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Kaithal News: राजीव गांधी खंड स्तरीय खेल स्टेडियम बदहाली का शिकार
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आउटडोर स्टेडियम में उगी हुई घास। संवाद
- फोटो : आशीष शर्मा
कैथल। जिले के गांव बात्ता में स्थित राजीव गांधी खंड स्तरीय खेल स्टेडियम इन दिनों बदहाली का शिकार हो रहा है। करीब 6 एकड़ क्षेत्र में फैला यह स्टेडियम न केवल बात्ता गांव बल्कि आसपास के कई गांवों के खिलाड़ियों और युवाओं के लिए खेल अभ्यास का प्रमुख केंद्र है। इसके बावजूद यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव खिलाड़ियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार स्टेडियम में स्थापित जिम का अधिकतर सामान और मशीनें खराब पड़ी हैं जिसके कारण खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा स्टेडियम परिसर में पीने के पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। गर्मी के मौसम में अभ्यास करने आने वाले खिलाड़ियों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।
स्टेडियम के रनिंग ट्रैक की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। ट्रैक पर जगह-जगह बड़ी-बड़ी घास उग आई है जिससे खिलाड़ियों को दौड़ लगाने में कठिनाई होती है और चोट लगने का खतरा भी बना रहता है। वहीं स्टेडियम में बने शौचालयों की हालत इतनी खराब है कि उनका उपयोग करना भी मुश्किल हो गया है। लंबे समय से रखरखाव नहीं होने के कारण उनमें गंदगी और अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है।
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ग्रामीण संदीप और आशीष ने बताया कि खेल स्टेडियम में ऐसा कोई संसाधन नहीं बचा है जो पूरी तरह उपयोग करने योग्य हो। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के बजाय अव्यवस्थाओं से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते स्टेडियम की मरम्मत और रखरखाव नहीं किया गया तो क्षेत्र के खिलाड़ियों की खेल गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
ग्रामीणों और खिलाड़ियों ने खेल विभाग और प्रशासन से मांग की है कि स्टेडियम में खराब पड़े जिम उपकरणों को बदला जाए, ट्रैक की सफाई करवाई जाए, पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और शौचालयों की मरम्मत कर उन्हें उपयोग योग्य बनाया जाए, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर वातावरण में अभ्यास का अवसर मिल सके।
खेल अधिकारी राज रानी ने बताया कि जल्द ही समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा। लोगों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
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ग्रामीणों के अनुसार स्टेडियम में स्थापित जिम का अधिकतर सामान और मशीनें खराब पड़ी हैं जिसके कारण खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा स्टेडियम परिसर में पीने के पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। गर्मी के मौसम में अभ्यास करने आने वाले खिलाड़ियों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।
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स्टेडियम के रनिंग ट्रैक की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। ट्रैक पर जगह-जगह बड़ी-बड़ी घास उग आई है जिससे खिलाड़ियों को दौड़ लगाने में कठिनाई होती है और चोट लगने का खतरा भी बना रहता है। वहीं स्टेडियम में बने शौचालयों की हालत इतनी खराब है कि उनका उपयोग करना भी मुश्किल हो गया है। लंबे समय से रखरखाव नहीं होने के कारण उनमें गंदगी और अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है।
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ग्रामीण संदीप और आशीष ने बताया कि खेल स्टेडियम में ऐसा कोई संसाधन नहीं बचा है जो पूरी तरह उपयोग करने योग्य हो। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के बजाय अव्यवस्थाओं से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते स्टेडियम की मरम्मत और रखरखाव नहीं किया गया तो क्षेत्र के खिलाड़ियों की खेल गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
ग्रामीणों और खिलाड़ियों ने खेल विभाग और प्रशासन से मांग की है कि स्टेडियम में खराब पड़े जिम उपकरणों को बदला जाए, ट्रैक की सफाई करवाई जाए, पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और शौचालयों की मरम्मत कर उन्हें उपयोग योग्य बनाया जाए, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर वातावरण में अभ्यास का अवसर मिल सके।
खेल अधिकारी राज रानी ने बताया कि जल्द ही समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा। लोगों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।

आउटडोर स्टेडियम में उगी हुई घास। संवाद- फोटो : आशीष शर्मा

आउटडोर स्टेडियम में उगी हुई घास। संवाद- फोटो : आशीष शर्मा

आउटडोर स्टेडियम में उगी हुई घास। संवाद- फोटो : आशीष शर्मा