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Kaithal News: सब्जियों की खेती पर प्रति एकड़ मिलेगी प्रोत्साहन राशि
Wed, 01 Apr 2026 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 01 Apr 2026 01:46 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न विशेष अनुदान योजनाएं लागू की हैं। इन योजनाओं के तहत सब्जियों, मशरूम और आधुनिक तकनीक आधारित खेती को अपनाने वाले किसानों को सरकार प्रोत्साहन राशि दे रही है। यह रकम 15,000 से 25,500 रुपये तक है।
यह जानकारी डीसी अपराजिता ने दी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, बांस आधारित सब्जी उत्पादन पर 31,250 से 53,125 रुपये तथा आयरन स्टेकिंग तकनीक अपनाने पर 70,500 से 1,19,850 रुपये तक की सहायता प्रदान की जा रही है।
प्लास्टिक मल्चिंग को बढ़ावा देने के लिए 2 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से अनुदान भी दिया जा रहा है, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में सुधार होता है।
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डीसी अपराजिता ने बताया कि मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार की ओर से विशेष अनुदान दिया जा रहा है। मशरूम झोपड़ी निर्माण पर 22,500 से 25,500 रुपये तथा मशरूम ट्रे के लिए 15,000 से 25,500 रुपये प्रति किसान सहायता प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही बागवानी मशीनरी और उपकरणों की खरीद पर 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध है, जिससे किसान आधुनिक तकनीकों को आसानी से अपना सकें।
डीसी अपराजिता ने बताया कि बागवानी विभाग की योजनाओं का लाभ उठाकर जिले के किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर रहे हैं। विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन से किसान नई तकनीकों को अपनाकर बेहतर उत्पादन हासिल कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बांस स्टेकिंग तकनीक से किसान करीब 4 लाख रुपये प्रति एकड़ तक लाभ कमा रहे हैं, जबकि गाजर की खेती से लगभग 2 लाख रुपये प्रति एकड़ तक आय संभव है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की इन योजनाओं से जिले में बागवानी को बढ़ावा मिल रहा है और किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ नकदी फसलों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
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कैथल। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न विशेष अनुदान योजनाएं लागू की हैं। इन योजनाओं के तहत सब्जियों, मशरूम और आधुनिक तकनीक आधारित खेती को अपनाने वाले किसानों को सरकार प्रोत्साहन राशि दे रही है। यह रकम 15,000 से 25,500 रुपये तक है।
यह जानकारी डीसी अपराजिता ने दी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, बांस आधारित सब्जी उत्पादन पर 31,250 से 53,125 रुपये तथा आयरन स्टेकिंग तकनीक अपनाने पर 70,500 से 1,19,850 रुपये तक की सहायता प्रदान की जा रही है।
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प्लास्टिक मल्चिंग को बढ़ावा देने के लिए 2 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से अनुदान भी दिया जा रहा है, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में सुधार होता है।
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डीसी अपराजिता ने बताया कि मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार की ओर से विशेष अनुदान दिया जा रहा है। मशरूम झोपड़ी निर्माण पर 22,500 से 25,500 रुपये तथा मशरूम ट्रे के लिए 15,000 से 25,500 रुपये प्रति किसान सहायता प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही बागवानी मशीनरी और उपकरणों की खरीद पर 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध है, जिससे किसान आधुनिक तकनीकों को आसानी से अपना सकें।
डीसी अपराजिता ने बताया कि बागवानी विभाग की योजनाओं का लाभ उठाकर जिले के किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर रहे हैं। विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन से किसान नई तकनीकों को अपनाकर बेहतर उत्पादन हासिल कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बांस स्टेकिंग तकनीक से किसान करीब 4 लाख रुपये प्रति एकड़ तक लाभ कमा रहे हैं, जबकि गाजर की खेती से लगभग 2 लाख रुपये प्रति एकड़ तक आय संभव है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की इन योजनाओं से जिले में बागवानी को बढ़ावा मिल रहा है और किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ नकदी फसलों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।