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Kaithal News: एप से मिलेंगी जानकारियां समस्या का होगा समाधान
Mon, 01 Apr 2024 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 01 Apr 2024 01:00 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। लोकसभा चुनाव के दौरान मतदाताओं की सुविधा के लिए चुनाव आयोग ओर से कई ऑनलाइन मोबाइल एप शुरू किए हुए हैं। ये मतदाताओं के साथ-साथ उम्मीदवारों के लिए भी काफी लाभदायक है। इन एप्स का प्रयोग करके सरलतम तरीके से घर बैठे ही चुनाव से संबंधित जानकारियां एवं समस्याओं का समाधान पा सकते हैं। यह जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी प्रशांत पंवार ने दी है।
उन्होंने बताया कि 18 साल का कोई युवा या युवती अपना वोट बनवाना चाहता है तो वह वोटस.ईर्सीआई.इन पर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। हरियाणा प्रदेश में नामांकन प्रक्रिया 29 अप्रैल से आरंभ होगी और 6 मई तक जारी रहेगी।
इसी प्रकार निर्वाचन आयोग ने सी-विजिल के नाम से एक नया एप शुरू किया है। इस मोबाइल एप को डाउनलोड कर कोई भी नागरिक आदर्श आचार संहिता की कहीं अवहेलना हो रही है तो उसकी फोटो या वीडियो बनाकर अपनी शिकायत भेज सकता है, जिसका निवारण निर्वाचन कार्यालय की ओर से 100 मिनट में किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि ऑनलाइन नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए भी निर्वाचन आयोग ने कैंडिडेट नॉमिनेशन एप्लीकेशन के नाम से एक एप बनाया है। कोई भी प्रत्याशी इस एप का प्रयोग कर अपने आवेदन को इस एप पर ऑनलाइन दर्ज करवा सकता है। इसमें ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से अपनी जमानत राशि जमा करने का विकल्प प्रदान किया गया है। एक बार आवेदन दर्ज होने के बाद उम्मीदवार कैंडिडेट सुविधा एप का प्रयोग कर अपने आवेदन की आगामी कार्यवाही पर नजर रख सकते हैं। रिटर्निंग अधिकारियों के लिए आयोग ने एनकोर के नाम से एक सॉफ्टवेयर तैयार किया है। इसमें उम्मीदवारों का आवश्यक डाटा फीड रहता है। उम्मीदवारों की संपत्ति के विवरण को देखने के लिए आयोग ने शपथ पत्र पोर्टल बनाया है। इस एप पर किसी उम्मीदवार की चल-अचल संपत्ति, हलफनामे को ऑनलाइन देखा जा सकता है।
उन्होंने बताया कि इसी प्रकार भारत निर्वाचन आयोग ने बूथ एप के माध्यम से मतदाताओं की डिजिटल पहचान करने की सेवा शुरू की है। मतदाता वोटर हेल्पलाइन एप को अपने ईपीआईसी कार्ड से जोड़कर अपनी मतदाता पर्ची को डाउनलोड कर सकते हैं। वोटर टर्न आउट एप में कुल जनसंख्या के अनुपात में बने वोटों की संख्या को देखा जा सकता है।
दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए आयोग ने पीडब्ल्यूडी एप आरंभ किया है। इस एप का प्रयोग कर दिव्यांगजन अपने नाम, मतदाता पहचान पत्र आदि की जांच कर सकता है। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर इन सभी एप और उनके बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई है।
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कैथल। लोकसभा चुनाव के दौरान मतदाताओं की सुविधा के लिए चुनाव आयोग ओर से कई ऑनलाइन मोबाइल एप शुरू किए हुए हैं। ये मतदाताओं के साथ-साथ उम्मीदवारों के लिए भी काफी लाभदायक है। इन एप्स का प्रयोग करके सरलतम तरीके से घर बैठे ही चुनाव से संबंधित जानकारियां एवं समस्याओं का समाधान पा सकते हैं। यह जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी प्रशांत पंवार ने दी है।
उन्होंने बताया कि 18 साल का कोई युवा या युवती अपना वोट बनवाना चाहता है तो वह वोटस.ईर्सीआई.इन पर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। हरियाणा प्रदेश में नामांकन प्रक्रिया 29 अप्रैल से आरंभ होगी और 6 मई तक जारी रहेगी।
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इसी प्रकार निर्वाचन आयोग ने सी-विजिल के नाम से एक नया एप शुरू किया है। इस मोबाइल एप को डाउनलोड कर कोई भी नागरिक आदर्श आचार संहिता की कहीं अवहेलना हो रही है तो उसकी फोटो या वीडियो बनाकर अपनी शिकायत भेज सकता है, जिसका निवारण निर्वाचन कार्यालय की ओर से 100 मिनट में किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि ऑनलाइन नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए भी निर्वाचन आयोग ने कैंडिडेट नॉमिनेशन एप्लीकेशन के नाम से एक एप बनाया है। कोई भी प्रत्याशी इस एप का प्रयोग कर अपने आवेदन को इस एप पर ऑनलाइन दर्ज करवा सकता है। इसमें ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से अपनी जमानत राशि जमा करने का विकल्प प्रदान किया गया है। एक बार आवेदन दर्ज होने के बाद उम्मीदवार कैंडिडेट सुविधा एप का प्रयोग कर अपने आवेदन की आगामी कार्यवाही पर नजर रख सकते हैं। रिटर्निंग अधिकारियों के लिए आयोग ने एनकोर के नाम से एक सॉफ्टवेयर तैयार किया है। इसमें उम्मीदवारों का आवश्यक डाटा फीड रहता है। उम्मीदवारों की संपत्ति के विवरण को देखने के लिए आयोग ने शपथ पत्र पोर्टल बनाया है। इस एप पर किसी उम्मीदवार की चल-अचल संपत्ति, हलफनामे को ऑनलाइन देखा जा सकता है।
उन्होंने बताया कि इसी प्रकार भारत निर्वाचन आयोग ने बूथ एप के माध्यम से मतदाताओं की डिजिटल पहचान करने की सेवा शुरू की है। मतदाता वोटर हेल्पलाइन एप को अपने ईपीआईसी कार्ड से जोड़कर अपनी मतदाता पर्ची को डाउनलोड कर सकते हैं। वोटर टर्न आउट एप में कुल जनसंख्या के अनुपात में बने वोटों की संख्या को देखा जा सकता है।
दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए आयोग ने पीडब्ल्यूडी एप आरंभ किया है। इस एप का प्रयोग कर दिव्यांगजन अपने नाम, मतदाता पहचान पत्र आदि की जांच कर सकता है। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर इन सभी एप और उनके बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई है।