{"_id":"619a9e45d01be33d0e293f27","slug":"paddy-prices-jump-paddy-sold-at-rs-4000-per-quintal-kaithal-news-knl90341658","type":"story","status":"publish","title_hn":"धान की कीमतों में उछाल, 4000 रुपये प्रति क्विंटल बिका धान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धान की कीमतों में उछाल, 4000 रुपये प्रति क्विंटल बिका धान
विज्ञापन
Paddy prices jump, Paddy sold at Rs 4000 per quintal
- फोटो : Kaithal
कैथल। धान के सीजन में इस बार 1121 व 1718 किस्म के धान उत्पादक किसानों की बल्ले-बल्ले नजर आ रही है। परंपरागत बासमती से करीब 1000 रुपये प्रति क्विंटल कम बिकने वाली ये किस्में इस बार इस किस्म के आसपास की कीमतों पर बिक रही हैं। फसल कम होने को इन कीमतों का एक कारण माना जा रहा है।
विदित रहे कि जिले में मोटे धान के अलावा एक्सपोर्ट क्वालिटी के धान में परंपरागत बासमती व 1121 व 1718 किस्म की गिनती बासमती ग्रुप में होती है। इसमें से अधिकतर चावल को निर्यात किया जाता है। इस बार पीआर ग्रुप के मोटे चावल का एरिया ज्यादा था। बारीकी धान, जिसका निर्यात किया जाता है, उसका एरिया कम था। शुरुआत में 1121 किस्म की कीमतें 2900 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास थी। जो महीने भर से लगातार बढ़कर अब लगभग 4000 पहुंच गई हैं। शनिवार व रविवार को यह धान लगभग 4000 रुपये प्रति क्विंटल बिकी।
निर्यातक नरेंद्र मिगलानी ने बताया कि 1121 व 1718 की कीमतें इस बार बढ़ी हैं। परंपरागत बासमती से यह किस्में लगभग 1000 रुपये प्रति क्विंटल कम ही बिकती थीं। लेकिन इस बार परंपरागत बासमती की कीमतें लगभग 4400 रुपये प्रति क्विंटल पहुंची हैं। जबकि 1121 व 1718 किस्म की कीमतें भी करीब-करीब 4000 पहुुंच गई हैं। दस-बारह दिनों से इन कीमतों में लगातार उछाल आ रहा है। अब अनुमान है कि आने वाले सप्ताह में एक बार गिरावट आए। इसके बाद कीमतें स्थिर हो जाएंगी। उधर, जिला आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्वनी शोरेवाला ने कहा कि रविवार को 1121 की कीमतें 3950 रुपये प्रति क्विंटल रही। 1718 किस्म करीब 3800 रुपये प्रति क्विंटल बिकी है। अभी निजी खरीदारों द्वारा धान की खरीद की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विदित रहे कि जिले में मोटे धान के अलावा एक्सपोर्ट क्वालिटी के धान में परंपरागत बासमती व 1121 व 1718 किस्म की गिनती बासमती ग्रुप में होती है। इसमें से अधिकतर चावल को निर्यात किया जाता है। इस बार पीआर ग्रुप के मोटे चावल का एरिया ज्यादा था। बारीकी धान, जिसका निर्यात किया जाता है, उसका एरिया कम था। शुरुआत में 1121 किस्म की कीमतें 2900 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास थी। जो महीने भर से लगातार बढ़कर अब लगभग 4000 पहुंच गई हैं। शनिवार व रविवार को यह धान लगभग 4000 रुपये प्रति क्विंटल बिकी।
विज्ञापन
निर्यातक नरेंद्र मिगलानी ने बताया कि 1121 व 1718 की कीमतें इस बार बढ़ी हैं। परंपरागत बासमती से यह किस्में लगभग 1000 रुपये प्रति क्विंटल कम ही बिकती थीं। लेकिन इस बार परंपरागत बासमती की कीमतें लगभग 4400 रुपये प्रति क्विंटल पहुंची हैं। जबकि 1121 व 1718 किस्म की कीमतें भी करीब-करीब 4000 पहुुंच गई हैं। दस-बारह दिनों से इन कीमतों में लगातार उछाल आ रहा है। अब अनुमान है कि आने वाले सप्ताह में एक बार गिरावट आए। इसके बाद कीमतें स्थिर हो जाएंगी। उधर, जिला आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्वनी शोरेवाला ने कहा कि रविवार को 1121 की कीमतें 3950 रुपये प्रति क्विंटल रही। 1718 किस्म करीब 3800 रुपये प्रति क्विंटल बिकी है। अभी निजी खरीदारों द्वारा धान की खरीद की जा रही है।
विज्ञापन