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Kaithal News: पहले दिन नहीं हो सकी एक भी पेपरलेस रजिस्ट्री, तीन आवेदन मिले
Tue, 04 Nov 2025 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 04 Nov 2025 12:50 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले की सभी तहसीलों में पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली सुचारू रूप से शुरू हो चुकी है। सोमवार को कैथल जिले में तीन आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से एक कलायत और दो कैथल तहसील से संबंधित हैं। फिलहाल रजिस्ट्री नहीं हुई है, लेकिन ऑनलाइन दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद इन्हें मंजूरी दी जाएगी।
ऑनलाइन रजिस्ट्री की जांच आरसीसी-1 यूजर पोर्टल पर की जा रही है। यदि दस्तावेज अधूरे हैं, तो संबंधित व्यक्ति को फोन के माध्यम से सूचित किया जाएगा। इस व्यवस्था के बाद नागरिकों को तहसीलों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। अब वे घर बैठे पूरी प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और तय समय पर तहसील पहुंचकर रजिस्ट्री करवा सकेंगे।
सभी लेन-देन ई-गवर्नेंस पेमेंट गेटवे के माध्यम से होंगे, जिससे दुरुपयोग और भ्रष्टाचार की संभावनाएं समाप्त होंगी। रजिस्ट्री पूरी होते ही सरकारी रिकॉर्ड में मालिक का नाम स्वचालित रूप से अपडेट हो जाएगा, जिसके लिए दफ्तरों में बार-बार जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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डिजिटल सिग्नेचर से बढ़ेगी पारदर्शिता ः अब सभी रजिस्ट्री डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से की जाएंगी। नागरिकों को केवल एक बार अंतिम बायोमेट्रिक सत्यापन और डीड एग्जीक्यूशन के लिए ही पंजीकरण कार्यालय जाना होगा। इससे दस्तावेजों के खोने या जालसाजी का जोखिम लगभग समाप्त हो जाएगा।
सभी रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे, जिससे उनके खोने या खराब होने की चिंता नहीं रहेगी। नई प्रणाली लागू करने से पहले अधिकारियों व कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
गौरतलब है कि कुरुक्षेत्र जिले की बाबैन उप-तहसील में इस परियोजना का सफल पायलट परीक्षण किया गया था, जिसके बाद इसे पूरे राज्य में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। इस संबंध में डिप्टी कमिश्नर डॉ. प्रीति ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा दिवस पर पंचकूला में राज्य स्तरीय कार्यक्रम से कैथल सहित प्रदेश के सभी 22 जिलों में पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली को लागू किया है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य भ्रष्टाचार समाप्त करना और नागरिकों को सरल, पारदर्शी व सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराना है। अब अधिकांश कार्य ऑनलाइन ही पूरे किए जा सकेंगे।
जिले की सभी तहसीलों में शुरू हुई व्यवस्था
कैथल जिले की चार तहसीलें- कैथल, कलायत, गुहला और पूंडरी और तीन उप-तहसीलें- राजौंद, सीवन और ढांड में पेपरलेस रजिस्ट्री की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। नागरिक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सरकार द्वारा निर्धारित समयावधि में दस्तावेजों की जांच कर रजिस्ट्री की जाएगी।
दलालों से मिलेगा छुटकारा ः राजेंद्र नामक नागरिक ने कहा कि यह सरकार का सराहनीय कदम है। पहले रजिस्ट्री में महीनों लग जाते थे, अब केवल एक दिन तहसील जाकर कार्य पूरा हो जाएगा। इससे दलालों के चक्कर से मुक्ति मिलेगी और लोगों का समय व धन दोनों बचेंगे।
मुख्य विशेषताएं
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रजिस्ट्री के लिए नागरिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
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खरीदार–विक्रेता के दस्तावेज़, पहचान पत्र, खतौनी आदि अपलोड किए जाते हैं।
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स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान ई-स्टांप सिस्टम से किया जाता है।
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सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और डिजिटल सिग्नेचर के जरिए रजिस्ट्री पूरी होती है।
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रजिस्ट्री पूरी होने के बाद नागरिक को डिजिटल रजिस्ट्री (PDF या QR कोड सहित प्रमाणित कॉपी) मिलती है।
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रजिस्ट्री रिकॉर्ड राजस्व रिकॉर्ड (जमाबंदी / फर्द) से लिंक हो जाता है, जिससे फर्जीवाड़े की संभावना घट जाती है।
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कैथल। जिले की सभी तहसीलों में पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली सुचारू रूप से शुरू हो चुकी है। सोमवार को कैथल जिले में तीन आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से एक कलायत और दो कैथल तहसील से संबंधित हैं। फिलहाल रजिस्ट्री नहीं हुई है, लेकिन ऑनलाइन दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद इन्हें मंजूरी दी जाएगी।
ऑनलाइन रजिस्ट्री की जांच आरसीसी-1 यूजर पोर्टल पर की जा रही है। यदि दस्तावेज अधूरे हैं, तो संबंधित व्यक्ति को फोन के माध्यम से सूचित किया जाएगा। इस व्यवस्था के बाद नागरिकों को तहसीलों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। अब वे घर बैठे पूरी प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और तय समय पर तहसील पहुंचकर रजिस्ट्री करवा सकेंगे।
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सभी लेन-देन ई-गवर्नेंस पेमेंट गेटवे के माध्यम से होंगे, जिससे दुरुपयोग और भ्रष्टाचार की संभावनाएं समाप्त होंगी। रजिस्ट्री पूरी होते ही सरकारी रिकॉर्ड में मालिक का नाम स्वचालित रूप से अपडेट हो जाएगा, जिसके लिए दफ्तरों में बार-बार जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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डिजिटल सिग्नेचर से बढ़ेगी पारदर्शिता ः अब सभी रजिस्ट्री डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से की जाएंगी। नागरिकों को केवल एक बार अंतिम बायोमेट्रिक सत्यापन और डीड एग्जीक्यूशन के लिए ही पंजीकरण कार्यालय जाना होगा। इससे दस्तावेजों के खोने या जालसाजी का जोखिम लगभग समाप्त हो जाएगा।
सभी रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे, जिससे उनके खोने या खराब होने की चिंता नहीं रहेगी। नई प्रणाली लागू करने से पहले अधिकारियों व कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
गौरतलब है कि कुरुक्षेत्र जिले की बाबैन उप-तहसील में इस परियोजना का सफल पायलट परीक्षण किया गया था, जिसके बाद इसे पूरे राज्य में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। इस संबंध में डिप्टी कमिश्नर डॉ. प्रीति ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा दिवस पर पंचकूला में राज्य स्तरीय कार्यक्रम से कैथल सहित प्रदेश के सभी 22 जिलों में पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली को लागू किया है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य भ्रष्टाचार समाप्त करना और नागरिकों को सरल, पारदर्शी व सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराना है। अब अधिकांश कार्य ऑनलाइन ही पूरे किए जा सकेंगे।
जिले की सभी तहसीलों में शुरू हुई व्यवस्था
कैथल जिले की चार तहसीलें- कैथल, कलायत, गुहला और पूंडरी और तीन उप-तहसीलें- राजौंद, सीवन और ढांड में पेपरलेस रजिस्ट्री की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। नागरिक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सरकार द्वारा निर्धारित समयावधि में दस्तावेजों की जांच कर रजिस्ट्री की जाएगी।
दलालों से मिलेगा छुटकारा ः राजेंद्र नामक नागरिक ने कहा कि यह सरकार का सराहनीय कदम है। पहले रजिस्ट्री में महीनों लग जाते थे, अब केवल एक दिन तहसील जाकर कार्य पूरा हो जाएगा। इससे दलालों के चक्कर से मुक्ति मिलेगी और लोगों का समय व धन दोनों बचेंगे।
मुख्य विशेषताएं
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रजिस्ट्री के लिए नागरिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
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खरीदार–विक्रेता के दस्तावेज़, पहचान पत्र, खतौनी आदि अपलोड किए जाते हैं।
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स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान ई-स्टांप सिस्टम से किया जाता है।
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सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और डिजिटल सिग्नेचर के जरिए रजिस्ट्री पूरी होती है।
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रजिस्ट्री पूरी होने के बाद नागरिक को डिजिटल रजिस्ट्री (PDF या QR कोड सहित प्रमाणित कॉपी) मिलती है।
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रजिस्ट्री रिकॉर्ड राजस्व रिकॉर्ड (जमाबंदी / फर्द) से लिंक हो जाता है, जिससे फर्जीवाड़े की संभावना घट जाती है।