फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Rainwater harvesting is the solution to avoid crisis: Deepak

संकट से बचने का उपाय है वर्षा जल संचयन : दीपक

Sat, 03 May 2025 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sat, 03 May 2025 01:02 AM IST
विज्ञापन
Rainwater harvesting is the solution to avoid crisis: Deepak
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कलायत। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता के दिशा-निर्देशों के तहत खंड के खेड़ी लांबा गांव में जल आपूर्ति प्रणाली, जल गुणवत्ता जांच और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए एक संयुक्त भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिला सलाहकार दीपक कुमार ने ग्रामीणों को पानी संकट और उसके समाधान के उपायों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि यदि गांव स्तर पर वर्षा जल संचयन की पहल की जाए तो पानी के संकट को काफी हद तक टाला जा सकता है।

उन्होंने बताया कि भारत में औसतन 1500 मिमी वर्षा होती है, लेकिन इसका मात्र 35 प्रतिशत ही संरक्षित किया जाता है। इसी वजह से वर्षा का पानी बेकार हो जाता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने घरों, खेतों और सार्वजनिक स्थलों पर छोटे स्तर पर जल संचयन करें ताकि भविष्य में जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। रसायनज्ञ सुभाष चंद्र ने ग्रामीणों को जल गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया समझाई और मौके पर ही अवशिष्ट क्लोरीन का परीक्षण कर 0.2 से 0.5 मिलीग्राम प्रति लीटर की सुरक्षित सीमा के महत्व को बताया।
विज्ञापन


उन्होंने ग्रामीणों को सलाह दी कि पानी को उबालकर या छानकर ही सेवन करें ताकि जलजनित बीमारियों से बचा जा सके। इस अवसर पर उपमंडल अभियंता नरेश कुमार, रसायनज्ञ सुभाष चंद्र, जिला सलाहकार दीपक कुमार, कनिष्ठ अभियंता रवि पूनिया और ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर चंद्रशेखर उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर
ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर चंद्रशेखर ने ग्रामीणों को विभाग की टोल फ्री हेल्पलाइन 1800-180-5678 की जानकारी दी और बताया कि इस नंबर पर जल आपूर्ति, गुणवत्ता, लीकेज अथवा अन्य समस्याओं के संबंध में शिकायत दर्ज की जा सकती है।


गांव के सरपंच सोनू राम की अध्यक्षता में ग्राम जल एवं सीवरेज समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें समिति के सदस्य शमशेर सिंह, मनीष शर्मा, मनोज नंबरदार, रेखा सुदेश और मीनाक्षी विशेष रूप से मौजूद रहे। उपमंडल अभियंता नरेश कुमार ने ‘जल है तो कल है’ के महत्व को रेखांकित करते हुए जल संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। कनिष्ठ अभियंता रवि पूनिया ने गांव में अवैध और अस्वच्छ जल कनेक्शनों की पहचान की और उनके हटाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के कनेक्शन जल आपूर्ति प्रणाली पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं, जिससे संपूर्ण गांव प्रभावित होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed