फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   No sports nursery could be found for the daughters of Dulyani village who brought laurels to the state

Kaithal News: प्रदेश का नाम रोशन करने वाली डूलयानी गांव की बेटियों के लिए नही मिल पाई कोई खेल नर्सरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 12 Apr 2025 01:57 AM IST
विज्ञापन
No sports nursery could be found for the daughters of Dulyani village who brought laurels to the state
107-कैथल। राजकीय मिडल स्कूल डुल्यानी की बेटियां मैदान पर अभ्यास करती। संवाद
कैथल। हरियाणा प्रदेश का नाम रोशन करने वाली डूलयानी गांव की बेटियों के लिए अब तक कोई खेल नर्सरी नहीं मिल पाई है। यह अब चिंता का विषय बन गया है। पूरे हरियाणा में खो-खो की सबसे बेहतरीन टीमों में से एक टीम राजकीय मिडिल स्कूल डूलयानी गांव की है, जिसने वर्ष 2019 से लगातार स्कूली खेलों में स्वर्ण पदक जीते हैं व हर वर्ष लड़कियां स्कूल राष्ट्रीय प्रतियोगिता में चयनित होती हैं, अभी कुछ दिनों पहले ही कुरुक्षेत्र में हुई जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में तीन लड़कियों ने स्वर्ण पदक जीते हैं।
विज्ञापन

पिछले वर्ष मुख्यमंत्री कप में प्रथम स्थान प्राप्त कर दो लाख रुपये का नकद इनाम भी जीता था। स्कूल की लड़कियों में पारुल, प्रियंका, मुस्कान अब आगामी राष्ट्रीय खो-खो प्रतियोगिता में भाग लेंगी। इसके बावजूद खेल विभाग की ओर से न तो कोई खेल नर्सरी दी गई है और न ही भविष्य को लेकर कोई योजना बताई गई है।
विज्ञापन

राजकीय मिडिल स्कूल डूलयानी में कोच रजनी बाला व सोहन सिंह ने बताया कि इस बार हमने दो खेल नर्सरियों के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। एक तो डूलयानी ग्राम पंचायत की ओर से और दूसरी राजकीय स्कूल टयोंठा के लिए किया था, लेकिन इन दोनों में से खेल विभाग की ओर से कोई भी आवंटित नहीं की गई वहीं खिलाड़ियों को पूरी उम्मीद थी की खेल नर्सरी मिलेगी ताकी उन्हें और सुविधाएं व खुराक भत्ता मिलेगा लेकिन खिलाड़ियों को निराशा ही मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोच रजनी बाला व सोहन सिंह ने बताया कि उनके स्कूल की बेटियां मैदान पर सुबह शाम मेहनत और लगन से खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं और खो-खो जैसे पारंपरिक खेल में पूरे प्रदेश में नाम कमा रही हैं। उन्होंने कहा कि सभी खिलाड़ी मध्यम वर्गीय परिवारों से आती हैं और सीमित संसाधनों के बावजूद पढ़ाई के साथ-साथ खेल में भी शानदार प्रदर्शन कर रही हैं।
ये बेटियां अपने खेल से न केवल जिला बल्कि प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि खेल नर्सरी के लिए ऑनलाइन आवेदन किए गए थे, परंतु हाल ही में खेल विभाग की ओर से जारी की गई जिले की नर्सरियों की सूची में न तो उनके स्कूल का नाम शामिल है और न ही ग्राम पंचायत डूलयानी को कोई नर्सरी आवंटित की गई है। इससे खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ दोनों में भारी निराशा है।
वहीं, खिलाड़ियों का मानना है कि यदि उन्हें सही संसाधन और सरकारी सहायता मिले, तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जीत का परचम लहरा सकती हैं। वर्तमान में गांव की बेटियां बिना किसी सरकारी सहायता के, सिर्फ मेहनत और जुनून के बलबूते पर खेल रही हैं, लेकिन यदि यही स्थिति बनी रही और उन्हें खेल नर्सरी जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं दी गईं तो भविष्य में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी होना तय है।

डूलयानी ग्राम पंचायत ने सरकार व खेल विभाग से मांग की है कि इस गांव को जल्द से जल्द खो-खो की खेल नर्सरी प्रदान की जाए, ताकि इन बेटियों का हौसला और बढ़े और वे भविष्य में भी प्रदेश और देश का नाम ऊंचा कर सकें।

107-कैथल। राजकीय मिडल स्कूल डुल्यानी की बेटियां मैदान पर अभ्यास करती। संवाद

107-कैथल। राजकीय मिडल स्कूल डुल्यानी की बेटियां मैदान पर अभ्यास करती। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed