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पटवारी हड़ताल पर, जरूरी काम ठप
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कैथल। जांच में रजिस्टरी की गड़बड़ी में नाम आने पर की जा रही कार्रवाई से नाराज पटवारी वीरवार को दो दिन की हड़ताल पर चले गए। इससे उनके मार्फत होने वाले तमाम जरूरी कार्य ठप पड़ गए। मुख्य रूप से गिरदावरी का कार्य प्रभावित हुआ। साथ ही तहसील कार्यालय में फर्द आदि न मिलने के कारण कई लोगों की रजिस्टरी भी प्रभावित हुई। हड़ताल की शुरुआत करते हुए पटवारी पहले लघु सचिवालय पहुंचे। वहां दिनभर धरना देकर नारेबाजी की। शुक्रवार को भी यह हड़ताल जारी रहेगी।
पटवारियों की हड़ताल से मुख्य रूप से गिरदावरी का काम प्रभावित हुआ। इस समय खेतों में जो फसलें हैं, उनकी गिरदावरी की जा रही है। साथ ही मेरी फसल मेरा ब्योरा को लेकर भी विवरण दर्ज किया जा रहा है। इसके लिए आवश्यक जमीन के नंबर पटवारी ही बताते हैं। लोग पटवारियों से फोन करके जानकारी लेते नजर आए। वहीं तहसील कार्यालय में फर्द न मिलने के कारण कई लोगों की रजिस्टरी भी प्रभावित हुई। साथ ही अन्य कार्यों के लिए पटवारी द्वारा दिए जाने वाले कागजात का काम प्रभावित हुआ।
दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन जिला कैथल के प्रधान दिलबाग ढुल की अध्यक्षता में सभी कानूनगो और पटवारी सुबह लघु सचिवालय पहुंचे और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन में विशेष तौर पर कैथल जिला प्रभारी और प्रदेश महासचिव दिलबाग सिंह, पोलड़ मौजूद रहे। दिलबाग सिंह ने कहा पटवारियों का रजिस्टरी से कोई लेना-देना नहीं है। पटवारियों को नोटिस देने के अगले ही दिन उन्होंने मीटिंग कर रोष जाहिर किया था कि सरकार पटवारियों को दोषमुक्त करे लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। मजबूरन उन्हें प्रदेश में विरोध प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ा।
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जिला प्रधान दिलबाग ढुल ने कहा कि रजिस्ट्री करने का काम तहसीलदार, नायब तहसीलदार व आरसी का है। अगर सेक्शन 7ए का उल्लंघन हुआ है तो यह उनकी जिम्मेदारी है।
जिला महासचिव सुखविंद्र सिंह ने कहा कि नेचर आफ लैंड में कोई बदलाव नहीं किया। पटवारी हर वर्ष खरीफ और रबी की गिरदावरी करता है। इसमें भूमि की वास्तविक स्थिति मौके के अनुसार दर्शाई जाती है।
कानूनगो धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि अगर गिरदावरी रजिस्टर में भूमि की किस्म लिखने को तब्दीली कहा जा रहा है तो यह सरासर गलत है। फिर तो गिरदावरी के मायने ही नहीं रहेंगे।
पटवारियों का समर्थन कर रहे रिटायर्ड नायब तहसीलदार महेंद्र सिंह धानिया, हरिकेश और कानूनगो पवन कुमार ने भी पटवारियों को आरोपमुक्त करने की मांग की। नगर परिषद कर्मचारी यूनियन से शिवचरण, नंबरदार एसोसिएशन जिला कैथल प्रधान अनिल कुमार ने पटवारियों का समर्थन किया। इस मौके पर एसके पूर्णचंद, कैथल तहसील प्रधान फग्गू राम, पूंडरी प्रधान देवीदयाल, गुहला से राजेश सीड़ा, कलायत से मनदीप सिंह, ढांड प्रधान मनीष मैहला, सीवन से कृष्ण कुमार पटवारी समेत जिलाभर के पटवारी उपस्थित रहे।
इस संबंध में जिला राजस्व अधिकारी चांद राम का कहना है कि पटवारियों की हड़ताल से कई तरह के काम प्रभावित हुए हैं। जो काम बिना पटवारी के हो सकते हैं, वह किए जा रहे हैं।
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पटवारियों की हड़ताल से मुख्य रूप से गिरदावरी का काम प्रभावित हुआ। इस समय खेतों में जो फसलें हैं, उनकी गिरदावरी की जा रही है। साथ ही मेरी फसल मेरा ब्योरा को लेकर भी विवरण दर्ज किया जा रहा है। इसके लिए आवश्यक जमीन के नंबर पटवारी ही बताते हैं। लोग पटवारियों से फोन करके जानकारी लेते नजर आए। वहीं तहसील कार्यालय में फर्द न मिलने के कारण कई लोगों की रजिस्टरी भी प्रभावित हुई। साथ ही अन्य कार्यों के लिए पटवारी द्वारा दिए जाने वाले कागजात का काम प्रभावित हुआ।
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दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन जिला कैथल के प्रधान दिलबाग ढुल की अध्यक्षता में सभी कानूनगो और पटवारी सुबह लघु सचिवालय पहुंचे और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन में विशेष तौर पर कैथल जिला प्रभारी और प्रदेश महासचिव दिलबाग सिंह, पोलड़ मौजूद रहे। दिलबाग सिंह ने कहा पटवारियों का रजिस्टरी से कोई लेना-देना नहीं है। पटवारियों को नोटिस देने के अगले ही दिन उन्होंने मीटिंग कर रोष जाहिर किया था कि सरकार पटवारियों को दोषमुक्त करे लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। मजबूरन उन्हें प्रदेश में विरोध प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ा।
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जिला प्रधान दिलबाग ढुल ने कहा कि रजिस्ट्री करने का काम तहसीलदार, नायब तहसीलदार व आरसी का है। अगर सेक्शन 7ए का उल्लंघन हुआ है तो यह उनकी जिम्मेदारी है।
जिला महासचिव सुखविंद्र सिंह ने कहा कि नेचर आफ लैंड में कोई बदलाव नहीं किया। पटवारी हर वर्ष खरीफ और रबी की गिरदावरी करता है। इसमें भूमि की वास्तविक स्थिति मौके के अनुसार दर्शाई जाती है।
कानूनगो धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि अगर गिरदावरी रजिस्टर में भूमि की किस्म लिखने को तब्दीली कहा जा रहा है तो यह सरासर गलत है। फिर तो गिरदावरी के मायने ही नहीं रहेंगे।
पटवारियों का समर्थन कर रहे रिटायर्ड नायब तहसीलदार महेंद्र सिंह धानिया, हरिकेश और कानूनगो पवन कुमार ने भी पटवारियों को आरोपमुक्त करने की मांग की। नगर परिषद कर्मचारी यूनियन से शिवचरण, नंबरदार एसोसिएशन जिला कैथल प्रधान अनिल कुमार ने पटवारियों का समर्थन किया। इस मौके पर एसके पूर्णचंद, कैथल तहसील प्रधान फग्गू राम, पूंडरी प्रधान देवीदयाल, गुहला से राजेश सीड़ा, कलायत से मनदीप सिंह, ढांड प्रधान मनीष मैहला, सीवन से कृष्ण कुमार पटवारी समेत जिलाभर के पटवारी उपस्थित रहे।
इस संबंध में जिला राजस्व अधिकारी चांद राम का कहना है कि पटवारियों की हड़ताल से कई तरह के काम प्रभावित हुए हैं। जो काम बिना पटवारी के हो सकते हैं, वह किए जा रहे हैं।