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सीएम विंडों में दी गई शिकायत पर भी नहीं हो रही कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो/कैथल
Updated Tue, 08 Sep 2015 11:40 PM IST
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जिला अस्पताल से हटाए जाने पर सीएम विंडों पर दी जा रही शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई न होने के कारण पीड़ित युवक परेशान हैं।
उसने सीएम विंडों में एक बार फिर शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। अमरगढ़ गामड़ी निवासी अर्जुन सिंह ने बताया कि उसका पुत्र विक्रम कल्याण सूचना सहायक के 17 पदों हेतु दिए गए सार्वजनिक विज्ञापन के तहत चयन प्रक्रिया अपनाते हुए फरवरी 2012 में स्वास्थ्य विभाग की एनआरएचएम स्कीम के तहत उसका चयनित हुआ था।
उसने बताया कि मेरिट में टॉप रहने के बाद भी उसके पुत्र को जिला कार्य प्रबंधक ने स्थानीय निवासी का अंक न देकर उसे रिक्त छोड़ दिया और उसके पुत्र को अंतिम पंक्ति में रख दिया।
उसने बताया कि वह जन्म से ही कैथल का स्थाई निवासी है। इसके अलावा उसके सभी सभी कागजात उपरोक्त पते के हैं। अर्जुन सिह ने बताया कि उसके बेटे की नियुक्ति कैथल में होने के बावजूद भी गांव भागल मे कर दी गई। पंरतु जब इसके बारे में पता किया तो उसने बताया कि जो मेरिट में है, उनको नजदीक नियुक्त किया गया है। उसने बताया कि असवैधानिक रूप से इसी वर्ष अप्र्रैल में उसके बेटे को नौकरी से हटा दिया। इस बारे में तीन बार सीएम विंडों में शिकायत की जा चुकी है। लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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उसने सीएम विंडों में एक बार फिर शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। अमरगढ़ गामड़ी निवासी अर्जुन सिंह ने बताया कि उसका पुत्र विक्रम कल्याण सूचना सहायक के 17 पदों हेतु दिए गए सार्वजनिक विज्ञापन के तहत चयन प्रक्रिया अपनाते हुए फरवरी 2012 में स्वास्थ्य विभाग की एनआरएचएम स्कीम के तहत उसका चयनित हुआ था।
उसने बताया कि मेरिट में टॉप रहने के बाद भी उसके पुत्र को जिला कार्य प्रबंधक ने स्थानीय निवासी का अंक न देकर उसे रिक्त छोड़ दिया और उसके पुत्र को अंतिम पंक्ति में रख दिया।
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उसने बताया कि वह जन्म से ही कैथल का स्थाई निवासी है। इसके अलावा उसके सभी सभी कागजात उपरोक्त पते के हैं। अर्जुन सिह ने बताया कि उसके बेटे की नियुक्ति कैथल में होने के बावजूद भी गांव भागल मे कर दी गई। पंरतु जब इसके बारे में पता किया तो उसने बताया कि जो मेरिट में है, उनको नजदीक नियुक्त किया गया है। उसने बताया कि असवैधानिक रूप से इसी वर्ष अप्र्रैल में उसके बेटे को नौकरी से हटा दिया। इस बारे में तीन बार सीएम विंडों में शिकायत की जा चुकी है। लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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