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Kaithal News: किसान ताकतें हैं नौतपा की राह
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। मानसून की राह देखते किसान मानते हैं कि नौतपा खूब तपा तो उस साल बारिश जमकर होगी। इसके पीछे किसान पुरानी मान्यताओं को मानते हैं।
बुजुर्ग किसान रामदिया व शंभु ने कहा कि उनकी उम्र 90 वर्ष के आसपास है। उनका अपना अनुभव है कि यदि नौतपा में जम कर लू न चले तो फसलों व इंसानों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों, चूहों व टिड्डियों के अंडों व जहरीले सांप बिच्छुओं आदी का खात्मा प्राकृतिक तौर पर नहीं होता। यदि नौतपा में जम कर लू चले और भारी गर्मी पड़े तो बरसात भी जम कर होती है।
इस संबंध में पंडित विशाल शांडिल्य ने बताया की नौतपा भारतीय ज्योतिष के अनुसार एक महत्वपूर्ण अवधि होती है। यह वह समय होता है जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है और नौ दिनों तक वहां रहता है। इस अवधि को नौतपा कहते हैं। नौतपा आमतौर पर मई के अंत और जून की शुरुआत में पड़ता है और इसे गर्मी के सबसे तपते दिनों में से एक माना जाता है। नौतपा नौ दिनों की वह अवधि है जब गर्मी अपने चरम पर होती है।
दोपहर में लगता है कर्फ्यू सा
कलायत। दोपहर होने से पूर्व ही बाजारों में एक तरह से कर्फ्यू सा लग जाता है। भीषण गर्मी को देखते हुए आईएमडी ने भी रेड अलर्ट जारी कर दिया है। दो पहिया वाहन पर सफर करने वाले लोग मुंह पर रूमाल लगाकर सफर कर रहे हैं। गर्मी के कारण नगर के पार्कों व बाजारों से भी रौनक गायब हो गई है। शाम के समय ही बाजारों में ग्राहक खरीदारी को आ रहे हैं। लोगों ने बताया कि दोपहर के समय तो घरों से निकलना तक मुश्किल हो रहा है। फिलहाल धूप से बचाव के लिए छतरी लगाकर घर जाते देखे जा रहे हैं। सुबह 11 बजते ही सड़कों पर सन्नाटा दिखता है। संवाद
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कलायत। मानसून की राह देखते किसान मानते हैं कि नौतपा खूब तपा तो उस साल बारिश जमकर होगी। इसके पीछे किसान पुरानी मान्यताओं को मानते हैं।
बुजुर्ग किसान रामदिया व शंभु ने कहा कि उनकी उम्र 90 वर्ष के आसपास है। उनका अपना अनुभव है कि यदि नौतपा में जम कर लू न चले तो फसलों व इंसानों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों, चूहों व टिड्डियों के अंडों व जहरीले सांप बिच्छुओं आदी का खात्मा प्राकृतिक तौर पर नहीं होता। यदि नौतपा में जम कर लू चले और भारी गर्मी पड़े तो बरसात भी जम कर होती है।
इस संबंध में पंडित विशाल शांडिल्य ने बताया की नौतपा भारतीय ज्योतिष के अनुसार एक महत्वपूर्ण अवधि होती है। यह वह समय होता है जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है और नौ दिनों तक वहां रहता है। इस अवधि को नौतपा कहते हैं। नौतपा आमतौर पर मई के अंत और जून की शुरुआत में पड़ता है और इसे गर्मी के सबसे तपते दिनों में से एक माना जाता है। नौतपा नौ दिनों की वह अवधि है जब गर्मी अपने चरम पर होती है।
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दोपहर में लगता है कर्फ्यू सा
कलायत। दोपहर होने से पूर्व ही बाजारों में एक तरह से कर्फ्यू सा लग जाता है। भीषण गर्मी को देखते हुए आईएमडी ने भी रेड अलर्ट जारी कर दिया है। दो पहिया वाहन पर सफर करने वाले लोग मुंह पर रूमाल लगाकर सफर कर रहे हैं। गर्मी के कारण नगर के पार्कों व बाजारों से भी रौनक गायब हो गई है। शाम के समय ही बाजारों में ग्राहक खरीदारी को आ रहे हैं। लोगों ने बताया कि दोपहर के समय तो घरों से निकलना तक मुश्किल हो रहा है। फिलहाल धूप से बचाव के लिए छतरी लगाकर घर जाते देखे जा रहे हैं। सुबह 11 बजते ही सड़कों पर सन्नाटा दिखता है। संवाद
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