अनाज मंडी में रविवार को चौथे दिन गेहूं की खरीद नहीं हुई। किसान गेहूं बिक्री के इंतजार में हैं। जबकि खरीद एजेंसियों के कर्मचारी नमी अधिक बता रहे हैं। वहीं मंडियों में गेहूं का सीजन शुरू होने के बावजूद धान की आवक कम होने की बजाए बढ़ रही है। छप्परों के नीचे धान के ढेर लगे हुए नजर आ रहे हैं।
गेहूं लेकर मंडी में आए किसान कृष्ण, रणधीर, रामकुमार व सतीश ने बताया कि एक अप्रैल से सरकारी खरीद शुरू हो गई है, लेकिन अभी एजेंसी की ओर से गेहूं में नमी बताई जा रही है। रविवार को मंडी में करीब पांच से सात ढेरियां पहुंची, लेकिन खरीद नहीं की गई। किसानों का कहना है कि आवक धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हो गई है, तो खरीद भी शुरू की जानी चाहिए। ताकि किसान समय पर अपनी फसल को बेच सके। कुछ किसानों ने कहा कि उनकी फसल शनिवार को ही मंडी में आ गई थी। अभी तक खरीदी नहीं गई है। दिन-रात मंडी में ही फसल की रखवाली के लिए पहरा देना पड़ता है।
मार्केट कमेटी सचिव रोशन लाल ने बताया कि मंडी में गेहूं की आवक शुरू हो गई है।नमी ज्यादा होने के कारण खरीद नहीं हो रही है। इस बार तीन एजेंसियों की ओर से इखरीद की जानी है। उन्होंने कहा कि किसान रात के समय कंबाइन से कटाई न करें। गेहूं की फसल को सुखाकर ही मंडी में लाएं। गेट पास काटने का काम शुरू कर दिया गया है। किसानों के पास मैसेज भेजे जा रहे हैं।