{"_id":"63237ea42c86011cf7261ee9","slug":"pension-was-cut-off-showing-the-elderly-as-dead-kaithal-news-knl121276250","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुजुर्ग को मृत दिखा काट दी पेंशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुजुर्ग को मृत दिखा काट दी पेंशन
विज्ञापन
कैथल। गांव मटौर में भी एक बुजुर्ग को मृत दिखाकर उसकी बुढ़ापा पेंशन काट दी। वजह बताई गई पहचान पत्र में नाम कटना। लघु सचिवालय में हुई बैठक में इसका खुलासा बृहस्पतिवार को तब हुआ जब वह परिवहन मंत्री मूलचंद को शिकायत देने के लिए पहुंचा।
गांव मटौर निवासी मीठिया राम ने मंत्री को शिकायत दी कि उनकी पेंशन पिछले तीन महीने से ही बंद हो गई। इस पर पहले तो मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी, लेकिन जैसे ही अधिकारी ने बुुजुर्ग की पेंशन दोबारा शुरू करने का स्पष्टीकरण दिया तो उनका बचाव हो पाया। अधिकारी ने बताया कि तकनीक खामियों के चलते परिवार पहचान पत्र से बुजुर्ग का नाम कट गया था। इसके बाद मुख्यालय में अधिकारियों से बातचीत कर पेंशन बनाने का प्रस्ताव भेजा था। अब बुजुर्ग मीठिया राम का नाम रिकॉर्ड में जोड़ दिया है। इस पर परिवहन मंत्री ने कहा कि बाबा आपकी पेंशन अगले महीने खाते में आ जाएगी।
मामले आ रहे हैं सामने
गौरतलब है कि पेंशन प्रणाली को परिवार पहचान पत्र से लागू करने के बाद से ही बुजुर्गों की पेंशन कटने के मामले सामने आ रहे हैं। सबसे पहले रोहतक में 102 वर्षीय बुजुर्ग ने ‘थारा फूफा जिंदा है’ के नारों के साथ अपनी बारात निकाली थी। इसके बाद भी अन्य स्थानों पर बुजुर्गों की पेंशन काटे जाने का मुद्दा लगातार हावी हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव मटौर निवासी मीठिया राम ने मंत्री को शिकायत दी कि उनकी पेंशन पिछले तीन महीने से ही बंद हो गई। इस पर पहले तो मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी, लेकिन जैसे ही अधिकारी ने बुुजुर्ग की पेंशन दोबारा शुरू करने का स्पष्टीकरण दिया तो उनका बचाव हो पाया। अधिकारी ने बताया कि तकनीक खामियों के चलते परिवार पहचान पत्र से बुजुर्ग का नाम कट गया था। इसके बाद मुख्यालय में अधिकारियों से बातचीत कर पेंशन बनाने का प्रस्ताव भेजा था। अब बुजुर्ग मीठिया राम का नाम रिकॉर्ड में जोड़ दिया है। इस पर परिवहन मंत्री ने कहा कि बाबा आपकी पेंशन अगले महीने खाते में आ जाएगी।
विज्ञापन
मामले आ रहे हैं सामने
गौरतलब है कि पेंशन प्रणाली को परिवार पहचान पत्र से लागू करने के बाद से ही बुजुर्गों की पेंशन कटने के मामले सामने आ रहे हैं। सबसे पहले रोहतक में 102 वर्षीय बुजुर्ग ने ‘थारा फूफा जिंदा है’ के नारों के साथ अपनी बारात निकाली थी। इसके बाद भी अन्य स्थानों पर बुजुर्गों की पेंशन काटे जाने का मुद्दा लगातार हावी हो रहा है।
विज्ञापन