{"_id":"64a328e45e0a490c7b0854f4","slug":"pedestrians-getting-injured-slipping-from-gravel-on-the-road-kaithal-news-c-18-1-knl1004-164692-2023-07-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: सड़क पर बजरी से फिसल चोटिल हो रहे राहगीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: सड़क पर बजरी से फिसल चोटिल हो रहे राहगीर
Tue, 04 Jul 2023 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 04 Jul 2023 01:30 AM IST
विज्ञापन
कैथल। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्टर 19 में सड़कें बदहाल हैं। ऐसे में सेक्टर के निवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। करीब छह साल पहले इन सड़कों का निर्माण हुआ था। उसके बाद दोबारा मरम्मत तक नहीं हुई है। हालात ये हैं कि मुख्य सड़क पर बड़े गड्ढे बन गए हैं।
सड़क से बजरी उखड़कर सड़क पर ही फैली रहती है। इससे दोपहिया वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो वाहन चालक बजरी से फिसलकर चोटिल भी हो जाते हैं। सेक्टरवासियों का कहना है कि वे इस संबंध में अधिकारियों से भी बातचीत कर चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। रात के समय तो गड्ढों और बजरी के कारण परेशानी और भी ज्यादा होता है। अंधेरे में गड्ढे कम दिखाई देते हैं, जिससे दुर्घटना होने का अंदेशा रहता है।
उधर, अध्यक्ष सुरभि गर्ग का कहना है कि सेक्टरों की सड़कों के निर्माण को लेकर 74 लाख रुपये के टेंडर लगाए हैं। इसके अलावा वार्डों में गलियों, सड़कों समेत अन्य मरम्मत के कार्य करोड़ों रुपये की लागत से चल रहे हैं। एक साल के कार्यकाल के दौरान शहर में करोड़ों रुपये के विकास कार्य करवाए गए हैं।
विज्ञापन
शिकायत के बाद बनी फिर टूट गई
सेक्टर वासी कृष्ण कालड़ा ने बताया कि पहले भी कई बार शिकायतों के बाद सड़क बन पाई थी। अब फिर से टूट चुकी है। जब तक सेक्टरवासी कोई बड़ा निर्णय नहीं लेते, तब तक समस्या पर ध्यान नहीं दिया जाता।
कम से कम मरम्मत कराएं
ललित ठुकराल ने कहा कि यह समस्या नगर परिषद के चुनाव से पहले की। आज तक सड़क नहीं बनी है। जब तक सड़क का नए सिरे से निर्माण संभव नहीं होता, तब तक कम से कम मरम्मत तो करवानी चाहिए।
विज्ञापन
सड़क से बजरी उखड़कर सड़क पर ही फैली रहती है। इससे दोपहिया वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो वाहन चालक बजरी से फिसलकर चोटिल भी हो जाते हैं। सेक्टरवासियों का कहना है कि वे इस संबंध में अधिकारियों से भी बातचीत कर चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। रात के समय तो गड्ढों और बजरी के कारण परेशानी और भी ज्यादा होता है। अंधेरे में गड्ढे कम दिखाई देते हैं, जिससे दुर्घटना होने का अंदेशा रहता है।
विज्ञापन
उधर, अध्यक्ष सुरभि गर्ग का कहना है कि सेक्टरों की सड़कों के निर्माण को लेकर 74 लाख रुपये के टेंडर लगाए हैं। इसके अलावा वार्डों में गलियों, सड़कों समेत अन्य मरम्मत के कार्य करोड़ों रुपये की लागत से चल रहे हैं। एक साल के कार्यकाल के दौरान शहर में करोड़ों रुपये के विकास कार्य करवाए गए हैं।
विज्ञापन
शिकायत के बाद बनी फिर टूट गई
सेक्टर वासी कृष्ण कालड़ा ने बताया कि पहले भी कई बार शिकायतों के बाद सड़क बन पाई थी। अब फिर से टूट चुकी है। जब तक सेक्टरवासी कोई बड़ा निर्णय नहीं लेते, तब तक समस्या पर ध्यान नहीं दिया जाता।
कम से कम मरम्मत कराएं
ललित ठुकराल ने कहा कि यह समस्या नगर परिषद के चुनाव से पहले की। आज तक सड़क नहीं बनी है। जब तक सड़क का नए सिरे से निर्माण संभव नहीं होता, तब तक कम से कम मरम्मत तो करवानी चाहिए।