{"_id":"6693219e0e6da2ef680834eb","slug":"now-the-fragrance-of-medicinal-plants-will-spread-on-182-pilgrimage-sites-of-48-kos-kaithal-news-c-18-1-knl1011-430176-2024-07-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: अब 48 कोस के 182 तीर्थों पर फैलेगी औषधीय पौधों की महक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: अब 48 कोस के 182 तीर्थों पर फैलेगी औषधीय पौधों की महक
विज्ञापन
अब 48 कोस के 182 तीर्थों पर फैलेगी औषधीय पौधों की महक
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। 48 कोस के अंतर्गत पांच जिलों में स्थित 182 तीर्थ अब न केवल हरे-भरे होंगे बल्कि यहां औषधीय महक भी फैलेगी। इन तीर्थों पर औषधीय व सौंदर्यपरक पौधे लगाए जाएंगे, जिसका बीड़ा कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने उठाया है। इस अभियान की शुरुआत शनिवार से पवित्र ब्रह्मसरोवर परिसर से की गई, जहां स्व गुलजारी लाल नंदा प्रतिमा के समीप पूर्व छोर पर गुलमोहर के 18 पौधे लगाकर की गई। अब सभी तीर्थों पर यह अभियान चलाया जाएगा, जिसकी रूपरेखा तय कर ली गई है।
बता दें कि कुरुक्षेत्र के 48 कोस का क्षेत्र सात वनों का क्षेत्र माना जाता है। इनमें आदिति वन, सूर्य वन, व्यास वन, मधु वन, शीत वन, फल्की वन व काम्यक वन शामिल है। लंबे समय से तीर्थों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है, जिसके तहत इन तीर्थों को नया रूप देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अब केडीबी ने इन तीर्थों के परिसर हरे भरे करने का फैसला किया है, जिसके तहत हर तीर्थ पर पौधरोपण किया जाएगा। खासकर औषधीय गुणों से भरपूर हरड़, बहेड़ा और आंवला सहित अन्य प्रकार के पौधे लगाए जाएंगे। यही नहीं गुलमोहर सहित अन्य प्रकार के सौंदर्यपरक पौधे भी लगाए जाएंगे। हर तीर्थ पर 10 से 100 तक पौधे लगाए जाने हैं, जिसके लिए संबंधित तीर्थ की कमेटी व गांव के लोगों का भी सहयोग लिया जाएगा।
ये है जिला वार तीर्थ
कैथल-- -73
कुरुक्षेत्र-- 46
जींद-- -- 22
करनाल-- 40
पानीपत-- 1
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। 48 कोस के अंतर्गत पांच जिलों में स्थित 182 तीर्थ अब न केवल हरे-भरे होंगे बल्कि यहां औषधीय महक भी फैलेगी। इन तीर्थों पर औषधीय व सौंदर्यपरक पौधे लगाए जाएंगे, जिसका बीड़ा कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने उठाया है। इस अभियान की शुरुआत शनिवार से पवित्र ब्रह्मसरोवर परिसर से की गई, जहां स्व गुलजारी लाल नंदा प्रतिमा के समीप पूर्व छोर पर गुलमोहर के 18 पौधे लगाकर की गई। अब सभी तीर्थों पर यह अभियान चलाया जाएगा, जिसकी रूपरेखा तय कर ली गई है।
बता दें कि कुरुक्षेत्र के 48 कोस का क्षेत्र सात वनों का क्षेत्र माना जाता है। इनमें आदिति वन, सूर्य वन, व्यास वन, मधु वन, शीत वन, फल्की वन व काम्यक वन शामिल है। लंबे समय से तीर्थों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है, जिसके तहत इन तीर्थों को नया रूप देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अब केडीबी ने इन तीर्थों के परिसर हरे भरे करने का फैसला किया है, जिसके तहत हर तीर्थ पर पौधरोपण किया जाएगा। खासकर औषधीय गुणों से भरपूर हरड़, बहेड़ा और आंवला सहित अन्य प्रकार के पौधे लगाए जाएंगे। यही नहीं गुलमोहर सहित अन्य प्रकार के सौंदर्यपरक पौधे भी लगाए जाएंगे। हर तीर्थ पर 10 से 100 तक पौधे लगाए जाने हैं, जिसके लिए संबंधित तीर्थ की कमेटी व गांव के लोगों का भी सहयोग लिया जाएगा।
विज्ञापन
ये है जिला वार तीर्थ
कैथल
कुरुक्षेत्र
जींद
करनाल
पानीपत