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Kaithal News: श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन पावन प्रसंगों से भक्तिमय हुआ गांव बीर बागड़ा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 14 Oct 2026 11:37 PM IST
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On the third day of the Shrimad Bhagwat Katha, the village of Bir Bagda became immersed in devotion through sacred episodes.
गांव बीर बागड़ा में पंडाल में मौजूद श्रद्धालु कथा सुनते हुए। विज्ञ​प्ति
राजौंद। गांव बीर बांगड़ा के शिव मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के तीसरे दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। कथा व्यास जितेन्द्र शास्त्री ने श्रीमद्भागवत के विभिन्न पावन प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
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कथा के तीसरे दिन मुख्य रूप से कपिलेश्वर अवतार, कपिल-देवहूति संवाद, सती चरित्र, ध्रुव चरित्र और विदुर चरित्र जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया गया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत जैसे धार्मिक ग्रंथ हमें सत्य, धर्म, सेवा, सदाचार और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। जितेन्द्र शास्त्री ने कपिलेश्वर अवतार की महिमा बताते हुए कहा कि भगवान के अवतार का उद्देश्य जीवों का कल्याण करना और मनुष्य को सत्य व धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ाना है।
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कपिल-देवहूति संवाद के माध्यम से उन्होंने भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सांसारिक मोह-माया में उलझने के बजाय भगवान की भक्ति, सत्कर्म और सदाचार को अपने जीवन का आधार बनाना चाहिए। इसके बाद सती चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया गया। भगवान शिव और माता सती से जुड़े इस प्रसंग के माध्यम से श्रद्धालुओं को श्रद्धा, समर्पण और मर्यादा का संदेश दिया गया। वहीं ध्रुव चरित्र सुनाते हुए जितेन्द्र शास्त्री ने बताया कि बालक ध्रुव ने छोटी आयु में ही भगवान की प्राप्ति का दृढ़ संकल्प लिया और कठिन तपस्या के बल पर भगवान नारायण को प्रसन्न किया।
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ध्रुव की कथा मनुष्य को दृढ़ निश्चय, मेहनत और अटूट भक्ति की प्रेरणा देती है। कथा के दौरान विदुर चरित्र का भी विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया। जितेन्द्र शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण केवल धार्मिक कथा नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक ग्रंथ है। इसके प्रत्येक प्रसंग में जीवन को बेहतर बनाने की प्रेरणा छिपी हुई है। इस अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। कथा के दौरान वातावरण भगवान के जयकारों और भक्ति भाव से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव से कथा का श्रवण किया और धार्मिक आयोजन में शामिल होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।

गांव बीर बागड़ा में पंडाल में मौजूद श्रद्धालु कथा सुनते हुए। विज्ञप्ति

गांव बीर बागड़ा में पंडाल में मौजूद श्रद्धालु कथा सुनते हुए। विज्ञप्ति

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