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Kaithal News: बारिश में वेनिस जैसा नजर आने लगता है पूंडरी...
Fri, 04 Jul 2025 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 04 Jul 2025 12:57 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी। दो दिन पहले हुई बारिश ने प्रशासन के दावों की असलियत उजागर कर दी। महज आधे घंटे की बारिश ने साबित कर दिया कि जल निकासी की व्यवस्थाओं पर किया गया हर दावा खोखला है। नाराज लोगों का कहना है कि विधायक ने पूंडरी को पेरिस बनाने की बात कही थी लेकिन बारिश के दिनों में यह इटली का वेनिस बन जाता है।
उनका कहना था कि बारिश होते ही पूंडरी की वही पुरानी तस्वीर उभर आती है- सड़कों पर भरा गंदा पानी, दुकानों के सामने दलदल जैसे हालात और हर रोज़ परेशान होते नागरिक। गुरु ब्रह्मानंद चौक से गिरधर लाल आहलूवालिया चौक तक मुख्य बाज़ार की सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो जाती हैं।
दुकानदार, ग्राहक और राहगीर कीचड़ और गंदे पानी से होकर ही गुजरने को मजबूर हैं। हालात यह हैं कि एचएसवीपी की पेस्टीसाइड मार्केट का सबसे बुरा हाल है, जहां पानी रुकने से चारों तरफ बदबू और बीमारी का खतरा मंडरा रहा है। यह समस्या कोई नई नहीं है। हर विधानसभा चुनाव में जल निकासी का मुद्दा ज़ोर-शोर से उठता है। चाहे कोई भी पार्टी हो, हर प्रत्याशी इसे अपने घोषणापत्र में प्रमुखता से शामिल करता है। लेकिन चुनाव जीतने के बाद वादों का वही हाल होता है—वही ढाक के तीन पात।
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विधायक के पूंडरी को पेरिस बनाने के वादे फुस्स
लोगों ने कहा कि विधायक सतपाल जांबा ने चुनाव के दौरान पूंडरी को पेरिस की तर्ज़ पर विकसित करने का दावा किया था। लेकिन सच्चाई यह है कि पूंडरी पेरिस तो दूर, इन दिनों इटली के वेनिस जैसा जरूर दिख रहा है। फर्क इतना है कि वेनिस की जलधाराएं पर्यटकों को आकर्षित करती हैं, जबकि पूंडरी की गलियों में भरा यह पानी बीमारी और बदबू का अड्डा बन गया है। बस स्टैंड के पास दुकानदारों को दुकानों के आगे ईंटें रखनी पड़ रहीं हैं ताकि ग्राहक किसी तरह अंदर आ सकें।
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पूंडरी। दो दिन पहले हुई बारिश ने प्रशासन के दावों की असलियत उजागर कर दी। महज आधे घंटे की बारिश ने साबित कर दिया कि जल निकासी की व्यवस्थाओं पर किया गया हर दावा खोखला है। नाराज लोगों का कहना है कि विधायक ने पूंडरी को पेरिस बनाने की बात कही थी लेकिन बारिश के दिनों में यह इटली का वेनिस बन जाता है।
उनका कहना था कि बारिश होते ही पूंडरी की वही पुरानी तस्वीर उभर आती है- सड़कों पर भरा गंदा पानी, दुकानों के सामने दलदल जैसे हालात और हर रोज़ परेशान होते नागरिक। गुरु ब्रह्मानंद चौक से गिरधर लाल आहलूवालिया चौक तक मुख्य बाज़ार की सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो जाती हैं।
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दुकानदार, ग्राहक और राहगीर कीचड़ और गंदे पानी से होकर ही गुजरने को मजबूर हैं। हालात यह हैं कि एचएसवीपी की पेस्टीसाइड मार्केट का सबसे बुरा हाल है, जहां पानी रुकने से चारों तरफ बदबू और बीमारी का खतरा मंडरा रहा है। यह समस्या कोई नई नहीं है। हर विधानसभा चुनाव में जल निकासी का मुद्दा ज़ोर-शोर से उठता है। चाहे कोई भी पार्टी हो, हर प्रत्याशी इसे अपने घोषणापत्र में प्रमुखता से शामिल करता है। लेकिन चुनाव जीतने के बाद वादों का वही हाल होता है—वही ढाक के तीन पात।
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विधायक के पूंडरी को पेरिस बनाने के वादे फुस्स
लोगों ने कहा कि विधायक सतपाल जांबा ने चुनाव के दौरान पूंडरी को पेरिस की तर्ज़ पर विकसित करने का दावा किया था। लेकिन सच्चाई यह है कि पूंडरी पेरिस तो दूर, इन दिनों इटली के वेनिस जैसा जरूर दिख रहा है। फर्क इतना है कि वेनिस की जलधाराएं पर्यटकों को आकर्षित करती हैं, जबकि पूंडरी की गलियों में भरा यह पानी बीमारी और बदबू का अड्डा बन गया है। बस स्टैंड के पास दुकानदारों को दुकानों के आगे ईंटें रखनी पड़ रहीं हैं ताकि ग्राहक किसी तरह अंदर आ सकें।