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Kaithal News: सारण में जिस तालाब में डूबने से हुई 3 मासूम बच्चों की मौत, उस पर अब तक नहीं बनी चाहरदीवारी
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बगैर चारदीवारी के मौजूद गांव का तालाब। संवाद
कसान। गांव सारण में तालाब में डूबने से तीन मासूम बच्चों की मौत के मामले को अब तक लगभग सात महीने का समय हो चुका है मगर उस तालाब की अब तक चाहरदीवारी नहीं बनाई गई है।
इस घटना में गांव के ही नमन (9), वंश (8) और अक्षय (7) की तालाब में डूबने की वजह से मौत हो गई थी। तीनों मासूम बच्चे रिश्ते में चचेरे भाई थे। तीनों बच्चों की मौत के बाद गांव सारण में मातम छा गया था। घटना के बाद से लगातार ग्रामीणों की ओर से इस तालाब की चाहरदीवारी बनवाने की मांग की जा रही थी, जो आज तक अधूरी है।
ग्रामीण सुभाष ने बताया कि इस घटना ने पूरे ही गांव को झकझोर कर रख दिया था। ग्राम पंचायत अपने स्तर पर चाहरदीवारी निकालने के लिए सक्षम नहीं है, इसलिए ग्रामीणों ने तब कैथल जिला प्रशासन से तालाब की स्थिति ठीक करने की गुहार लगाई थी। लेकिन आज तक इसमें कुछ नहीं हुआ। ऐसे में छोटे बच्चों का हमेशा इसके अंदर गिरने का खतरा बना रहता है।
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गांव की सरपंच सुदेश कुमारी का कहना है कि उनकी ग्राम पंचायत कई बार कैथल जिला प्रशासन को तालाब की चाहरदीवारी निकालने के लिए लिख चुकी है। इसके अलावा उन्होंने पंचकूला के अंदर हरियाणा पौंड अथॉरिटी में जाकर भी इसकी मांग की थी लेकिन उनका जवाब था कि इसके लिए उनके पास पर्याप्त फंड नहीं है। जो भी फंड था, वह पुराने प्रोजेक्ट के अंदर लगा रखा है। नए प्रोजेक्ट पर जब काम शुरू होगा, तब इस पौंड को भी उसमें शामिल कर लिया जाएगा। ग्राम पंचायत सारण के पास अभी पर्याप्त फंड नहीं है, जिस वजह से चाहरदीवारी नहीं निकाली गई है।
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इस घटना में गांव के ही नमन (9), वंश (8) और अक्षय (7) की तालाब में डूबने की वजह से मौत हो गई थी। तीनों मासूम बच्चे रिश्ते में चचेरे भाई थे। तीनों बच्चों की मौत के बाद गांव सारण में मातम छा गया था। घटना के बाद से लगातार ग्रामीणों की ओर से इस तालाब की चाहरदीवारी बनवाने की मांग की जा रही थी, जो आज तक अधूरी है।
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ग्रामीण सुभाष ने बताया कि इस घटना ने पूरे ही गांव को झकझोर कर रख दिया था। ग्राम पंचायत अपने स्तर पर चाहरदीवारी निकालने के लिए सक्षम नहीं है, इसलिए ग्रामीणों ने तब कैथल जिला प्रशासन से तालाब की स्थिति ठीक करने की गुहार लगाई थी। लेकिन आज तक इसमें कुछ नहीं हुआ। ऐसे में छोटे बच्चों का हमेशा इसके अंदर गिरने का खतरा बना रहता है।
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गांव की सरपंच सुदेश कुमारी का कहना है कि उनकी ग्राम पंचायत कई बार कैथल जिला प्रशासन को तालाब की चाहरदीवारी निकालने के लिए लिख चुकी है। इसके अलावा उन्होंने पंचकूला के अंदर हरियाणा पौंड अथॉरिटी में जाकर भी इसकी मांग की थी लेकिन उनका जवाब था कि इसके लिए उनके पास पर्याप्त फंड नहीं है। जो भी फंड था, वह पुराने प्रोजेक्ट के अंदर लगा रखा है। नए प्रोजेक्ट पर जब काम शुरू होगा, तब इस पौंड को भी उसमें शामिल कर लिया जाएगा। ग्राम पंचायत सारण के पास अभी पर्याप्त फंड नहीं है, जिस वजह से चाहरदीवारी नहीं निकाली गई है।

बगैर चारदीवारी के मौजूद गांव का तालाब। संवाद