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Kaithal News: सीवन की ऐतिहासिक धरोहर पीपल लोगों की जुबान पर पीपल वाला चौक
Tue, 27 May 2025 01:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 27 May 2025 01:44 AM IST
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सीवन। नगर का मुख्य चौक, जिसे स्थानीय लोग पीपल वाला चौक के नाम से जानते हैं, अब एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गया है। लगभग 100 वर्ष पुराना पीपल का पेड़, जो राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के एक कोने पर स्थित है, अब केवल ऐतिहासिक धरोहर नहीं, बल्कि नगर की पहचान बन चुका है।
इस पेड़ के आसपास बनी चारदीवारी इसके महत्व को रेखांकित करती हैं। स्थानीय दुकानदारों से लेकर राहगीरों तक, सभी इस स्थान को अपने पते में पीपल वाला चौक के रूप में प्रयोग करते हैं।
पीपल का यह पेड़ केवल एक भू-स्थान नहीं, बल्कि औषधीय गुणों से भरपूर जीवनदायी वृक्ष भी है। आयुर्वेद के अनुसार, इसकी छाल, पत्ते, जड़ और फल पाचन, घाव भरने, तनाव कम करने और अन्य कई बीमारियों में लाभकारी होते हैं। यह एकमात्र वृक्ष है जो दिन-रात ऑक्सीजन उत्सर्जन करता है, इसीलिए इसे जीवन रक्षक भी कहा जाता है।
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हालांकि विगत वर्षों में इस पेड़ और चौक की उपेक्षा की गई थी। इसके आसपास कचरा जमा होता रहता था, और एक समय तो नगर पालिका ने यहां कूड़ेदान भी रख दिए थे, जिससे इसकी गरिमा और पर्यावरणीय महत्त्व को ठेस पहुंची लेकिन अब नगर पालिका ने इस चौक का कायाकल्प कर दिया है। संवाद
पीपल का महत्व
पीपल का पेड़ आयुर्वेद, पर्यावरण, धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टि से अत्यंत उपयोगी है। नीचे इसके मुख्य उपयोग बिंदुओं में दिए गए हैं ः-
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पीपल 24 घंटे ऑक्सीजन छोड़ता है, दिन और रात दोनों समय।
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यह वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड को भी अवशोषित करता है।
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छाल और पत्ते : श्वसन रोग, डायबिटीज, बुखार और दस्त में उपयोगी माने जाते हैं।
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दूध (पेड़ से निकलने वाला लेटेक्स) ः त्वचा रोगों और घाव भरने में लाभकारी।
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आस-पास के क्षेत्र का तापमान कम करता है।
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इस पेड़ के आसपास बनी चारदीवारी इसके महत्व को रेखांकित करती हैं। स्थानीय दुकानदारों से लेकर राहगीरों तक, सभी इस स्थान को अपने पते में पीपल वाला चौक के रूप में प्रयोग करते हैं।
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पीपल का यह पेड़ केवल एक भू-स्थान नहीं, बल्कि औषधीय गुणों से भरपूर जीवनदायी वृक्ष भी है। आयुर्वेद के अनुसार, इसकी छाल, पत्ते, जड़ और फल पाचन, घाव भरने, तनाव कम करने और अन्य कई बीमारियों में लाभकारी होते हैं। यह एकमात्र वृक्ष है जो दिन-रात ऑक्सीजन उत्सर्जन करता है, इसीलिए इसे जीवन रक्षक भी कहा जाता है।
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हालांकि विगत वर्षों में इस पेड़ और चौक की उपेक्षा की गई थी। इसके आसपास कचरा जमा होता रहता था, और एक समय तो नगर पालिका ने यहां कूड़ेदान भी रख दिए थे, जिससे इसकी गरिमा और पर्यावरणीय महत्त्व को ठेस पहुंची लेकिन अब नगर पालिका ने इस चौक का कायाकल्प कर दिया है। संवाद
पीपल का महत्व
पीपल का पेड़ आयुर्वेद, पर्यावरण, धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टि से अत्यंत उपयोगी है। नीचे इसके मुख्य उपयोग बिंदुओं में दिए गए हैं ः-
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पीपल 24 घंटे ऑक्सीजन छोड़ता है, दिन और रात दोनों समय।
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यह वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड को भी अवशोषित करता है।
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छाल और पत्ते : श्वसन रोग, डायबिटीज, बुखार और दस्त में उपयोगी माने जाते हैं।
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दूध (पेड़ से निकलने वाला लेटेक्स) ः त्वचा रोगों और घाव भरने में लाभकारी।
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आस-पास के क्षेत्र का तापमान कम करता है।