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Kaithal News: मंडी में प्रति कट्टा अधिक तौल रहे थे धान, पत्थर का बनाया बट्टा
Sun, 01 Oct 2023 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 01 Oct 2023 12:45 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अनाज मंडी में प्रति कट्टा अधिक धान तौला जा रहा है और पत्थर का बट्टा बनाया था। इस तरह की खामियां भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों को मंडी के दौरे के दौरान शनिवार को मिली। गड़बड़ियों की शिकायत मार्केट कमेटी सचिव से की गई है। उन्होंने इस पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों ने मंडी में धान का मापतौल चेक किया। किसानों ने पाया कि एक जगह पर किसान की 150 ग्राम धान प्रति कट्टा अधिक तौली जा रहा था। इस प्रकार किसानों को तीन से चार रुपये का सीधा चूना लगाया जा रहा था।
कई दुकानों पर गैर कानूनी बट्टों पत्थर से धान की तुलाई की जा रही थी, वहीं कई जगहों पर बिना सरकारी मुहर के बट्टों से किसानों का धान तौला जा रहा था। यूनियन के सदस्यों ने यह मामला मार्केट कमेटी सचिव को अवगत कराया। सचिव ने संबंधित आढ़ती पर यूनियन को कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
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भाकियू के प्रदेश कोषाध्यक्ष सतपाल दिल्लोवाली ने कहा कि शनिवार को मंडी की व्यवस्था जांचने व किसानों को किसी प्रकार की समस्या हो नहीं आ रही, इसको लेकर यूनियन के सदस्य दौरा करने मंडी में पहुंचे थे। इस दौरान कई खामियां मिलीं। उन्होंने कहा कि 25 सितंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू हो गई है। अब तक मंडी में उठान का कार्य नहीं हुआ। हरियाणा सरकार ने 26 सितंबर को एक नया निर्देश जारी दिया है। जिस ट्रैक पर जीपीएम सिस्टम लगा है वही मंडी से धान का उठान कर सकता है। कैथल मंडी में बीते दिन सिर्फ 13 ट्रैकों पर ही जीपीएस सिस्टम लगा है। इस कारण से उठान शुरू नहीं हुआ। इससे किसान व आढ़ती दोनो परेशान थे। जब तक धान का उठान नहीं होगा किसान को भुगता नहीं मिलेगा। 25 सितंबर से किसान की धान बिकी हुई है उसकी अब तक उठान न होने के कारण भुगतान नहीं मिल सका है।
उन्होंने कहा कि मंडी में पानी व बाथरूम की व्यवस्था ठप्प पड़ी है। वाटर कुलर खराब पड़े हैं। किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्याओं से मार्केट कमेटी सचिव को अवगत कराया। सचिव ने जल्द ठीक करवाने का आश्वासन दिया। सतपाल दिल्लोवाली ने कहा कि मंडी में पत्थर रखकर धान की तुलाई करना गैर कानूनी है। उन्होंने कहा कि भले ही यह तौल सही हो लेकिन यह गलत है। साथ ही उन्होंने कहा कि जो धान पहले 3700 थी वह 3300 प्रति क्विंटल हो गई है। आए दिन धान के दामों में गिरावट हो रही है। जिला प्रधान कपिल गढ़ी ने कहा कि जो पत्थर मंडी से तुलाई के दौरान मिला है। वह पत्थर लेकर सीएम विंडों में शिकायत दर्ज करेंगे। मंडी में कंडे पर मिला पत्थर वह अपने साथ में ले आए है। इस अवसर पर जिला उप प्रधान कपिल गढ़ी, बलमत, प्रदीप कुराड़, महेंद्र, बनी सिंह मौजूद रहे।
मार्केट कमेटी सचिव ने कहा कि बसाऊ राम ने कहा कि मंडी सुपरवाइजर मंडी में बट्टों में मुहर लगाने का काम करते रहते हैं। हमारी व्यवस्था में अभी तक कोई कमी नहीं मिली थी, आज मिली है उसे जल्द दुरुस्त किया जाएगा। विभागीय नियम के अनुसार पत्थर से तौलने व बट्टों पर मुहर न लगी होने पर विभाग के अनुसार जो कार्रवाई बनती है वह की जाएगी।
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कैथल। अनाज मंडी में प्रति कट्टा अधिक धान तौला जा रहा है और पत्थर का बट्टा बनाया था। इस तरह की खामियां भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों को मंडी के दौरे के दौरान शनिवार को मिली। गड़बड़ियों की शिकायत मार्केट कमेटी सचिव से की गई है। उन्होंने इस पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों ने मंडी में धान का मापतौल चेक किया। किसानों ने पाया कि एक जगह पर किसान की 150 ग्राम धान प्रति कट्टा अधिक तौली जा रहा था। इस प्रकार किसानों को तीन से चार रुपये का सीधा चूना लगाया जा रहा था।
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कई दुकानों पर गैर कानूनी बट्टों पत्थर से धान की तुलाई की जा रही थी, वहीं कई जगहों पर बिना सरकारी मुहर के बट्टों से किसानों का धान तौला जा रहा था। यूनियन के सदस्यों ने यह मामला मार्केट कमेटी सचिव को अवगत कराया। सचिव ने संबंधित आढ़ती पर यूनियन को कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
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भाकियू के प्रदेश कोषाध्यक्ष सतपाल दिल्लोवाली ने कहा कि शनिवार को मंडी की व्यवस्था जांचने व किसानों को किसी प्रकार की समस्या हो नहीं आ रही, इसको लेकर यूनियन के सदस्य दौरा करने मंडी में पहुंचे थे। इस दौरान कई खामियां मिलीं। उन्होंने कहा कि 25 सितंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू हो गई है। अब तक मंडी में उठान का कार्य नहीं हुआ। हरियाणा सरकार ने 26 सितंबर को एक नया निर्देश जारी दिया है। जिस ट्रैक पर जीपीएम सिस्टम लगा है वही मंडी से धान का उठान कर सकता है। कैथल मंडी में बीते दिन सिर्फ 13 ट्रैकों पर ही जीपीएस सिस्टम लगा है। इस कारण से उठान शुरू नहीं हुआ। इससे किसान व आढ़ती दोनो परेशान थे। जब तक धान का उठान नहीं होगा किसान को भुगता नहीं मिलेगा। 25 सितंबर से किसान की धान बिकी हुई है उसकी अब तक उठान न होने के कारण भुगतान नहीं मिल सका है।
उन्होंने कहा कि मंडी में पानी व बाथरूम की व्यवस्था ठप्प पड़ी है। वाटर कुलर खराब पड़े हैं। किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्याओं से मार्केट कमेटी सचिव को अवगत कराया। सचिव ने जल्द ठीक करवाने का आश्वासन दिया। सतपाल दिल्लोवाली ने कहा कि मंडी में पत्थर रखकर धान की तुलाई करना गैर कानूनी है। उन्होंने कहा कि भले ही यह तौल सही हो लेकिन यह गलत है। साथ ही उन्होंने कहा कि जो धान पहले 3700 थी वह 3300 प्रति क्विंटल हो गई है। आए दिन धान के दामों में गिरावट हो रही है। जिला प्रधान कपिल गढ़ी ने कहा कि जो पत्थर मंडी से तुलाई के दौरान मिला है। वह पत्थर लेकर सीएम विंडों में शिकायत दर्ज करेंगे। मंडी में कंडे पर मिला पत्थर वह अपने साथ में ले आए है। इस अवसर पर जिला उप प्रधान कपिल गढ़ी, बलमत, प्रदीप कुराड़, महेंद्र, बनी सिंह मौजूद रहे।
मार्केट कमेटी सचिव ने कहा कि बसाऊ राम ने कहा कि मंडी सुपरवाइजर मंडी में बट्टों में मुहर लगाने का काम करते रहते हैं। हमारी व्यवस्था में अभी तक कोई कमी नहीं मिली थी, आज मिली है उसे जल्द दुरुस्त किया जाएगा। विभागीय नियम के अनुसार पत्थर से तौलने व बट्टों पर मुहर न लगी होने पर विभाग के अनुसार जो कार्रवाई बनती है वह की जाएगी।