिसके बाद बीमार पड़ जाते हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ सतीश कुमार ने बताया कि वायु प्रदूषण अभी खराब श्रेणी में है। बारिश होने के बाद वायु प्रदूषण का स्तर कम होने की पूरी संभावना है। बोर्ड की ओर से दमकल विभाग की सहायता से पेड़-पौधों पर पानी की छिड़काव का कार्य शुरू कर दिया गया है। यह वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने में काफी कारगर साबित होगा।
डीसी प्रीति ने किसानों से अपील है कि वे फसल अवशेषों में आग न लगाएं और पर्यावरण को साफ सुथरा बनाने में योगदान दें।
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कैथल। जिले में पिछले तीन दिन से वायु प्रदूषण में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। रविवार को तीसरे दिन भी वायु प्रदूषण का स्तर 300 से पार दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि पिछले करीब 10 दिनों से वायु प्रदूषण के स्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। अब रविवार को भी वायु गुणवत्ता सूचकांक 312 पर दर्ज किया गया है। यह स्वास्थ्य के लिए अधिक खराब श्रेणी में आता है। प्रदूषण की वजह से अब शाम साढ़े चार बजे के बाद से धुंधलापन शुरू होने लगा है।
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गौरतलब है कि दीपावली के बाद कुछ दिन तो वायु प्रदूषण से राहत मिली, लेकिन 15 दिन बीतने के बाद फिर से वायु प्रदूषण के स्तर में बदलाव होना शुरू हुआ है। यह छोटे बच्चे व बीमार लोगों के लिए तो गंभीर है ही, इसके साथ ही स्वस्थ व्यक्तियों के लिए भी हानिकारक हो सकता है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में हैं तब तक छोटे बच्चों व बुजुर्गों को बाहर नहीं घूमना चाहिए। यदि किसी को जाना भी पड़े तो मास्क या कपड़े से अपने चेहरे को ढक्कर निकलें। इसके बाद पानी से अपना चेहरा धोएं, ताकि प्रदूषण के कण हमारे शरीर में प्रवेश न कर सकें।
उन्होंने बताया कि यदि ऐसे कण हमारे शरीर में चले जाते हैं तो व्यक्ति के शरीर की बीमारियों से लडऩे की क्षमता कम कर देते हैं, जिसके बाद बीमार पड़ जाते हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ सतीश कुमार ने बताया कि वायु प्रदूषण अभी खराब श्रेणी में है। बारिश होने के बाद वायु प्रदूषण का स्तर कम होने की पूरी संभावना है। बोर्ड की ओर से दमकल विभाग की सहायता से पेड़-पौधों पर पानी की छिड़काव का कार्य शुरू कर दिया गया है। यह वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने में काफी कारगर साबित होगा।
डीसी प्रीति ने किसानों से अपील है कि वे फसल अवशेषों में आग न लगाएं और पर्यावरण को साफ सुथरा बनाने में योगदान दें।