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Kaithal News: बारिश ः किसानों पर दोहरी मार, शहर में जलभराव

Wed, 20 Sep 2023 02:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Wed, 20 Sep 2023 02:02 AM IST
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Rain: double blow to farmers, waterlogging in the city
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। जिलेभर में सुबह से लेकर शाम तक रुक-रुक कर बारिश हुई। बारिश के बाद धान की कटाई रुक गई है। पहले तो अलसुबह चार बजे बारिश शुरू हुई। जो सात बजे तक जारी। इसके बाद अपराह्न तीन बजे बारिश हुई। उधर, कई जगहों पर जलभराव होने से सुबह के समय कामकाज पर जाने वाले लोगों को पानी से होकर ही गुजरना पड़ा।

तीन दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण किसानों पर प्रकृति की दोहरी मार पड़ गई है। बारिश के बाद खेतों में धान की फसलों में पानी लबालब भर गया। दूसरी ओर अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ा धान बारिश के पानी में बह गया। मंडी में करीब पांच हजार धान के कट्टे भीग गए। जो फसल पककर तैयार थी वह धरती पर बिछ गई, जिससे पैदावार प्रभावित होनी तय है।
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गौरतलब है कि जिलेभर में बीते तीन दिन से रुक-रुककर सुबह व शाम के समय बारिश हो रही है। मंगलवार को भी सुबह चार बजे मूसलाधार बारिश शुरू हुई थी तो दो घंटे सुबह छह बजे तक हुई। दो घंटे में जिलेभर में औसतन 14 एमएम पानी बरसा। बारिश के बाद खेतों में पानी भर गया और जो धान की फसल पककर तैयार थी वह जमीन पर बिछ गई। अब इससे धान की फसल की पैदावार कम होगी। इसका किसानों पर सीधा आर्थिक प्रभाव पड़ेगा। दूसरी अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़े धान के लगभग पांच हजार कट्टे भीग गए और कुछ खुला धान पानी में बह गया।
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मंडी में पहुंचे किसान रामदिया, कुलबीर, कर्मचंद, कृष्ण, बलमत, प्रदीप चहल, रामबीर ने कहा कि किसानों पर दोहरी मार पड़ी है। किसानों ने कहा कि धान रोपाई के समय बाढ़ के कारण गुहला क्षेत्र में किसान धान की रोपाई नहीं कर सके। कुछेक किसानों ने बाद में धान रोपाई की तो अब बारिश होने से धान में पानी भर गया और जमीन पर बिछ गई। किसानों ने मांग की है कि सरकार किसानों की फसलों की मौके पर गिरदावरी करवाकर उसे मुआवजा प्रदान करें, ताकि किसानों को प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान की कुछ भरपाई हो सके। कृषि उपनिदेशक डॉ. महावीर सिंह ने बताया कि आगे मौसम साफ रहेगा। खेतों में जहां पर पानी की मात्रा अधिक है किसान वहां से पानी उतार दें, ताकि धान की फसल को खराब होने से बचाया जा सके।

कीचड़ से हुए परेशान

बारिश के बाद शहर में जलभराव से लोग परेशान हो गए। हालांकि गर्मी से राहत मिलने से चेहरे खिले भी दिखे।

आपदा एवं प्रबंधन विभाग के सदर कानूनगो जितेंद्र कुमार ने बताया कि सुबह चार से छह बजे तक दो घंटे में जिलेभर में औसतन 14 एमएम पानी बरसा है। सबसे अधिक बारिश कैथल तहसील के क्षेत्र में 25 एमएम, पूंडरी में 23 एमएम, सीवन में 22 एमएम, गुहला में 18 एमएम बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा कलायत, ढांड व राजौंद में बूंदाबांदी हुई है। बारिश के बाद शहर की सड़कों पर निकासी न होने से जलभराव हो गया। बारिश बंद होने के दो घंटे बाद सड़कों से पानी की निकासी हुई।
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