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धोखाधड़ी के मामलों में पुलिस ने चार के खिलाफ दर्ज किया केस
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कैथल। जिले के अलग-अलग स्थानों पर धोखाधड़ी के चार मामले सामने आए है। इन मामलों में पुलिस ने पीडितों की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
पहले मामले में पुलिस को दी शिकायत में अमरगढ़ निवासी रामभरोसे ने बताया कि 28 जनवरी 2018 को उसने एजेंट रामदिया को 9 हजार रुपये देकर पॉलिसी कराई गई थी। इसके बाद उसने 7 बार किस्त दी और एजेंट ने उसे नकली रसीद बनाकर थमा दी। वे जांच के लिए एलआईसी की स्थानीय शाखा के मैनेजर के पास गए। उन्होंने पॉलिसी चैक करके बताया कि आपकी सभी रसीदें नकली हैं और केवल एक किस्त जमा है। इसके बाद उनके कार्यालय में कोई किस्त जमा नहीं है। इसके बाद उसने इसकी शिकायत पुलिस को दी।
दूसरे मामले में फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी बलिंद्र सिंह ने सिविल लाइन थाने को दी शिकायत में बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने परिवार के सदस्य अमरजीत ढुल की व्हाट्सएप आईडी बनाकर उस पर अमरजीत की फोटो लगाकर उससे पैसे की डिमांड की। उससे कहा कि किसी को तत्काल भेजने हैं। सुबह कार्यालय में पैसे मिल जाएंगे। उसने अमरजीत समझकर डेढ़ लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब सुबह अमरजीत से इस बारे में बात हुई तो उसने मना कर दिया कि उसने ने कोई पैसे की डिमांड नहीं की थी और न कोई आपसे इस बारे में बात हुई है। पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है।
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तीसरे मामले में पुलिस लाइन निवासी सिपाही बूटा सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गुरप्रीत सिंह ने उससे ऑनलाइन फोन देने के नाम पर धोखाधड़ी की है। 7 व 8 जनवरी को उनके पास फोन आया कि आपकी हेल्पफुल सोसाइटी में सेवा करना चाह रहे है। आरोपी ने बताया कि उसका भाई एप्पल मोबाइल कंपनी में लगा हुआ है। उसे आई फोन की जरूरत है तो भाई को कहकर नया मोबाइल फोन कम रेट पर दिलवा देंगे। उसके बाद उसकी बातों में आ गया और उसने मोबाइल फोन देने के नाम पर 10 जुलाई को पहले 15 हजार रुपये गूगल पे से मोबाइल नंबर पर भेज दिए। इसके बाद फिर इसी नंबर पर 3500, 10 हजार, 22 हजार रुपये अलग-अलग तारीखों में उसने आरोपी को भेज दिए। इसके बाद आरोपी गुरप्रीत सिंह ने न तो उसे कोई फोन नहीं दिया और रुपये भी वापस नहीं किए।
चौथे मामले में फर्जी एनओसी जमा कर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पुलिस को दी शिकायत मेें एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड के ब्रांच मैनेजर प्रदीप ने बताया कि आरोपी कृपाल सिंह ने 4 मार्च 2021 को गाड़ी ली थी। इसके लिए उसने 3 लाख 73 हजार रुपये का ऋण एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड से लिया था। इसमें आरोपी ने जोगिंदर व बिंटू को गारंटर बनाया था। ऋण चुकाने तक गाड़ी किसी दूसरे व्यक्ति को नहीं बेची जा सकती थी, लेकिन आरोपी ने फर्जी एनओसी जमा करके बैंक के साथ धोखाधड़ी की है। पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर मामलों की जांच शुरू कर दी है।
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पहले मामले में पुलिस को दी शिकायत में अमरगढ़ निवासी रामभरोसे ने बताया कि 28 जनवरी 2018 को उसने एजेंट रामदिया को 9 हजार रुपये देकर पॉलिसी कराई गई थी। इसके बाद उसने 7 बार किस्त दी और एजेंट ने उसे नकली रसीद बनाकर थमा दी। वे जांच के लिए एलआईसी की स्थानीय शाखा के मैनेजर के पास गए। उन्होंने पॉलिसी चैक करके बताया कि आपकी सभी रसीदें नकली हैं और केवल एक किस्त जमा है। इसके बाद उनके कार्यालय में कोई किस्त जमा नहीं है। इसके बाद उसने इसकी शिकायत पुलिस को दी।
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दूसरे मामले में फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी बलिंद्र सिंह ने सिविल लाइन थाने को दी शिकायत में बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने परिवार के सदस्य अमरजीत ढुल की व्हाट्सएप आईडी बनाकर उस पर अमरजीत की फोटो लगाकर उससे पैसे की डिमांड की। उससे कहा कि किसी को तत्काल भेजने हैं। सुबह कार्यालय में पैसे मिल जाएंगे। उसने अमरजीत समझकर डेढ़ लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब सुबह अमरजीत से इस बारे में बात हुई तो उसने मना कर दिया कि उसने ने कोई पैसे की डिमांड नहीं की थी और न कोई आपसे इस बारे में बात हुई है। पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है।
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तीसरे मामले में पुलिस लाइन निवासी सिपाही बूटा सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गुरप्रीत सिंह ने उससे ऑनलाइन फोन देने के नाम पर धोखाधड़ी की है। 7 व 8 जनवरी को उनके पास फोन आया कि आपकी हेल्पफुल सोसाइटी में सेवा करना चाह रहे है। आरोपी ने बताया कि उसका भाई एप्पल मोबाइल कंपनी में लगा हुआ है। उसे आई फोन की जरूरत है तो भाई को कहकर नया मोबाइल फोन कम रेट पर दिलवा देंगे। उसके बाद उसकी बातों में आ गया और उसने मोबाइल फोन देने के नाम पर 10 जुलाई को पहले 15 हजार रुपये गूगल पे से मोबाइल नंबर पर भेज दिए। इसके बाद फिर इसी नंबर पर 3500, 10 हजार, 22 हजार रुपये अलग-अलग तारीखों में उसने आरोपी को भेज दिए। इसके बाद आरोपी गुरप्रीत सिंह ने न तो उसे कोई फोन नहीं दिया और रुपये भी वापस नहीं किए।
चौथे मामले में फर्जी एनओसी जमा कर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पुलिस को दी शिकायत मेें एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड के ब्रांच मैनेजर प्रदीप ने बताया कि आरोपी कृपाल सिंह ने 4 मार्च 2021 को गाड़ी ली थी। इसके लिए उसने 3 लाख 73 हजार रुपये का ऋण एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड से लिया था। इसमें आरोपी ने जोगिंदर व बिंटू को गारंटर बनाया था। ऋण चुकाने तक गाड़ी किसी दूसरे व्यक्ति को नहीं बेची जा सकती थी, लेकिन आरोपी ने फर्जी एनओसी जमा करके बैंक के साथ धोखाधड़ी की है। पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर मामलों की जांच शुरू कर दी है।