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Kaithal News: सरकारी योजनाओं के दायरे से बाहर हो रहे लोग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 05 Apr 2023 12:57 AM IST
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People getting out of the purview of government schemes
कैथल। परिवार पहचान पत्र में एक बार फिर बदलाव प्रक्रिया शुरू हो गई है। जो लोग सरकार के अनुसार नियमों पर खरा नहीं उतर रहे, उनकी पीपीपी में आय एक लाख 80 हजार से अधिक हो रही है। इस कारण लाभार्थी लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।
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यह प्रक्रिया लगातार 20 दिनों से चल रही है। अभी तक सबसे ज्यादा मामले 9000 रुपये से अधिक सालाना बिजली बिल भरने वाले लोगों के हैं।

इस समय परिवार पहचान पत्र की जांच जारी है। इसमें कोई कमी नजर आती है या नियमों पर खरा नहीं उतर रहे तो मानक आय एक लाख 80 हजार रुपये से अधिक हो रही है। सबसे ज्यादा लोग सालाना 9000 रुपये से ज्यादा सालाना बिजली बिल की वजह से परेशान हो रहे हैं।
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सतीश, मनजीत, कर्मपाल, सोहन ने मांग की कि सरकार को बिजली बिल की इस शर्त को खत्म करना चाहिए या इसकी लिमिट बढ़ाकर 30 हजार रुपये करनी चाहिए। 9000 रुपये बिजली बिल की शर्त से बहुतों का नुकसान हो रहा है।
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गौरतलब है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किसानों की आय सीमा के अलावा नौ हजार रुपये सालाना बिजली बिल के फार्मूले में संशोधन करने के भी संकेत दिए हैं लेकिन अभी तक बदलाव का फरमान नहीं आया है। ऐसे में लोगों की आय ज्यादा दिखने से उन्हें मिलने वाले सरकारी लाभ से वंचित होना पड़ रहा है।
केस-1
आयकर रिटर्न भरने पर पीपीपी में आय हुई ज्यादा

राजौंद निवासी पिंकी रानी ने कहा कि उनका लगभग चार माह पहले बीपीएल राशन कार्ड बना था। उस समय उनकी पीपीपी में एक लाख 80 हजार से कम आय सत्यापित थी। लेकिन 20 दिन पहले अपने आप उनकी आय ढाई लाख हो गई। जिसके चलते उनको अब बीपीएल पर मिलने वाला लाभ भी बंद हो गया। जब उन्होंने चेक किया तो उनकी पहले के समय में आयकर रिटर्न भरी हुई पाई गई। जो काफी पुरानी है।
केस-2
अधिक बिजली बिल भरा होने पर कट गया राशन कार्ड

कैथल निवासी सतीश कुमार ने बताया कि पहले उनका बीपीएल राशन कार्ड था। लेकिन पीपीपी में उसकी आय ढाई लाख रुपये दिखाए जाने के बाद उसका राशन कार्ड भी कट गया और अन्य सरकारी योजनाओं से भी वह वंचित है। उसकी पीपीपी में उसका बिजली बिल नौ हजार से अधिक भार हुआ दिखाया है। जिसके चलते उनकी आय अधिक बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि सरकार को बिजली बिल वाली जो पॉलिसी नियम है या तो इसे खत्म किया जाए या इसी लिमिट बढ़ाकर 30 हजार रुपये किया जाए। ताकि बिजली बिल के कारण लोगों की आय पर प्रभाव न पड़े।
ये हैं राशन कार्ड रद्द होने के कारण
जिनकी पीपीपी में आमदनी सत्यापित नहीं है।

परिवार के किसी सदस्य ने पिछले तीन साल में आयकर रिटर्न एक लाख 80 हजार प्रति वर्ष भरा है।

परिवार ने 9000 से अधिक वार्षिक बिजली बिल का भुगतान किया है।
परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है। अगर परिवार को कोई भी सदस्य श्रमिक है और उसके पास श्रम कार्ड है और वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये प्रतिवर्ष से अधिक है।

परिवार का कोई भी सदस्य पेंशनर है, वह पेंशनभोगी है और उसकी आय वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये प्रति वर्ष से अधिक है।
परिवार के किसी भी सदस्य की शहरी संपत्ति शहरी क्षेत्र में है और आकार 100 वर्ग गज से अधिक है।
परिवार के किसी भी सदस्य की ग्रामीण संपत्ति ग्रामीण क्षेत्र में है और आकार 200 वर्ग गज से अधिक है।
क्या कर सकते हैं
परिवार पहचान पत्र में ज्यादा आय दर्ज होने पर संबंधित व्यक्ति सत्यापित दस्तावेज लेकर सीएससी पर जाकर उसे री-वेरिफिकेशन के लिए अप्लाई कर सकता है। करेक्शन मॉडल में जाकर उसकी रिक्वेस्ट फॉरवर्ड कर देगा और स्लिप दे देगा। इसके बाद समय सीमा के बाद आय में सुधार हो जाएगा।
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