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Kaithal News: कलायत में भाखड़ा का पानी पहुंचाने की योजना पर सवाल
Tue, 02 Apr 2024 02:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 02 Apr 2024 02:22 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कलायत में 20 करोड़ की लागत से भाखड़ा के पानी को पहुंचाने की योजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों ने आरोप लगाए हैं कि निर्धारित लेवल की बजाय ऊंचे और निचले स्थानों पर पाइप लाइन को डाला जा रहा है। साथ ही लाइन को सीधा रखने की जगह कई मोड रखे हुए हैं। साथ ही सरकारी अधिकारी और एजेंसियों पर अपने अनुसार लाइन बिछाने के आरोप लगाए गए।
गौरतलब है कि कलायत में इस योजना के तहत गुरथली मोड से बरवाला लिंक नहर का सिरसा ब्रांच नहर में पानी छोड़ा जाएगा। इसे पाइप लाइन के जरिये कलायत शहर, शिमला, पिंजुपुरा, खरक पांडवा, रामगढ़ पांडवा, खेड़ी लांबा, ढूंढवा और कौलेखां गांव के जल घर में पहुंचाकर पेयजल संकट दूर करने का लक्ष्य है, लेकिन गांवों में पानी की पाइप लाइन बिछाने का जो कार्य जारी है उसे देखकर हर कोई हैरान हैं।
प्रीत जगदेव, रोहताश, सुरेंद्र कुमार, विकास, अनिल कुमार व शमशेर ङ्क्षसह का कहना है कि पेयजल लाइन बिछाने का कार्य लेवलिंग और रूट अनुसार नहीं हो रहा। सरकारी अधिकारी और एजेंसी अपनी सुविधा अनुसार लाइन को बिछा रही हैं।
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तकनीकी पहलुओं के अनुसार कार्य न करने के चलते सिरसा ब्रांच नहर, पूंडरी ड्रेन, न्यू कलायत माइनर, सजूमा रोड, रेलवे रोड और दूसरी सरकारी संपत्ति को व्यापक स्तर पर क्षति पहुंचाई जा रही है। लोकसभा चुनाव आचार संहिता के नाम पर स्थिति ये है कि जहां से मन करता है वहीं से लाइन का रूट बदल दिया जाता है। इसके चलते सीधे रास्ते की बजाय लाइन थोड़ी-थोड़ी दूरी पर न केवल मोड़ खा रही है बल्कि ऊबड़-खाबड़ स्थानों में इसे बिछाया जा रहा है। उन्होंने इस योजना कार्य की एंटी क्रप्शन ब्यूरो से जांच करवाने की पुरजोर मांग की। लोगों का कहना है इस प्रकार की स्थिति से लाइन न तो लंबी चल पाएगी और न ही लोगों को सुचारू रूप से पानी मिलेगा।
सजूमा रोड के नजदीक पूंडरी ड्रेन के साथ-साथ कुछ दूसरे स्थानों पर तो लाइन रस्सी व लकड़ी की तरह डाली मिली। लोगों का कहना है इस प्रकार की स्थिति से लाइन की लाइफ न तो लंबी चल पाएगी और न ही लोगों को सुचारू रूप से पानी नसीब होगा।
गुरथली मोड़ से बरवाला लिंक नहर का सिरसा ब्रांच नहर में पानी में छोड़ा जाएगा। इससे कई गांवों में पेयजल संकट का निवारण होगा। विभाग का ध्येय योजना की रूप रेखा अनुसार कार्य पूर्ण करवाना है। इसको लेकर हर तकनीकी पहलु पर नजर रखी जा रही है। फिर भी यदि किसी प्रकार की कोई शिकायत योजना के संबंध मेंं है उसका दूर किया जाएगा। -कुलदीप गिल, एसडीओ जन स्वास्थ्य विभाग कलायत
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कलायत। कलायत में 20 करोड़ की लागत से भाखड़ा के पानी को पहुंचाने की योजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों ने आरोप लगाए हैं कि निर्धारित लेवल की बजाय ऊंचे और निचले स्थानों पर पाइप लाइन को डाला जा रहा है। साथ ही लाइन को सीधा रखने की जगह कई मोड रखे हुए हैं। साथ ही सरकारी अधिकारी और एजेंसियों पर अपने अनुसार लाइन बिछाने के आरोप लगाए गए।
गौरतलब है कि कलायत में इस योजना के तहत गुरथली मोड से बरवाला लिंक नहर का सिरसा ब्रांच नहर में पानी छोड़ा जाएगा। इसे पाइप लाइन के जरिये कलायत शहर, शिमला, पिंजुपुरा, खरक पांडवा, रामगढ़ पांडवा, खेड़ी लांबा, ढूंढवा और कौलेखां गांव के जल घर में पहुंचाकर पेयजल संकट दूर करने का लक्ष्य है, लेकिन गांवों में पानी की पाइप लाइन बिछाने का जो कार्य जारी है उसे देखकर हर कोई हैरान हैं।
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प्रीत जगदेव, रोहताश, सुरेंद्र कुमार, विकास, अनिल कुमार व शमशेर ङ्क्षसह का कहना है कि पेयजल लाइन बिछाने का कार्य लेवलिंग और रूट अनुसार नहीं हो रहा। सरकारी अधिकारी और एजेंसी अपनी सुविधा अनुसार लाइन को बिछा रही हैं।
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तकनीकी पहलुओं के अनुसार कार्य न करने के चलते सिरसा ब्रांच नहर, पूंडरी ड्रेन, न्यू कलायत माइनर, सजूमा रोड, रेलवे रोड और दूसरी सरकारी संपत्ति को व्यापक स्तर पर क्षति पहुंचाई जा रही है। लोकसभा चुनाव आचार संहिता के नाम पर स्थिति ये है कि जहां से मन करता है वहीं से लाइन का रूट बदल दिया जाता है। इसके चलते सीधे रास्ते की बजाय लाइन थोड़ी-थोड़ी दूरी पर न केवल मोड़ खा रही है बल्कि ऊबड़-खाबड़ स्थानों में इसे बिछाया जा रहा है। उन्होंने इस योजना कार्य की एंटी क्रप्शन ब्यूरो से जांच करवाने की पुरजोर मांग की। लोगों का कहना है इस प्रकार की स्थिति से लाइन न तो लंबी चल पाएगी और न ही लोगों को सुचारू रूप से पानी मिलेगा।
सजूमा रोड के नजदीक पूंडरी ड्रेन के साथ-साथ कुछ दूसरे स्थानों पर तो लाइन रस्सी व लकड़ी की तरह डाली मिली। लोगों का कहना है इस प्रकार की स्थिति से लाइन की लाइफ न तो लंबी चल पाएगी और न ही लोगों को सुचारू रूप से पानी नसीब होगा।
गुरथली मोड़ से बरवाला लिंक नहर का सिरसा ब्रांच नहर में पानी में छोड़ा जाएगा। इससे कई गांवों में पेयजल संकट का निवारण होगा। विभाग का ध्येय योजना की रूप रेखा अनुसार कार्य पूर्ण करवाना है। इसको लेकर हर तकनीकी पहलु पर नजर रखी जा रही है। फिर भी यदि किसी प्रकार की कोई शिकायत योजना के संबंध मेंं है उसका दूर किया जाएगा। -कुलदीप गिल, एसडीओ जन स्वास्थ्य विभाग कलायत