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Kaithal News: कुपोषण मुक्त गांव अभियान के तहत अब 50 नए क्षेत्रों की बारी
Wed, 15 Jan 2025 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 15 Jan 2025 01:24 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। एडीसी कार्यालय में मंगलवार को कुपोषण मुक्त गांव अभियान के तहत बैठक का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता एडीसी दीपक बाबूलाल करवा ने की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में 10 गांवों को कुपोषण मुक्त बनाने में किए गए कार्यों का ब्योरा लिया गया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग के अधिकारी आपसी तालमेल बनाकर कुपोषण मुक्त गांव अभियान में सहयोग करना सुनिश्चित करें।
पिछली बैठक में जारी किए गए निर्देशानुसार उन्होंने 10 गांव में किए गए कार्यों की डाक्यूमेंट्री के माध्यम से समीक्षा की। इसके साथ ही उन्होंने योजना के तहत चिन्हित किए गए अगले 50 गांवों की सूची का ब्योरा लिया। उन्होंने गांव व शहरी क्षेत्रों से संबंधित सभी सुपरवाइजरों को आदेश दिए कि हमें सभी विभागों के साथ तालमेल करके इन गांव व शहरी क्षेत्रों में आगामी कार्य करना है। उन्होंने कहा कि संबंधित कर्मचारी गांव में बच्चों के माता पिता को समझाएं कि कुपोषित बच्चों के लिए दूध दही के साथ-साथ अन्य खाद्य पदार्थों जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी खाद्य पदार्थ भी जरूरी हैं। कुपोषित बच्चे के साथ-साथ गर्भवती माताओं को भी खानपान व कुपोषण के बारे में जागरूक करना है, क्योंकि माताएं स्वस्थ होंगी तो बच्चे भी स्वस्थ पैदा होंगे और बच्चों में कुपोषण की कमी होगी।
बैठक में डॉ विकास धवन ने बताया कि कुपोषण के कई कारण हो सकते हैं। इनमें खून की कमी, उम्र के अनुसार वजन की कमी, सही समय पर सही खान-पान उपलब्ध न होने जैसे कारण शामिल हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआत के 10 गांव के बाद अगले जो 50 गांव चयनित किए हैं, उनका माइक्रो प्लान तैयार कर लिया गया है। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी गुरजीत कौर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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इन गांवों का हुआ चयन
नए 50 गांवों में अब कैथल शहर से अंबेडकर नगर, अर्जुन नगर, पटेल नगर, कलायत से बड़सीकरी कलां, खरक पांडवा, वजीरनगर, कलायत, कुराड़, मटौर, ढुंढवा, शिमला, राजौंद से कसान, खेड़ रायवाली, बीर बांगड़ा किठाना, कोटड़ा, सीवन से ककहेड़ी, खरकां, मांडी, खानपुर, फिरोजपुर, पूंडरी से बाकल, सिरसल, चुहड़माजरा, टयोंठा, हाबड़ी, भाणा, कौल, बरसाना, पाई, सोलू माजरा, रसीना, आहूं, गुहला से घग्गड़पुर, भूसला, भूना, बेगा बस्ती, रत्ता खेड़ा कड़ाम, खरल, कैथल ग्रामीण से कुलतारण, देवबन, क्योड़क, दयोरा, दीवाल, सेगा, नंद सिंह वाला, सिरटा, हरसौला व कठवाड़ शामिल हैं।
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कैथल। एडीसी कार्यालय में मंगलवार को कुपोषण मुक्त गांव अभियान के तहत बैठक का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता एडीसी दीपक बाबूलाल करवा ने की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में 10 गांवों को कुपोषण मुक्त बनाने में किए गए कार्यों का ब्योरा लिया गया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग के अधिकारी आपसी तालमेल बनाकर कुपोषण मुक्त गांव अभियान में सहयोग करना सुनिश्चित करें।
पिछली बैठक में जारी किए गए निर्देशानुसार उन्होंने 10 गांव में किए गए कार्यों की डाक्यूमेंट्री के माध्यम से समीक्षा की। इसके साथ ही उन्होंने योजना के तहत चिन्हित किए गए अगले 50 गांवों की सूची का ब्योरा लिया। उन्होंने गांव व शहरी क्षेत्रों से संबंधित सभी सुपरवाइजरों को आदेश दिए कि हमें सभी विभागों के साथ तालमेल करके इन गांव व शहरी क्षेत्रों में आगामी कार्य करना है। उन्होंने कहा कि संबंधित कर्मचारी गांव में बच्चों के माता पिता को समझाएं कि कुपोषित बच्चों के लिए दूध दही के साथ-साथ अन्य खाद्य पदार्थों जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी खाद्य पदार्थ भी जरूरी हैं। कुपोषित बच्चे के साथ-साथ गर्भवती माताओं को भी खानपान व कुपोषण के बारे में जागरूक करना है, क्योंकि माताएं स्वस्थ होंगी तो बच्चे भी स्वस्थ पैदा होंगे और बच्चों में कुपोषण की कमी होगी।
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बैठक में डॉ विकास धवन ने बताया कि कुपोषण के कई कारण हो सकते हैं। इनमें खून की कमी, उम्र के अनुसार वजन की कमी, सही समय पर सही खान-पान उपलब्ध न होने जैसे कारण शामिल हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआत के 10 गांव के बाद अगले जो 50 गांव चयनित किए हैं, उनका माइक्रो प्लान तैयार कर लिया गया है। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी गुरजीत कौर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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नए 50 गांवों में अब कैथल शहर से अंबेडकर नगर, अर्जुन नगर, पटेल नगर, कलायत से बड़सीकरी कलां, खरक पांडवा, वजीरनगर, कलायत, कुराड़, मटौर, ढुंढवा, शिमला, राजौंद से कसान, खेड़ रायवाली, बीर बांगड़ा किठाना, कोटड़ा, सीवन से ककहेड़ी, खरकां, मांडी, खानपुर, फिरोजपुर, पूंडरी से बाकल, सिरसल, चुहड़माजरा, टयोंठा, हाबड़ी, भाणा, कौल, बरसाना, पाई, सोलू माजरा, रसीना, आहूं, गुहला से घग्गड़पुर, भूसला, भूना, बेगा बस्ती, रत्ता खेड़ा कड़ाम, खरल, कैथल ग्रामीण से कुलतारण, देवबन, क्योड़क, दयोरा, दीवाल, सेगा, नंद सिंह वाला, सिरटा, हरसौला व कठवाड़ शामिल हैं।