फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Players showed their strength in wrestling

Kaithal News: कुश्ती में खिलाड़ियों ने दिखाया दम

Sun, 31 Aug 2025 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sun, 31 Aug 2025 12:49 AM IST
विज्ञापन
Players showed their strength in wrestling
39 कलायत: बाबा की मजार पर पूजा करते श्रद्धालु - फोटो : स्रोत खेल विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


कलायत। कलायत स्थित श्री जाहर वीर गोगा पीर धार्मिक स्थल पर वार्षिक छड़ियों का मेला शुक्रवार को भारी धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। मेले में इस बार श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ उमड़ी। हर साल की तरह इस बार भी मेले में हुई कुश्ती प्रतियोगिता में पहलवानों ने दम दिखाया।

भगवान परशुराम सामुदायिक परिसर में हुई इस प्रतियोगिता में सभी आयु वर्ग के पहलवानों ने दमखम दिखाया। बड़ी संख्या में दर्शक पहलवानों के मुकाबले देखने पहुंचे और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। उधर, धार्मिक स्थल से रेलवे रोड, श्री कपिल मुनि धाम मार्ग, हैफड़ मार्ग और आसपास का पूरा आवासीय क्षेत्र मेले के रंग में रंगा दिखाई दिया। प्रबंध समिति ने न केवल गोगा माड़ी स्थल को विशेष रूप से सजाया, बल्कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध भी किए।
विज्ञापन


परंपरा और पूजा-अर्चना ः मेले की विशेषता यह रही कि मजार पर लाई गई छड़ियों की विशेष पूजा-अर्चना की गई। छड़ी के पूजा स्थल पर सबसे पहले गुरु गोरखनाथ जी की पूजा हुई, उसके बाद छड़ी को अन्य स्थलों पर शीश नवाकर श्रद्धालुओं के लिए स्थापित कर दिया गया। दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। महिलाएं लोकगीत गाती हुई गोगा पीर स्थल पर पहुंचीं और धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया। पहली छड़ी का पूजन जुगनू जी भगत के पवित्र स्थल पर हवन के साथ हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन


भंडारे और मेले की रौनक ः मेला परिसर में अनेक स्थानों पर भंडारे का आयोजन किया गया। खेल-खिलौनों की दुकानों के साथ गिफ्ट गैलरी, शिल्पकारों के आकर्षक स्टॉल और दैनिक जरूरत के सामान की दुकानों ने भी लोगों को खूब लुभाया। गर्मागरम जलेबी और अन्य व्यंजन भी विशेष आकर्षण रहे।

गोगा पीर की कथा और मान्यता

प्रबंध समिति प्रधान सुरेंद्र राणा ने बताया कि हर साल भादो माह की शुक्ल पक्ष सप्तमी को यह मेला लगता है। जाहर वीर गोगा को जन्म से अजेय माना गया है। उनकी कथा नाथ संप्रदाय काल से जुड़ी है। गोगा ने सभी धर्मों की रक्षा के लिए फिरोजशाह द्वितीय से युद्ध किया था और बाद में राजस्थान के जोहर नामक स्थान पर समाधि ली। तभी से उनकी स्मृति में भादो मास की नवमी को विशाल मेला लगता है। गोगा पीर की पूजा सभी धर्मों में होती है। मान्यता है कि गुरु गोरखनाथ ने उन्हें सांपों की सेना अधर्म के अंत के लिए दी थी, इसलिए पूजा स्थल पर सांपों के चित्र बनाए जाते हैं।


कई ने की दंडवत यात्रा

नगर खेड़ा से अनेक श्रद्धालु लंबी दंडवत यात्रा करते हुए बाबा की मजार पर पहुंचे। भगत विनोद धीमान ने बताया कि गोलू, विक्रम राणा, अनमोल राणा, केशव नैनवाय और मुकेश शर्मा करीब दो किलोमीटर की दंडवत यात्रा करते हुए बाबा की मजार तक पहुंचे और माथा टेका।

39 कलायत: बाबा की मजार पर पूजा करते श्रद्धालु

39 कलायत: बाबा की मजार पर पूजा करते श्रद्धालु- फोटो : स्रोत खेल विभाग

39 कलायत: बाबा की मजार पर पूजा करते श्रद्धालु

39 कलायत: बाबा की मजार पर पूजा करते श्रद्धालु- फोटो : स्रोत खेल विभाग

39 कलायत: बाबा की मजार पर पूजा करते श्रद्धालु

39 कलायत: बाबा की मजार पर पूजा करते श्रद्धालु- फोटो : स्रोत खेल विभाग

39 कलायत: बाबा की मजार पर पूजा करते श्रद्धालु

39 कलायत: बाबा की मजार पर पूजा करते श्रद्धालु- फोटो : स्रोत खेल विभाग

39 कलायत: बाबा की मजार पर पूजा करते श्रद्धालु

39 कलायत: बाबा की मजार पर पूजा करते श्रद्धालु- फोटो : स्रोत खेल विभाग

39 कलायत: बाबा की मजार पर पूजा करते श्रद्धालु

39 कलायत: बाबा की मजार पर पूजा करते श्रद्धालु- फोटो : स्रोत खेल विभाग

39 कलायत: बाबा की मजार पर पूजा करते श्रद्धालु

39 कलायत: बाबा की मजार पर पूजा करते श्रद्धालु- फोटो : स्रोत खेल विभाग

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed