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सौहार्द और शांति स्थापना हो नेताओं की प्राथमिकता : योगेंद्र

Sat, 19 Mar 2016 12:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कैथल/कलायत।
ब्यूरो/अमर उजाला कैथल/कलायत। Updated Sat, 19 Mar 2016 12:43 AM IST
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कैथ्‍ाल - फोटो : अमर उजाला
सद्भावना मंच हरियाणा के संयोजक योगेंद्र यादव ने अपने साथियों के साथ शुक्रवार को कैथल, कलायत व पूंडरी में हिंसा से पीड़ित लोगों से मुलाकात की और आंदोलन के दौरान हुए उपद्रव की जानकारी ली। उन्होंने पहले कलायत में लोगों से मुलाकात की। इसके बाद कैथल में हिंसाग्रस्त प्रतिष्ठानों पर जाकर जानकारी जुटाई। बाद में जिला बार एसोसिएशन सेमीनार हाल में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा के नेताओं की प्राथमिकता चुनावी गणित का हिसाब-किताब लगाने की बजाए प्रदेश में सौहार्द एवं शांति स्थापित करने की होनी चाहिए। जिन लोगों का नुकसान हुआ है, उन्हें उचित मुआवजा व सहायता देने सहित सामाजिक खाई को पाटने की दिशा में काम करना चाहिए। समाज को तोड़ने वालों ने तो अपना काम कर दिया, लेकिन आज जरूरत महसूस हो रही है प्रदेश को जोड़ने वालों की।
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उन्होंने समाज को फिर से जोड़ने के लिए एवं घटनाक्रम की सच्चाई को उजागर करने के लिए जन आयोग का गठन किया है, जिसमें मुख्य रूप से वीएन राय, टीपी शर्मा, राजीव गोदारा, मेहर सिंह संधू, राजेंद्र चौधरी, राम मोहन राय शामिल किए गए हैं। यह जन आयोग करीब डेढ़ माह प्रदेश का दौरा करेगा और घटनाक्रम के दौरान हुए नुकसान का जायजा लेगा। यह आयोग सारे प्रदेश का दौरा कर पूरे घटनाक्रम की सच्चाई जनता के सामने लाकर रखेगा। योगेंद्र यादव ने कहा कि समाज को एकजुट होने की बात सभी दल रख रहे हैं, लेकिन इस घटनाक्रम से लोगों के मन में चोटें आई है। ये जोड़ मीठी बातों से नहीं होगा, बल्कि सद्भाव के लिए कड़वे सच का सामना करना होगा।
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आरक्षण आंदोलन अनुशासनहीन हुआ, जो अराजकता फैली। उस समय न सरकार दिखी और न ही प्रशासन। उस सारे घटनाक्रम के दौरान सेना का भी मजाक बना दिया गया। हरियाणा के तमाम कर्णधार घर की आग में घी डालकर रोटियां सेकने का काम कर रहे थे। यादव ने आरोप लगाया कि जिस तरह बीजेपी ने अपने ही एक सांसद को समाज को भड़काने की खुले ब्यान देने की छूट दे दी तो वहीं पूरे आंदोलन के दौरान कांग्रेस की भूमिका भी संदेहास्पद रही। इस अवसर पर उनके साथ राजीव गोदारा, प्रदेश सचिव, एसपी सिंह, संयोजक स्वाभिमान मंच हरियाणा, डा. जगदीश चन्द्र, इन्द्र जींद, ओरव शर्मा, कुमार मुकेश भी मौजूद थे।
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आपसी विश्वास को जोड़ना वक्त की सबसे बड़ी जरूरत
कलायत। सद्भावना मंच हरियाणा के पदाधिकारियों ने योगेंद्र यादव के नेतृत्व में कलायत के उन दुकानदारों से मुलाकात की जिनकी दुकानों को आरक्षण आंदोलन की आड़ में जला दिया गया था। कलायत के कैंची चौंक पर जलाई गई दुकानों का टीम ने जायजा लिया व दुकानदारों से बात की। योगेेंद्र यादव ने कहा कि यह सच है कि प्रदेश सरकार हिंसा को रोकने में पूरी तरह से असफल रही। स्पष्ट निर्देशों की कमी के चलते प्रशासन व पुलिस मूकदर्शक बने रहे, सेना को भी प्रभावी आदेश था। उससे भी बड़ा सच यह है कि अधिकांश राजनीतिक पार्टियों व उनके नेताओं ने इस प्रकरण में गैर जिम्मेदाराना भूमिका निबाही।
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