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अब पोर्टेबल अस्पताल में दाखिल किए जाएंगे कोरोना के नए मरीज
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Now new patients of corona will be admitted in portable hospital
- फोटो : Kaithal
कैथल। कोरोना की तीसरी लहर की भविष्यवाणी के साथ ही स्वास्थ्य विभाग महामारी से बचाव के प्रबंधों को पुख्ता करने में जुटा है। जिला नागरिक अस्पताल परिसर में बनाए गए 100 बेड के पोर्टेबल अस्पताल में मरीजों को दाखिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग तीसरी लहर में कोरोना संक्रमण से दूसरी बीमारियों से पीड़ित मरीजों और स्टाफ को बचाने के प्रयास में है। इस कारण अधिकारियों ने निर्णय लिया है कि जरूरत होने पर कोरोना के मरीजों को नागरिक अस्पताल में बनाए गए पोर्टेबल अस्पताल में ही दाखिल किया जाएगा।
अगर मरीजों की संख्या ज्यादा होती है और पोर्टेबल अस्पताल में बेड या अन्य सुविधाएं कम रहती हैं तो विकल्प के रूप में नागरिक अस्पताल भवन के वार्डों में मरीजों को दाखिल किया जाएगा। करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से बने पोर्टेबल अस्पताल को विभाग ने प्रथम विकल्प के रूप में चुना है।
अब तक 22 बेडों को पोर्टेबल अस्पताल में किया जा चुका है तैयार
जिले में अभी तक कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का कोई मरीज नहीं पाया गया है, लेकिन विभाग ने पहले ही मरीजों को दाखिल करने के लिए पोर्टेबल अस्पताल में स्थान बनाना शुरू कर दिया है। इस अस्पताल के अब तक 22 बेडों को तैयार किया जा चुका है। इनमें से 8 बेड इंटेंसिव केयर यूनिट अर्थात आईसीयू के हैं, जिन पर वेंटिलेटर व अन्य इमरजेंसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। इसके अलावा 14 सामान्य बेड तैयार किए गए हैं, जिन पर जरूरी मशीनें और ऑक्सीजन जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। इसके अलावा अन्य बेडों पर भी तैयारियों को पूरा किया जा रहा है।
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दूसरी लहर में भी गंभीर स्थिति को देखते हुए कोरोना संक्रमितों के लिए की गई थी अलग व्यवस्था
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जब अस्पताल में मरीजों की संख्या ज्यादा हो गई थी, उस समय कोरोना की जांच, मरीजों की आवाजाही और आइसोलेशन वार्ड तक आने-जाने के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी। नागरिक अस्पताल में प्रथम फ्लोर पर बनाए गए आइसोलेशन वार्ड के लिए अलग से रास्ता बनाया गया था, जहां सामान्य मरीज या व्यक्ति को आने-जाने की मनाही की गई। कई कर्मचारियों को अनावश्यक आवाजाही रोकने के लिए लगाया गया। इस बार विभाग का प्रयास है कि इन सभी झंझटों से बचने और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए पहले पोर्टेबल अस्पताल का ही कोरोना मरीजों के लिए प्रयोग करें।
पोर्टेबल अस्पताल में 22 बेड पूरी तरह से तैयार हैं। अन्य बेडों को भी उपकरणों और मशीनों की जांच कर तैयार किया जा रहा है। इमरजेंसी में इसका तुरंत प्रयोग किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से अस्पताल की इमारत में सभी मरीजों को दाखिल किया जाएगा।
-डॉ. जयंत आहूजा, सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल कैथल
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अगर मरीजों की संख्या ज्यादा होती है और पोर्टेबल अस्पताल में बेड या अन्य सुविधाएं कम रहती हैं तो विकल्प के रूप में नागरिक अस्पताल भवन के वार्डों में मरीजों को दाखिल किया जाएगा। करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से बने पोर्टेबल अस्पताल को विभाग ने प्रथम विकल्प के रूप में चुना है।
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अब तक 22 बेडों को पोर्टेबल अस्पताल में किया जा चुका है तैयार
जिले में अभी तक कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का कोई मरीज नहीं पाया गया है, लेकिन विभाग ने पहले ही मरीजों को दाखिल करने के लिए पोर्टेबल अस्पताल में स्थान बनाना शुरू कर दिया है। इस अस्पताल के अब तक 22 बेडों को तैयार किया जा चुका है। इनमें से 8 बेड इंटेंसिव केयर यूनिट अर्थात आईसीयू के हैं, जिन पर वेंटिलेटर व अन्य इमरजेंसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। इसके अलावा 14 सामान्य बेड तैयार किए गए हैं, जिन पर जरूरी मशीनें और ऑक्सीजन जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। इसके अलावा अन्य बेडों पर भी तैयारियों को पूरा किया जा रहा है।
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दूसरी लहर में भी गंभीर स्थिति को देखते हुए कोरोना संक्रमितों के लिए की गई थी अलग व्यवस्था
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जब अस्पताल में मरीजों की संख्या ज्यादा हो गई थी, उस समय कोरोना की जांच, मरीजों की आवाजाही और आइसोलेशन वार्ड तक आने-जाने के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी। नागरिक अस्पताल में प्रथम फ्लोर पर बनाए गए आइसोलेशन वार्ड के लिए अलग से रास्ता बनाया गया था, जहां सामान्य मरीज या व्यक्ति को आने-जाने की मनाही की गई। कई कर्मचारियों को अनावश्यक आवाजाही रोकने के लिए लगाया गया। इस बार विभाग का प्रयास है कि इन सभी झंझटों से बचने और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए पहले पोर्टेबल अस्पताल का ही कोरोना मरीजों के लिए प्रयोग करें।
पोर्टेबल अस्पताल में 22 बेड पूरी तरह से तैयार हैं। अन्य बेडों को भी उपकरणों और मशीनों की जांच कर तैयार किया जा रहा है। इमरजेंसी में इसका तुरंत प्रयोग किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से अस्पताल की इमारत में सभी मरीजों को दाखिल किया जाएगा।
-डॉ. जयंत आहूजा, सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल कैथल