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Kaithal News: प्रशस्त एप दिव्यांगों के लिए वरदान ः भारती
Fri, 16 May 2025 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 16 May 2025 01:15 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। समग्र शिक्षा अभियान कार्यालय के आह्वान पर वीरवार को बच्चों की स्क्रीनिंग के लिए प्रशस्त एप टेस्टिंग के लिए एनसीईआरटी दिल्ली की ओर से ऑनलाइन माध्यम से एक दिन की कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें राज्य भर से 24 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
कार्यशाला का आयोजन प्रोफेसर भारती कौशिक ने किया। उन्होंने बताया कि प्रशस्त एप दिव्यांगों के लिए वरदान साबित होगी। उन्होंने बताया कि दिव्यांग बच्चों की बहुत सी कमियों को देखकर उन्हें नहीं पहचाना जा सकता। इस एप के माध्यम से उनकी स्क्रीनिंग में बहुत मदद मिलेगी। स्क्रीनिंग के लिए 62 प्रश्नों की एक प्रश्नावली निर्धारित की गई है जिसमें स्कूल के सभी बच्चों का उनके इंचार्ज की ओर से निरीक्षण किया जाएगा व एप में बच्चों के प्रत्येक व्यवहार संबंधित जानकारी भरी जाएगी।
एप का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों का वैज्ञानिक निरीक्षण करना है। जिससे दिव्यांग बच्चों की समय रहते पहचान की जा सकेगी, ताकि ब्लॉक या डिस्ट्रिक्ट लेवल पर कैंप लगाकर उनकी आधारभूत आवश्यकता पूरी की जा सके। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि मेडिकल असेसमेंट कैंप में अधिक से अधिक बच्चों को प्रमाण पत्र जारी करने में इस एप से सहयोग मिलेगा।
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इस अवसर पर जिला संयोजक कुशल कुमार ने कहा की जिला कैथल के सभी स्पेशल अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकी वे अपने-अपने खंड में इस एप का भरपूर प्रयोग करवा सके। विशेष तौर पर अध्यापकों को यह प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले मास्टर ट्रेनर की ओर से दिया जाएगा।
इस कार्यशाला में एपीसी कुशल कुमार, प्रधानाचार्य आरोही मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल डॉक्टर मनीष सिंगला, स्पेशल एजुकेटर इंद्रजीत व अरुण शर्मा शामिल हुए।
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कैथल। समग्र शिक्षा अभियान कार्यालय के आह्वान पर वीरवार को बच्चों की स्क्रीनिंग के लिए प्रशस्त एप टेस्टिंग के लिए एनसीईआरटी दिल्ली की ओर से ऑनलाइन माध्यम से एक दिन की कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें राज्य भर से 24 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
कार्यशाला का आयोजन प्रोफेसर भारती कौशिक ने किया। उन्होंने बताया कि प्रशस्त एप दिव्यांगों के लिए वरदान साबित होगी। उन्होंने बताया कि दिव्यांग बच्चों की बहुत सी कमियों को देखकर उन्हें नहीं पहचाना जा सकता। इस एप के माध्यम से उनकी स्क्रीनिंग में बहुत मदद मिलेगी। स्क्रीनिंग के लिए 62 प्रश्नों की एक प्रश्नावली निर्धारित की गई है जिसमें स्कूल के सभी बच्चों का उनके इंचार्ज की ओर से निरीक्षण किया जाएगा व एप में बच्चों के प्रत्येक व्यवहार संबंधित जानकारी भरी जाएगी।
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एप का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों का वैज्ञानिक निरीक्षण करना है। जिससे दिव्यांग बच्चों की समय रहते पहचान की जा सकेगी, ताकि ब्लॉक या डिस्ट्रिक्ट लेवल पर कैंप लगाकर उनकी आधारभूत आवश्यकता पूरी की जा सके। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि मेडिकल असेसमेंट कैंप में अधिक से अधिक बच्चों को प्रमाण पत्र जारी करने में इस एप से सहयोग मिलेगा।
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इस अवसर पर जिला संयोजक कुशल कुमार ने कहा की जिला कैथल के सभी स्पेशल अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकी वे अपने-अपने खंड में इस एप का भरपूर प्रयोग करवा सके। विशेष तौर पर अध्यापकों को यह प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले मास्टर ट्रेनर की ओर से दिया जाएगा।
इस कार्यशाला में एपीसी कुशल कुमार, प्रधानाचार्य आरोही मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल डॉक्टर मनीष सिंगला, स्पेशल एजुकेटर इंद्रजीत व अरुण शर्मा शामिल हुए।