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Kaithal News: टटियाना बॉर्डर पर तैनात रहेंगे अर्ध सैनिक जवान
Fri, 01 Mar 2024 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 01 Mar 2024 01:09 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/गुहला-चीका। किसानों की दिल्ली में हुई बैठक के बाद चीका के टटियाना बार्डर पर सुरक्षा एक सप्ताह के लिए बढ़ा दी गई है जबकि वीरवार को किसानों के दिल्ली कूच के एलान को लेकर गुहला बॉर्डर पर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क रहा। सुरक्षा के दृष्टि से टटियाना बॉर्डर पर अर्ध सैनिक जवान तैनात रहेंगे।
उधर किसानों की ओर से जींद में खनौरी बॉर्डर पर अंबाला में शंभू बॉर्डर पर भी हुई बैठकाें पर प्रशासन की नजर रही। किसानों के पहुंचने की आशंका के चलते अभी तक जिले में खनौरी मार्ग पर संगतपुरा व गुहला में टटियाना बॉर्डर पर रास्ते नहीं खोले गए हैं। गुहला के टटियाना बॉर्डर पर जिला के प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। यहां नौ लेयर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। अभी यहां आईटीबीपी व पुलिस के जवान तैनात रहेंगे।
कैथल-पटियाला स्टेट हाइवे पर पड़ने वाले टटियाना बार्डर पर बने घग्गर नदी के पुल को प्रशासन ने 11 फरवरी को बैरिकेड, कंटेनर व पत्थरों की बड़ी-बड़ी स्लैब रख बंद कर दिया था। तब से लेकर आज तक इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद है। पुल से केवल पैदल ही आवाजाही हो सकती है। यात्रियों को बार्डर तक पहुंचाने के लिए दोनों प्रदेशों की बसें घग्गर नदी तक जाती हैं, जहां से यात्री नदी के पुल को पैदल पार कर दूसरी तरफ जाने वाली बस में सवार होकर अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं।
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गावों के रास्तों से आवाजाही जारी
चीका-पटियाला रोड पर टटियाना बॉर्डर पर भले ही यातायात बंद है लेकिन आसपास के गांवों से पंजाब आया और जाया जा सकता है। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और उनका सफर भी लंबा हो गया है। उधर, किसानों का कहना है कि इस समय खुद को मजबूत करना होगा, ताकि फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग को सिरे चढ़ाया जा सके। हालांकि पुलिस गांवों से दूर हो गई है, लेकिन नाके कड़े किए हुए हैं। गुहला के गांवों के किसान शांत हैं। अधिकांश किसान किसी भी कार्यक्रम में शिरकत नहीं कर रहे। किसान अपने खेतों में कामकाज में व्यस्त हैं। इन किसानों का कहना है कि अगले महीने के पहले सप्ताह में आचार संहिता लग सकती है। ऐसे में क्या रणनीति रहेगी, ये किसान नेता ही तय करेंगे।
शंभू बॉर्डर पर किसानों की तरफ से अभी दिल्ली कूच को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है। ऐसे में टटियाना बॉर्डर पर अभी एक सप्ताह तक ऐसे की अर्धसैनिक बल की टुकड़ियां और पुलिस बल तैनात रहेगा। पुलिस प्रशासन बॉर्डर पर शांति बनाने के लिए पूरी तरह से तत्पर है। - डीएसपी कुलदीप बैनीवाल, गुहला।
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कैथल/गुहला-चीका। किसानों की दिल्ली में हुई बैठक के बाद चीका के टटियाना बार्डर पर सुरक्षा एक सप्ताह के लिए बढ़ा दी गई है जबकि वीरवार को किसानों के दिल्ली कूच के एलान को लेकर गुहला बॉर्डर पर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क रहा। सुरक्षा के दृष्टि से टटियाना बॉर्डर पर अर्ध सैनिक जवान तैनात रहेंगे।
उधर किसानों की ओर से जींद में खनौरी बॉर्डर पर अंबाला में शंभू बॉर्डर पर भी हुई बैठकाें पर प्रशासन की नजर रही। किसानों के पहुंचने की आशंका के चलते अभी तक जिले में खनौरी मार्ग पर संगतपुरा व गुहला में टटियाना बॉर्डर पर रास्ते नहीं खोले गए हैं। गुहला के टटियाना बॉर्डर पर जिला के प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। यहां नौ लेयर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। अभी यहां आईटीबीपी व पुलिस के जवान तैनात रहेंगे।
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कैथल-पटियाला स्टेट हाइवे पर पड़ने वाले टटियाना बार्डर पर बने घग्गर नदी के पुल को प्रशासन ने 11 फरवरी को बैरिकेड, कंटेनर व पत्थरों की बड़ी-बड़ी स्लैब रख बंद कर दिया था। तब से लेकर आज तक इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद है। पुल से केवल पैदल ही आवाजाही हो सकती है। यात्रियों को बार्डर तक पहुंचाने के लिए दोनों प्रदेशों की बसें घग्गर नदी तक जाती हैं, जहां से यात्री नदी के पुल को पैदल पार कर दूसरी तरफ जाने वाली बस में सवार होकर अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं।
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गावों के रास्तों से आवाजाही जारी
चीका-पटियाला रोड पर टटियाना बॉर्डर पर भले ही यातायात बंद है लेकिन आसपास के गांवों से पंजाब आया और जाया जा सकता है। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और उनका सफर भी लंबा हो गया है। उधर, किसानों का कहना है कि इस समय खुद को मजबूत करना होगा, ताकि फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग को सिरे चढ़ाया जा सके। हालांकि पुलिस गांवों से दूर हो गई है, लेकिन नाके कड़े किए हुए हैं। गुहला के गांवों के किसान शांत हैं। अधिकांश किसान किसी भी कार्यक्रम में शिरकत नहीं कर रहे। किसान अपने खेतों में कामकाज में व्यस्त हैं। इन किसानों का कहना है कि अगले महीने के पहले सप्ताह में आचार संहिता लग सकती है। ऐसे में क्या रणनीति रहेगी, ये किसान नेता ही तय करेंगे।
शंभू बॉर्डर पर किसानों की तरफ से अभी दिल्ली कूच को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है। ऐसे में टटियाना बॉर्डर पर अभी एक सप्ताह तक ऐसे की अर्धसैनिक बल की टुकड़ियां और पुलिस बल तैनात रहेगा। पुलिस प्रशासन बॉर्डर पर शांति बनाने के लिए पूरी तरह से तत्पर है। - डीएसपी कुलदीप बैनीवाल, गुहला।