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Kaithal News: पहली जांच में करोड़ों का धान घोटाला, दूसरी में क्लीन चिट

Mon, 20 Nov 2023 02:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Mon, 20 Nov 2023 02:16 AM IST
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Paddy scam worth crores in the first investigation, clean chit in the second
गुरमीत सीड़ा
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गुहला-चीका। अनाज मंडी में फर्जी गेट पास काट कर किए गए धान घोटाले की दो अलग-अलग एजेंसियों ने जांच की है। पहली जांच करने वाले मार्केटिंग बोर्ड भिवानी के डीएमईओ श्याम सुंदर ने चार राइस मिलों में जांच की थी, जिनमें से दो राइस मिलों से 21 हजार 600 क्विंटल धान कम पाया मिला था। वहीं दो अन्य राइस मिलों में बिना बिलों की धान मिलने पर मार्केट फीस की चोरी के रूप में लाखों रुपये भरवाए गए थे।
डीएमईयू श्याम सुंदर ने इस मामले का खुलासा करते हुए विभाग के उच्च अधिकारियों को इसकी रिपोर्ट भेजी थी, लेकिन राइस मिलरों के दबाव के चलते विभाग ने चार दिनों बाद ही जांच बंद करवा दी। उसके कुछ दिनों बाद ही डीसी ने जिला परिषद कैथल के सीईओ से इस घोटाले का जांच करवाई। इस जांच में दोनों ही राइस मिलों में धान पूरी होने की बात कही गई है। अब सवाल उठता है कि सरकार की तरफ से करवाई दोनों जांचों में से कौन सी जांच झूठी थी और कौन सी सच्ची।
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विभाग के एक अधिकारी की जांच को दूसरे अधिकारी की जांच से झूठा साबित करने की क्षेत्र के लोगों में खूब चर्चा है। लोगों का कहना है कि दूसरी जांच सिर्फ भ्रष्ट अधिकारियों और राइस मिलरों को बचाने का प्रयास है। लोग इस बात की भी चर्चा कर रहे हैं कि जब सरकार का पहली जांच पर भरोसा नहीं था तो उसने तुरंत दूसरे अधिकारियों से जांच शुरू क्यों नहीं करवाई। इसमें सात दिनों का समय क्यों दिया। लोगों को कहना है कि सरकार की सह पर अधिकारियों ने राइस मिलरों को समय दिया ताकि वे कम धान को पूरा कर सकें और राइस मिलरों के साथ इस घोटाले में संलिप्त अधिकारियों को भी बचाया जा सके। उधर, भाकियू के युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना और दूसरे किसान संगठन धान घोटाले का आरोप लगाते हुए मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग कर रहे हैं।
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वर्जन -
हमने जब जांच की थी तो राइस मिलों में धान कम था। दूसरी टीम ने जब जांच की तो हो सकता है धान पूरा हो गया हो। दोनों ही जांचों में सात दिनों का अंतर था, इतने समय में धान की पूर्ति हो सकती है। हर एक अधिकारी का जांच करने का अपना-अपना तरीका है। दोनों ही टीमों की जांच सही थी।
--- श्याम सुंदर, डीएमईओ भिवानी।
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