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कल से शुरू हो जाएगी धान की रोपाई, अबकी 1509 किस्म पर जोर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jun 2022 12:42 AM IST
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Paddy transplantation will start from tomorrow, emphasis on 1509 varieties
23-कैथल। एक खेत में धान रोपाई की तैयारी करते हुए किसान - फोटो : Kaithal
कैथल। जून के एक पखवाड़े तक धान की रोपाई पर प्रतिबंध के बाद अब 15 जून से धान की रोपाई का सीजन शुरू होगा। इसके लिए कई किसानोें ने खेतों में पानी भी छोड़ दिया है। अबकी डेढ़ लाख हेक्टेयर से ज्यादा भूमि पर विभिन्न प्रजाति का धान लगाया जाएगा। पीआर व 1509 किस्म की धान रोपाई का काम जून माह में किसानों की तरफ से पूरा कर लिया जाता है। किसानों ने पिछले 15 दिनों से धान रोपाई के लिए पनीरी की बिजाई कर रखी थी। इसके साथ ही जुलाई माह में धान की बारीक किस्म 1121 और बासमति की रोपाई का कार्य शुरू हो जाएगा।
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गौरतलब है कि कैथल जिले को बासमती धान का कटोरा माना जाता है। यहां पर सबसे ज्यादा किसान धान की रोपाई करते हैं। इसके साथ ही ज्वार, बाजरा, कपास व सीवन के क्षेत्र में सब्जियों भी उगाई जाती हैं। जिले भर में करीब एक लाख 55 हजार हेक्टेयर जमीन पर बासमती, पीआर, 1509, 1718, सरबती व मुच्छल किस्म की धान रोपाई होती है। 1509 व पीआर किस्म की अगेती धान है। 1121 व बासमती पछेती किस्म में आती है। इस सीजन में पीआर, 1509 व 1121 धान की तरफ भी लोगों का ज्यादा रुझान देखने को मिल रहा है। पिछले वर्ष 1121 किस्म की फसल चार हजार रुपये प्रति क्विंटल व 1509 किस्म की फसल तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल बिकी थी। अच्छे भाव मिलने के कारण इन किस्म की फसलों के लिए किसानों ने पहले ही पनीरी की बिजाई कर रखी है।
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कृषि उपनिदेशक कर्मचंद ने कहा कि 15 जून से धान की रोपाई किसान शुरू कर सकते हैं। एक लाख 55 हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई होगी, जबकि सात हजार हेक्टेयर में धान की सीधी बिजाई का लक्ष्य रखा हुआ है। किसान रोपाई से पहले अपने खेतों को समतल कर लें। गर्मी ज्यादा होने के कारण खेतों में पानी का विशेष ध्यान रखें।
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बासमती धान की विदेशों में बहुत मांग
जिले भर में बासमती धान की सबसे ज्यादा रोपाई की जाती है। कैथल का बासमती चावल इतना प्रसिद्ध हैं कि व्यापारी धान की रोपाई के समय ही बुकिंग कर लेते हैं। जैसे ही यह पककर तैयार होता है, तभी व्यापारी इसे खरीद लेते हैं। यहां पर 50 हजार हेक्टेयर से ज्यादा में बासमती किस्म की धान रोपाई होती है।

इन बातों का किसान रखें ध्यान
धान की रोपाई करने से पहले खेत के चारो तरफ मेढ़ को मजबूत करें। खेत में रोपाई करने से पहले खेत को समतल बनाएं। यदि खेत में हरी खाद वाली फसल खड़ी तो जुताई करके पहले इसे दबा दें और फिर रोपाई करें। पौधों को पंक्तियों में रोपें। बौनी किस्मों की व पछेती हालत में लंबी बढऩे वाली किस्मों की रोपाई 15 सेंटीमीटर फासले की कतारों में व पौधों से भी 15 सेंटीमीटर की दूरी रखकर करें। ध्यान रखें कि पौध दो से तीन सेंटीमीटर से अधिक गहरी न रोपें। खेतों में लगाने से पहले 20 किलोग्राम यूरिया और 60 किलोग्राम सुपर फास्फेट या 22 किलोग्राम डीएपी और 10 किलोग्राम जिंक सल्फेट प्रति एकड़ डालें।
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