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जिला नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए भटक रहे मरीज
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13-कैथल। अल्ट्रासाउंड केंद्र में मशीन पर ढका गया कपड़ा व खाली पड़ी कुर्सी।
- फोटो : Kaithal
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों को समय पर सुविधाएं नहीं मिल पा रही। अल्ट्रासांउड केंद्र में महज एक डॉक्टर होने से मरीजों को इंतजार करना पड़ता है। उन्हें गुहला में भी सेवाएं देनी पड़ती है। इससे अल्ट्रासांउड की प्रक्रिया बाधित होती है। इसके अलावा अस्पताल में बनी लैब में भी अधिकतर मशीनें खराब बताई जाती हैं। इस वजह से कई टेस्ट नहीं हो पाते।
लैब में बायोकेमिस्ट्री व हार्मोन एनालइजर मशीन की सैंपल किट भी खराब हैं। इस कारण यहां पर लीवर और गुर्दें के टेस्ट नहीं हो पा रहे हैं। वहीं, एक्सरे करवाने के लिए आए मरीजों को समय पर रिपोर्ट नहीं मिल पाती। शहर के अर्जुन नगर निवासी सिंगारा राम ने बताया कि उसकी टांग में फ्रेक्चर हो गया था। एक्सरे करवाने के बाद तीन घंटे में रिपोर्ट मिली।
इसके अलावा यहां बने आधार केंद्र पर नवजात शिशुओं का पंजीकरण कराने के लिए उमस भरी गर्मी में लोगों को कतार लगानी पड़ती है। खुराना निवासी रामकुमार ने बताया कि अस्पताल में आधार सेवा केंद्र केवल शिशुओं के लिए बनाया गया है। बावजूद यहां पर दूसरे लोगों के आधार भी अपडेट किए जाते हैं। इससे भीड़ अधिक हो जाती है। ऐसे में शिशुओं को लेकर पहुंचे लोगों को परेशान होना पड़ता है।
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इसी प्रकार सरकारी कर्मियों व ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल करवाने पहुंचे लोगों के लिए अलग से काउंटर नहीं बनाया गया है। इससे भीड़ की वजह से लोग परेशान होते हैं। समस्याओं का आलम यह भी है कि अस्पताल में स्ट्रेचर तक ठीक नहीं है। मुख्य गेट पर रखी गई स्ट्रेचर पहिये न होने की स्थिति खुद लाचार हो चुकी है। टूटे हुए पहियों वाली स्ट्रेचर पर मरीजों को अंदर लेकर जाना पड़ता है। जिला नागरिक अस्पताल की समस्याओं पर कार्यकारी सिविल सर्जन डॉक्टर रेनू चावला का कहना है कि समस्याएं उनके संज्ञान में हैं। अल्ट्रासाउंड केंद्र में दूसरे डॉक्टर की मांग आला अधिकारियों से की गई है। मशीनों में कमी को भी जल्द दूर करवाया जाएगा।
दो दिन से अल्ट्रासांउड केंद्र में डॉक्टर नहीं
अल्ट्रासांउड करवाने पहुंचे सुनील बरोट ने बताया कि उसे पत्थरी है। डॉक्टरों ने उन्हें अल्ट्रासांउड करवाने के लिए कहा है। वह दो दिन से चक्कर काट रहे हैं लेकिन डॉक्टर नहीं मिल रहीं। कर्मचारी का कहना है कि डॉक्टर की ड्यूटी चीका में लगी है। ऐसे में उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है।
छोटे बच्चे के साथ हो रही परेशानी
गांव काकौत से अपने छह महीने के बच्चे स्वास्तिक अल्ट्रासाउंड करवाने पहुंचे राहुल ने बताया कि वह दो दिनों से बच्चों का अल्ट्रासाउंड के लिए अस्पताल में घूम रहा है, लेकिन केंद्र में डॉक्टर नहीं मिलने से मरीज परेशान हैं। अस्पताल प्रशासन को यहां दूसरा डॉक्टर उपलब्ध करवाना चाहिए।
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लैब में बायोकेमिस्ट्री व हार्मोन एनालइजर मशीन की सैंपल किट भी खराब हैं। इस कारण यहां पर लीवर और गुर्दें के टेस्ट नहीं हो पा रहे हैं। वहीं, एक्सरे करवाने के लिए आए मरीजों को समय पर रिपोर्ट नहीं मिल पाती। शहर के अर्जुन नगर निवासी सिंगारा राम ने बताया कि उसकी टांग में फ्रेक्चर हो गया था। एक्सरे करवाने के बाद तीन घंटे में रिपोर्ट मिली।
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इसके अलावा यहां बने आधार केंद्र पर नवजात शिशुओं का पंजीकरण कराने के लिए उमस भरी गर्मी में लोगों को कतार लगानी पड़ती है। खुराना निवासी रामकुमार ने बताया कि अस्पताल में आधार सेवा केंद्र केवल शिशुओं के लिए बनाया गया है। बावजूद यहां पर दूसरे लोगों के आधार भी अपडेट किए जाते हैं। इससे भीड़ अधिक हो जाती है। ऐसे में शिशुओं को लेकर पहुंचे लोगों को परेशान होना पड़ता है।
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इसी प्रकार सरकारी कर्मियों व ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल करवाने पहुंचे लोगों के लिए अलग से काउंटर नहीं बनाया गया है। इससे भीड़ की वजह से लोग परेशान होते हैं। समस्याओं का आलम यह भी है कि अस्पताल में स्ट्रेचर तक ठीक नहीं है। मुख्य गेट पर रखी गई स्ट्रेचर पहिये न होने की स्थिति खुद लाचार हो चुकी है। टूटे हुए पहियों वाली स्ट्रेचर पर मरीजों को अंदर लेकर जाना पड़ता है। जिला नागरिक अस्पताल की समस्याओं पर कार्यकारी सिविल सर्जन डॉक्टर रेनू चावला का कहना है कि समस्याएं उनके संज्ञान में हैं। अल्ट्रासाउंड केंद्र में दूसरे डॉक्टर की मांग आला अधिकारियों से की गई है। मशीनों में कमी को भी जल्द दूर करवाया जाएगा।
दो दिन से अल्ट्रासांउड केंद्र में डॉक्टर नहीं
अल्ट्रासांउड करवाने पहुंचे सुनील बरोट ने बताया कि उसे पत्थरी है। डॉक्टरों ने उन्हें अल्ट्रासांउड करवाने के लिए कहा है। वह दो दिन से चक्कर काट रहे हैं लेकिन डॉक्टर नहीं मिल रहीं। कर्मचारी का कहना है कि डॉक्टर की ड्यूटी चीका में लगी है। ऐसे में उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है।
छोटे बच्चे के साथ हो रही परेशानी
गांव काकौत से अपने छह महीने के बच्चे स्वास्तिक अल्ट्रासाउंड करवाने पहुंचे राहुल ने बताया कि वह दो दिनों से बच्चों का अल्ट्रासाउंड के लिए अस्पताल में घूम रहा है, लेकिन केंद्र में डॉक्टर नहीं मिलने से मरीज परेशान हैं। अस्पताल प्रशासन को यहां दूसरा डॉक्टर उपलब्ध करवाना चाहिए।