पाई। गांव में खाद की कमी से नाराज किसानों ने कहा कि जब भी सोसाइटी में उनके लिए खाद आती ही नहीं तो यह किसानों के किस काम की है। इससे अच्छा है कि सोसाइटी को ताला ही लगा दिया जाए। किसान महावीर, राजबीर, महेंद्र, धोनी सिंह, राममेहर कई किसानों ने बताया कि जनवरी माह में गेहूं के सीजन से खाद के लिए सोसाइटी के चक्कर काट रहे है। किसानों को न तो गेहूं के सीजन में खाद दिया गया और न ही अब धान के इस सीजन में खाद दिया जा रहा है।
वे हर रोज सोसाइटी के चक्कर काट कर थक गये है, लेकिन हर बार खाली हाथ लौटना पड़ता है। यहां उन्हें बताया जाता है कि अभी खाद आया ही नही। उन्होंने यह भी बताया कि उनको यह भी सूचना मिली है कि इस में लगभग 10 करोड़ का खाद आ चुका है, परंतु किसानों को देने की बजाए, उसको पता भी नहीं कि इसकी कहां बिक्री हो रही है इसकी जांच होनी चाहिए। बिना खाद के उनकी फसल का उत्पादन भी बहुत कम होगा और किसानों के सिर अधिक कर्जा चढ़ जायेगा। इस बारे में जब पाई सोसाइटी संबंधित अधिकारियों से बात होती है तो वो कई बार फोन भी नहीं उठाते है।