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Kaithal News: 8 लाख 21 हजार मतदाताओं में से 3 लाख 37 हजार के डाटा का मिलान

Fri, 12 Dec 2025 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Fri, 12 Dec 2025 01:02 AM IST
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Out of 8 lakh 21 thousand voters, data of 3 lakh 37 thousand was matched.
कपिल तंवर
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कैथल। जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (एसआईआर) की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसके लिए जिला स्तर पर टीमें तैनात कर दी गई हैं। वर्ष 2024 की मतदाता सूची के अनुसार जिले में कुल 8 लाख 21 हजार मतदाता दर्ज हैं, जिनमें से 3 लाख 37 हजार मतदाताओं के रिकॉर्ड का मिलान पूरा हो चुका है। शेष मतदाताओं के रिकॉर्ड का मिलान इस माह के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है।



जिले के 807 बीएलओ को वर्ष 2002 की मतदाता सूची को बीएलओ एप के माध्यम से 2024 की सूची से मिलाने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रत्येक उपमंडल में निर्वाचन पंजीयन अधिकारी (एसडीएम) और जिला स्तर पर जिला निर्वाचन अधिकारी उत्तम सिंह इस कार्य की निगरानी कर रहे हैं।
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अधिकारियों के अनुसार, दोनों सूचियों में जिन मतदाताओं का नाम शामिल है, उन्हें पहले चिह्नित किया जा रहा है। इसकी मैपिंग के बाद वंशावली (फैमिली ट्री) तैयार की जाएगी, ताकि एक ही परिवार के सभी वोट एक ही बूथ पर दर्ज किए जा सकें।
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वंशावली में कौन-कौन शामिल होंगे?
वंशावली प्रक्रिया में दादा-दादी से लेकर माता-पिता, भाई-बहन और बच्चों तक को शामिल किया जाएगा।

बेटे की बहू को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा, उसका रिकॉर्ड उसके मायके यानी भाई के परिवार से जुड़ा रहेगा।

निर्वाचन कानूनगो अमित के अनुसार, वर्ष 2025 तक बने नए वोट भी इस वंशावली में जोड़े जा रहे हैं ताकि पूरा परिवार एक ही स्थान पर दर्ज हो सके।



मतदाता सूची मिलान का विधानसभा-वार विवरण

विधानसभा क्षेत्र
कुल मतदाता
मैप हुए
प्रतिशत

कैथल
2,25,810
72,265 63%
कलायत 2,16,541
98,321 88%
पूंडरी 1,94,225
84,474 82%
गुहला-चीका
1,94,601
80,852 79%




एसआईआर क्यों है आवश्यक?


निर्वाचन कानून के अनुसार मतदाता सूची हर चुनाव से पहले या आवश्यकता पड़ने पर संशोधित की जाती है। राजनीतिक दलों द्वारा मतदाता सूची की गुणवत्ता पर सवाल उठाने के बाद एसआईआर को जरूरी माना गया।




1951 से 2004 के बीच आठ बार एसआईआर हो चुकी है। पिछली बार यह प्रक्रिया 2002 में हुई थी। 23 वर्षों में—


जनसंख्या परिवर्तन



पलायन



मृत मतदाताओं को सूची से न हटाना



गलत पंजीकरण



विदेशी नागरिकों के नाम शामिल होना



जैसी समस्याओं के कारण मतदाता सूची में त्रुटियां बढ़ गईं, जिन्हें दुरुस्त करने के लिए यह विशेष पुनरीक्षण जरूरी है।



वर्जन



वर्ष 2002 और 2024 की मतदाता सूची का मिलान किया जा रहा है। अब तक 78 प्रतिशत रिकॉर्ड का मिलान हो चुका है। इसके बाद भौतिक सत्यापन होगा। इसी प्रक्रिया में पता चलेगा कि कौन मतदाता शिफ्ट हो चुके हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है। इस माह में मैपिंग पूरा करने का लक्ष्य है। -सुभाष चंद, चुनाव तहसीलदार, कैथल
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