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Kaithal News: कैथल से लगातार चार बार महिला विधायक बनी थीं ओम प्रभा जैन
Wed, 28 Aug 2024 03:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 28 Aug 2024 03:15 AM IST
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कमल बहल
कैथल। कैथल की विधानसभा सीट शुरुआत से ही चर्चा में रही है। हरियाणा के गठन से पहले यह सीट संयुक्त पंजाब के पटियाला विधानसभा के अंर्तगत आती थी परंतु बाद में यह कैथल विधानसभा क्षेत्र से जानी जाने लगी। ऐसे में कैथल में लगातार चार बार महिला विधायक बनी है।
संयुक्त पंजाब में दो बार और फिर हरियाणा गठन के बाद लगातार दो बार ओम प्रभा महिला विधायक बनी हैं। जबकि आजादी के बाद कैथल विधानसभा क्षेत्र के पहले विधायक 1952 में मास्टर दौलत राम रहे थे।
ओम प्रभा जैन चारों बार कांग्रेस पार्टी से विधायक बनी। इसके साथ ही लगातार दो बार प्रदेश की वित्त मंत्री भी रहीं। हरियाणा गठन के बाद पहली वित्त मंत्री बनने का रिकॉर्ड ओम प्रभा जैन के नाम ही है। वर्ष 1977 में लाला चरणदास शोरेवाला ने निर्दलीय चुनाव जीतकर उन्हें हराया था। इसके बाद से वर्ष 2019 तक कोई भी महिला विधायक नहीं बनी है। इसके बाद हमेशा पुरुष प्रत्याशियों को ही पार्टियों ने टिकट दिया है।
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राजनीतिक विशेषज्ञ के अनुसार कैथल में शिक्षा को बढ़ावा देने में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। बताया जाता है कि ओम प्रभा ने भरी सभा में जवाब दिया था कि सत्ता में कद नहीं, बल्कि शिक्षित होना जरूरी है। कहा था कि चाहे चुनाव जीतू या हारू, कैथल के लोगों के लिए शिक्षा मंदिर बनवाऊंगी।
आरकेएसडी कॉलेज के राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर डॉ. अशोक अत्री ने बताया कि ओम प्रभा जैन का फोकस पहले बजट में खेती और शिक्षा पर था। उनका मानना था कि हरियाणा के विकास का रास्ता खेत से होकर ही गुजरता है। उस वक्त कैथल एक गांव के जैसा था। बेटियों की शिक्षा के लिए यहां सुविधाएं नहीं थीं। एक मस्जिद में बैठ कर ही लड़कियों की पढ़ाई होती थी।
उन्होंने इस समस्या को समझा और गीता भवन के पास राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की स्थापना करवाई। वर्ष 1970 में इंदिरा गांधी कन्या महाविद्यालय की नींव रखी। यहां उस वक्त बाढ़ का खतरा ज्यादा रहता था। इसके चलते उन्होंने उत्तरी दिशा में एक ड्रेन का निर्माण करवाया।
पहला बस अड्डा भी ओम प्रभा जैन ने ही यहां बनवाया था। वह लंबे समय तक स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की निदेशक रहीं और इस दौरान कैथल में बैंक की शाखा खुलवाकर उसमें कृषि से जुड़ी योजनाएं शुरू करवाईं। वह अखिल भारतीय खादी ग्रामोद्योग की भी निदेशक भी रहीं।
वाराणसी में जन्मीं थीं प्रदेश की पहली वित्त मंत्री ः प्रोफेसर डॉ. अशोक अत्री ने प्रदेश की पहली वित्तमंत्री ओम प्रभा जैन का जन्म छह फरवरी 1931 को वाराणसी में हुआ था। जींद के डा.केसी जैन के साथ वर्ष 1951 में उनका विवाह हुआ और कांग्रेस की टिकट पर वर्ष 1957 में कैथल से चुनाव लड़ा। सर्राफा बाजार में उनका कार्यालय हुआ करता था।
यहां से चुनाव जीतकर संयुक्त पंजाब में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रताप सिंह कैरों की सरकार में उप शिक्षा मंत्री बनीं। 1965-66 में उन्हें संयुक्त पंजाब सरकार में स्वास्थ्य मंत्रालय दिया गया।
पृथक हरियाणा बनने के बाद 1966-67 में वह तत्कालीन मुख्यमंत्री पंडित भगवत दयाल शर्मा की सरकार में वित्त मंत्री बनीं। पूर्व मुख्यमंत्री बंसी लाल के मंत्रिमंडल में वह वित्त मंत्री के तौर दूसरे नंबर की मंत्री रहीं। ओम प्रभा जैन देश में किसी
भी राज्य में वित्त मंत्री बनने वाली पहली महिला थीं। वर्ष 1978 में एक कार दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई थी। कैथल में
उनके नाम से इस समय भी मॉडर्न स्कूल भी है। संवाद
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कैथल। कैथल की विधानसभा सीट शुरुआत से ही चर्चा में रही है। हरियाणा के गठन से पहले यह सीट संयुक्त पंजाब के पटियाला विधानसभा के अंर्तगत आती थी परंतु बाद में यह कैथल विधानसभा क्षेत्र से जानी जाने लगी। ऐसे में कैथल में लगातार चार बार महिला विधायक बनी है।
संयुक्त पंजाब में दो बार और फिर हरियाणा गठन के बाद लगातार दो बार ओम प्रभा महिला विधायक बनी हैं। जबकि आजादी के बाद कैथल विधानसभा क्षेत्र के पहले विधायक 1952 में मास्टर दौलत राम रहे थे।
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ओम प्रभा जैन चारों बार कांग्रेस पार्टी से विधायक बनी। इसके साथ ही लगातार दो बार प्रदेश की वित्त मंत्री भी रहीं। हरियाणा गठन के बाद पहली वित्त मंत्री बनने का रिकॉर्ड ओम प्रभा जैन के नाम ही है। वर्ष 1977 में लाला चरणदास शोरेवाला ने निर्दलीय चुनाव जीतकर उन्हें हराया था। इसके बाद से वर्ष 2019 तक कोई भी महिला विधायक नहीं बनी है। इसके बाद हमेशा पुरुष प्रत्याशियों को ही पार्टियों ने टिकट दिया है।
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राजनीतिक विशेषज्ञ के अनुसार कैथल में शिक्षा को बढ़ावा देने में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। बताया जाता है कि ओम प्रभा ने भरी सभा में जवाब दिया था कि सत्ता में कद नहीं, बल्कि शिक्षित होना जरूरी है। कहा था कि चाहे चुनाव जीतू या हारू, कैथल के लोगों के लिए शिक्षा मंदिर बनवाऊंगी।
आरकेएसडी कॉलेज के राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर डॉ. अशोक अत्री ने बताया कि ओम प्रभा जैन का फोकस पहले बजट में खेती और शिक्षा पर था। उनका मानना था कि हरियाणा के विकास का रास्ता खेत से होकर ही गुजरता है। उस वक्त कैथल एक गांव के जैसा था। बेटियों की शिक्षा के लिए यहां सुविधाएं नहीं थीं। एक मस्जिद में बैठ कर ही लड़कियों की पढ़ाई होती थी।
उन्होंने इस समस्या को समझा और गीता भवन के पास राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की स्थापना करवाई। वर्ष 1970 में इंदिरा गांधी कन्या महाविद्यालय की नींव रखी। यहां उस वक्त बाढ़ का खतरा ज्यादा रहता था। इसके चलते उन्होंने उत्तरी दिशा में एक ड्रेन का निर्माण करवाया।
पहला बस अड्डा भी ओम प्रभा जैन ने ही यहां बनवाया था। वह लंबे समय तक स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की निदेशक रहीं और इस दौरान कैथल में बैंक की शाखा खुलवाकर उसमें कृषि से जुड़ी योजनाएं शुरू करवाईं। वह अखिल भारतीय खादी ग्रामोद्योग की भी निदेशक भी रहीं।
वाराणसी में जन्मीं थीं प्रदेश की पहली वित्त मंत्री ः प्रोफेसर डॉ. अशोक अत्री ने प्रदेश की पहली वित्तमंत्री ओम प्रभा जैन का जन्म छह फरवरी 1931 को वाराणसी में हुआ था। जींद के डा.केसी जैन के साथ वर्ष 1951 में उनका विवाह हुआ और कांग्रेस की टिकट पर वर्ष 1957 में कैथल से चुनाव लड़ा। सर्राफा बाजार में उनका कार्यालय हुआ करता था।
यहां से चुनाव जीतकर संयुक्त पंजाब में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रताप सिंह कैरों की सरकार में उप शिक्षा मंत्री बनीं। 1965-66 में उन्हें संयुक्त पंजाब सरकार में स्वास्थ्य मंत्रालय दिया गया।
पृथक हरियाणा बनने के बाद 1966-67 में वह तत्कालीन मुख्यमंत्री पंडित भगवत दयाल शर्मा की सरकार में वित्त मंत्री बनीं। पूर्व मुख्यमंत्री बंसी लाल के मंत्रिमंडल में वह वित्त मंत्री के तौर दूसरे नंबर की मंत्री रहीं। ओम प्रभा जैन देश में किसी
भी राज्य में वित्त मंत्री बनने वाली पहली महिला थीं। वर्ष 1978 में एक कार दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई थी। कैथल में
उनके नाम से इस समय भी मॉडर्न स्कूल भी है। संवाद