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Kaithal News: बारिश में भीगा मंडियों में पड़ी धान, उठान न होने से किसानों की बढ़ी परेशानी
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अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ी बारिश में भीगी धान। संवाद
गुहला-चीका। शनिवार रात हुई तेज बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। चीका की पुरानी अनाज मंडी और अतिरिक्त अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ा लाखों क्विंटल धान भीग गया। किसान पहले ही उठान में देरी से परेशान थे, वहीं बारिश के बाद फसल को बचाना चुनौती बन गया है। किसानों का आरोप है कि मंडियों में धान को बारिश से बचाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। उन्हें अपने स्तर पर तिरपाल लगाकर फसल ढकनी पड़ रही है। शनिवार रात करीब आठ बजे तेज बारिश और हवाओं के कारण शहर के निचले इलाकों, बाजारों और कई वार्डों में जलभराव हो गया। छोटी मंडी सहित कई जगह पानी भरने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। खेतों में काटकर रखा गया धान भी भीग गया। किसानों को आशंका है कि अधिक नमी के कारण फसल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और दाने अंकुरित होने का खतरा भी बढ़ सकता है।
20 दिन से मंडियों में पड़ा धान
किसान नेता चमकौर बनेड़ा, केवल सदहरेड़ी और गुरनाम सिंह ने कहा कि मंडियों में धान का समय पर उठान नहीं हो रहा। कई किसानों की फसल करीब 20 दिन से मंडियों में पड़ी है। अब बारिश ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भीगा हुआ धान लेने से एजेंसियां इन्कार कर रही हैं। किसानों ने प्रशासन से जल्द उठान करवाने, भीगी फसल की खरीद सुनिश्चित करने और नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की है।
गेहूं की बिजाई में भी हो सकती है देरी
बारिश से खेतों में नमी बढ़ने के कारण आगामी गेहूं की बिजाई प्रभावित होने की आशंका है। सब्जियों की फसलों को भी नुकसान पहुंच सकता है। किसानों ने मांग की है कि मंडियों में जल निकासी और फसल को ढकने की उचित व्यवस्था की जाए, ताकि आगे ऐसी स्थिति में नुकसान कम हो सके।
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20 दिन से मंडियों में पड़ा धान
किसान नेता चमकौर बनेड़ा, केवल सदहरेड़ी और गुरनाम सिंह ने कहा कि मंडियों में धान का समय पर उठान नहीं हो रहा। कई किसानों की फसल करीब 20 दिन से मंडियों में पड़ी है। अब बारिश ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भीगा हुआ धान लेने से एजेंसियां इन्कार कर रही हैं। किसानों ने प्रशासन से जल्द उठान करवाने, भीगी फसल की खरीद सुनिश्चित करने और नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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गेहूं की बिजाई में भी हो सकती है देरी
बारिश से खेतों में नमी बढ़ने के कारण आगामी गेहूं की बिजाई प्रभावित होने की आशंका है। सब्जियों की फसलों को भी नुकसान पहुंच सकता है। किसानों ने मांग की है कि मंडियों में जल निकासी और फसल को ढकने की उचित व्यवस्था की जाए, ताकि आगे ऐसी स्थिति में नुकसान कम हो सके।

अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ी बारिश में भीगी धान। संवाद
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